ट्रंप का यू-टर्न: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले भारत को बताया था नरक, अब कहा- यह महान देश, शीर्ष पर मेरे दोस्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट का अंश साझा किया। इस पोस्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता के कानून की आलोचना की गई थी। इस दौरान भारत और चीन जैसे देशों के लिए अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। ये भी कहा गया था कि भारत और चीन के लोग अमेरिका में सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि उनके बच्चे वहां पैदा हों और उन्हें तुरंत अमेरिकी नागरिकता मिल जाए।हैरान करने वाली बात यह थी कि इस पोस्ट में भारत को ‘हेल-होल’ यानी नरक की संज्ञा दी गई थी। ट्रंप के पत्र में दावा किया गया कि कैलिफोर्निया के तकनीकी क्षेत्र में भारतीयों का वर्चस्व है और वे अमेरिकी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस पोस्ट के बाद न केवल अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में रोष फैला, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी आलोचना हुई।चौतरफा दबाव और शायद कूटनीतिक परिणामों को भांपते हुए ट्रंप ने अगले 24 घंटों में अपनी भाषा पूरी तरह बदल ली। नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने स्पष्ट किया कि रिपब्लिकन नेता ने अब भारत के बारे में बहुत गर्मजोशी से बात की है। ट्रंप ने अपने नए बयान में कहा, ‘भारत एक महान राष्ट्र है और इस देश के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति मेरा बहुत अच्छा दोस्त है।‘इस बीच कांग्रेस ने वीडियो जारी कर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्रंप की इस टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे हुए हैं और ट्रंप ने भारत को नरक का द्वार बता दिया। यह 140 करोड़ भारतीय का अपमान है। सरकार को इस अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ अमेरिका के सामने सख्त विरोध दर्ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 24, 2026 · 2 min · National Desk

Election Hot Seats: बंगाल में नेता विपक्ष तो तमिलनाडु में CM की सीट दांव पर, जानें किस हॉट सीट पर कितनी वोटिंग

Election Hot Seats: बंगाल में नेता विपक्ष तो तमिलनाडु में CM की सीट दांव पर, जानें किस हॉट सीट पर कितनी वोटिंग जिन खास सीटों के मुकाबले पर आम लोगों और विश्लेषकों की नजर बनी हुई है, उनमें पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में मुख्यमंत्री और डीएमके के मुखिया एमके स्टालिन, उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन और फिल्म जगत से राजनीति में आए दलपति विजय शामिल हैं। आइये जानते हैं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति की हॉट सीट और इन पर जारी हॉट मुकाबलों में हुई वोटिंग के बारे में। ये भी पढ़ें: West Bengