Amit Shah: सरकार-संगठन की समीक्षा के साथ भाजपा का चुनावी शंखनाद, जनसभा के लिए हरिद्वार चुनने के ये तीन कारण

हरिद्वार से शंखनाद के ये तीन अहम कारण 2022 की कसक : पिछले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की 11 सीटों में से भाजपा मात्र तीन सीटें (हरिद्वार, भेल रानीपुर, रुड़की) ही भाजपा के खाते में आई थीं। बाकी सीटें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय के खाते में गई थीं। शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरके इस गढ़ को वापस पाने की कवायद है। हिंदुत्व का केंद्र : हरिद्वार से निकलने वाला संदेश पूरे राज्य और देश की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करता है। मैदानी समीकरण : उत्तराखंड की सत्ता की राह हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों से होकर गुजरती है। इन जिलों में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को लगातार अच्छी सीटें मिलती रही हैं। लिहाजा, यहां पकड़ मजबूत करना भाजपा की प्राथमिकता है। ये भी पढे़ं…LPG Price Hike: देहरादून में 68 रुपये बढ़े घरेलू सिलिंडर के दाम, कमर्शियल की कीमतों में करीब 150 की बढ़ोतरी जनसभा के बाद बनेगी मिशन 2027 की रणनीति गृह मंत्री शाह की जनसभा के बाद एक निजी होटल में भाजपा की टोली बैठक होगी। पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि टोली बैठक में कोर ग्रुप के 14 सदस्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, महामंत्री संगठन अजय कुमार, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पांच लोकसभा, दो राज्यसभा सांसद, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत के अलावा नौ अन्य प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार, तरुण बंसल, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा शामिल होंगे। माना जा रहा है कि शाह तीसरी लगातार जीत को पुख्ता करने के सूत्र बताएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Diplomacy: 'भारत वो देश, जो किसी भी पक्ष से बात कर सकता है', वैश्विक तनाव के बीच बोले फिनलैंड के राष्ट्रपति

राष्ट्रपति स्टब ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। मुंबई में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने इस मुलाकात का जिक्र किया। स्टब ने कहा, भारत के प्रधानमंत्री के साथ तीन घंटे बिताना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात थी। हमने विश्व भर के संघर्षों, चीन, अमेरिका, रूस और यूरोप के साथ संबंधों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी व्यापक और सार्थक बातचीत की। स्टब ने कहा कि आधुनिक संघर्ष स्थानीय युद्धों से आगे बढ़कर क्षेत्रीय संकट बन गए हैं। उन्होंने कहा स्थिति नाजुक है। स्टब ने क्षेत्र में तनाव कम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही देश झगड़ों से दूर रहने की कोशिश करें, लेकिन कोई भी इसके ग्लोबल असर से बचा नहीं जा सकता, क्योंकि इससे तेल की कीमतें, व्यापार और समुद्री मार्ग हमेशा प्रभावित होते हैं।फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत की संतुलित विदेश नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह नीति भारत को वैश्विक संघर्षों में कई पक्षों से संबंध बनाए रखने में मदद करती है। स्टब के अनुसार, भारत उन दुर्लभ देशों में से है जो लगभग सभी से बात कर सकता है। इसकी विदेश नीति व्यावहारिक और यथार्थवादी है। भारत के गहरे गठबंधन नहीं हैं, जो इसे काफी खुला बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत के रूस, यूक्रेन और अमेरिका के साथ संबंध उसे कूटनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में रखते हैं।यूक्रेन में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए स्टब ने कहा कि रूस का आक्रमण रणनीतिक रूप से विफल रहा है। रूस यूक्रेन को रूसी बनाना चाहता था, लेकिन यूक्रेन यूरोपीय बन गया। वह नाटो के विस्तार को रोकना चाहता था, पर फिनलैंड और स्वीडन इसमें शामिल हो गए। रूस यूरोप का सैन्यीकरण कम करना चाहता था, लेक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar CM: बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में मिलने लगी बधाइयां; अभी नीतीश कुमार सीएम, कतार में और कितने नाम?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से राज्यसभा जाने का एलान किया है तब से एक सवाल सबसे अधिक पूछा जा रहा है? वह बिहार के मुख्यमंत्री से जुड़ा। लोग कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री? इस सवाल पर खूब चर्चा कर रहे हैं। हर गली, नुक्कड़, चौक-चौराहे, गांव से लेकर शहर तक यह सवाल चर्चा में है। लोग अपने अपने हिसाब से कुछ चेहरे को मुख्यमंत्री बता रहे हैं। कुछ जाति के चश्मे से तो कुछ सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएम अमित शाह, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, भाजपा विधायक संजीव चौरसिया समेत कुछ अन्य दिग्गजों की तस्वीर साझा करते हुए लोग उन्हें मुख्यमंत्री बनने की अग्रिम बधाई दे रहे। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में कुछ ऐसे चेहरों सामने आए हैं, जो खूब सूर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं… सियासी गलियारे से लेकर गांव के मचान तक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। कुछ जगह तो यह चर्चा हो रही है कि सम्राट चौधरी को गृह मंत्री अमित शाह खूब पसंद करते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर की एक रैली में अमित शाह ने जनता से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने की बात कही थी। दूसरे दलों से होकर भाजपा में आए सम्राट चौधरी बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे तो सामने नीतीश कुमार तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री थे। बाद में नीतीश वापस एनडीए में आए और सम्राट चौधरी उनके ही डिप्टी सीएम बन गए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सम्राट चौधरी भाजपा की कमान संभाले दिखे। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं, जो जदयू के सामने भाजपा को मजबूत करने में काम आएगा- यह कहा गया था। भाजपा ने चुनावों में उसका असर देखा है। इधर, सम्राट चौधरी रविवार को गृ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान की जंग में उतरेगा पाकिस्तान?: आसिम मुनीर और सऊदी रक्षा मंत्री के बीच हुई बड़ी बैठक; जानें इसके मायने

Met with Pakistan’s Chief of Army Staff and Chief of Defense Forces, Field Marshal Asim Munir. We discussed Iranian attacks on the Kingdom and the measures needed to halt them within the framework of our Joint Strategic Defense Agreement. We stressed that such actions undermine… pic.twitter.com/OuELnf9LU6 — Khalid bin Salman خالد بن سلمان (@kbsalsaud) March 7, 2026 बैठक में ईरान के हालिया हमलों और उन्हें रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। सऊदी रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बैठक संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत हुई और इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने पर जोर दिया।हाल के दिनों में ईरान ने सऊदी अरब के शायबा ऑयल फील्ड को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि छह ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि दो बैलिस्टिक मिसाइलें प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास नष्ट की गईं। यह क्षेत्र यूएई की सीमा के पास स्थित है और पिछले हमलों के बाद अब ईरान सीधे इसमें शामिल हो रहा है।ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका अहम हो गई है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में खुलासा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में ईरान द्वारा सऊदी अरब पर हमलों में कमी या प्रतिक्रिया न देने के पीछे पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल रही है। यह खुलासा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना देता है।इशाक डार ने बताया कि पाकिस्तान का सऊदी अरब के साथ एक रणनीतिक रक्षा समझौता है। जब ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ा, तो पाकिस्तान ने तत्काल ईरान से संपर्क किया। पाकिस्तान ने ईरान को इस रक्षा समझौते के बारे में आगाह कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

'ईरान पर नहीं रूकेंगे हमले': अमेरिका ने अब तक 3000 ठिकानों पर बरपाया कहर, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' तेज; Video जारी

U.S. forces have struck over 3,000 targets in the first week of Operation Epic Fury, and we are not slowing down. pic.twitter.com/Nqn30feTQA — U.S. Central Command (@CENTCOM) March 7, 2026 इस सैन्य वृद्धि के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की। उन्होंने कहा कि ईरान के आत्मसमर्पण के बिना कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने जोर दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर इस्राइल, ईरान के नेतृत्व बदलने के बाद ही किसी समझौते पर विचार करेंगे। उन्होंने ‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ का नारा भी दिया। ट्रंप ने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद वे ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेंगे। ये घटनाक्रम 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद आए हैं। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइली संपत्तियों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए। इस्राइल ने भी तेहरान और लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखे हैं।खामेनेई की मौत के बाद, ट्रंप ने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की इच्छा जताई। उन्होंने वेनेजुएला के राजनीतिक घटनाक्रम में अपनी भागीदारी से इसकी तुलना की। ट्रंप ने दिवंगत सर्वोच्च नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई के संभावित उत्तराधिकार की आलोचना की। उन्होंने मोजतबा को कमजोर और अस्वीकार्य बताया। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान में सद्भाव और शांति लाने वाले नेता को पसंद करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि खामेनेई की नीतियों को जारी रखने से अमेरिका के साथ फिर से संघर्ष हो सकता है।रिपोर्टों में कहा गया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar: जदयू में शामिल होने से पहले एक्टिव हुए निशांत कुमार, MLA संग कर रहे बैठक; नीतीश कुमार आज कहां जाएंगे?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद आज अहले सुबह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने शनिवार की सुबह संजय झा के आवास पर श्रवण कुमार, विजय चौधरी समेत 29 विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चाएं हुईं। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहां वह विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर जदयू के कार्यकर्ता काफी भड़के हुए थे। गुस्सा इतना था कि सीएम हाउस जा रहे संजय गांधी को भी कार्यकर्ताओं ने वहां से खदेड़ दिया था। इतना ही नहीं जदयू के प्रदेश कार्यालय में भी हंगामा होता रहा। मजबूरन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास में विधायकों और एमएलसी की बैठक करनी पड़ी, जिसमें उन्होंने काफी दवाब देते हुए अपने नेताओं को माहौल शांत करने की अपील की। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भावुक भी हो गए थे।जदयू कार्यालय में पुरुष कार्यकर्ता के साथ-साथ महिला कार्यकर्ता भी नीतीश कुमार के इस निर्णय से आक्रोशित हैं। महिला कार्यकर्ताओं ने इस बात का ठीकरा अपने ही वरीय नेताओं संजय गांधी, संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी पर फोड़ा। महिला कार्यकर्ता ने कहा कि यही लोग जयचंद हैं, जिन्होंने भाजपा के इशारे पर यह खेल किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये भूंजा पार्टी करने वाले ही असली साजिशकर्ता हैं। इसको सभी बातों की जानकारी थी, लेकिन इनलोगों ने अपना फायदा देखते हुए पार्टी को रसातल में भेजने का काम किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर राज्यसभा गए तो सभी मह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia War: ईरान पर आज होगा अब तक का सबसे घातक हमला; जंग के बीच इस्राइल को मिलेगी ताकत, अमेरिका देगा हथियार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने प्रमुख सहयोगी इस्राइल को 151 मिलियन डॉलर (लगभग 1300 करोड़ रुपये) के भारी बमों की आपूर्ति को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात इस हथियार सौदे की घोषणा की, जिसमें आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए संसद की सामान्य समीक्षा प्रक्रिया को छोड़ दिया गया। इस आपातकालीन पैकेज में BLU-110A/B सामान्य उपयोग वाले बम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका इस्राइल को लॉजिस्टिक सहायता और अन्य आवश्यक सपोर्ट सेवाएं भी प्रदान करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में अमेरिका के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार की सुरक्षा को मजबूत करना है, जो क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाता रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस्राइल इन बमों का इस्तेमाल किस विशिष्ट उद्देश्य या स्थान के लिए करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह सौदा इस्राइल की वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा, उसकी घरेलू रक्षा को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ एक निवारक शक्ति के रूप में कार्य करेगा।इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि अमेरिका की ओर से ईरान पर आज रात अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। बेसेंट के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरानी मिसाइल लॉन्चिंग स्थल और मिसाइल निर्माण कारखानों को निशाना बनाना होगा, जिससे ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को काफी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने ईरान पर आर्थिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: पश्चिम एशिया युद्ध का आठवां दिन; एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी; नेपाल में जेन-जी सरकार के आसार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब आटवें दिन में प्रवेश कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी आज से 115 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे व्यवसायों पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह उर्फ बालेन की नई राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) आम चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। यह चुनावी राजनीतिक संकट के कारण कराया गया है। सितंबर में जेन-जी के नेतृत्व में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद केपी शर्मा ओली ओली की सरकार गिर गई थी। चुनाव आयोग के मुताबिक कुल 165 सीटों में से 144 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। इनमें आरएसपी छह सीटें जीत चुकी है और 109 सीटों पर आगे चल रही है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

Social Media: विदेश के बाद अब भारत में भी सख्ती; राज्यों में कड़े फैसले, कंपनियों की नीति क्या? जानिए सबकुछ

बच्चों और किशोरों में सोशल मीडिया की बढ़ती लत को अब ब्रिटेन जैसे देशों में ‘सिगरेट’ के समान खतरनाक माना जा रहा है। डिजिटल सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कड़े रुख के बाद अब भारत में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने प्रतिबंध की घोषणाएं की हैं, वहीं दिग्गज टेक कंपनियां इन पाबंदियों को रोकने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही हैं। आइए सवाल-जवाब के जरिए इस आर्थिक और नीतिगत पहलुओं को समझते हैं। भारत में राज्यों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर क्या कड़े फैसले लिए हैं? भारत में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर राज्य सरकारें आक्रामक रुख अपना रही हैं। कर्नाटक देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए यह अहम एलान किया। इसी तर्ज पर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी अगले 90 दिनों के भीतर 13 साल (या 16 साल) से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस बंद करने की घोषणा की है। इन राज्यों का तर्क है कि डिजिटल लत से बच्चों की मानसिक सेहत, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और सीखने की आदत पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। केंद्र सरकार का इस मुद्दे पर क्या रुख है? केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव भी साफ कर चुके हैं कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और समाज की सुरक्षा के लिए टेक कंपनियों के साथ गंभीर चर्चा चल रही है। सरकार वर्तमान में उम्र-आधारित एक्सेस कंट्रोल लागू करने पर व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk

LPG price increased: घरेलू एलपीजी के दाम 60 और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में 115 रुपये बढ़ोतरी, नई दरें लागू

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी आज से 115 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे व्यवसायों पर असर पड़ेगा। एलपीजी के संदर्भ में, सरकार ने सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि पूरे देश में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी के भंडार के मामले में भारत की स्थिति फिलहाल अच्छी है। सूत्रों के अनुसार, जनवरी से अमेरिका से एलपीजी भारत में आनी शुरू हो गई है। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने नवंबर 2025 में अनुबंध वर्ष 2026 के लिए अमेरिकी खाड़ी तट से लगभग 2.2 मीट्रिक टन प्रति वर्ष एलपीजी आयात करने के लिए एक साल का अनुबंध किया है।" data-placeholder=“Translation” data-ved=“2ahUKEwjH_Y_s-4uTAxVnSmwGHYseAR4Q3ewLegQIBBAW” dir=“ltr” id=“tw-target-text” role=“text” tabindex="-1"> एस्मा लागू सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। मुंबई में, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई दर अब 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में, कीमत 879 रुपये से बढ़कर 0.30 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। संशोधित दरें आज से तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।यह वृद्धि व्यवसायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों पर भी लागू होती …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 7, 2026 · 2 min · National Desk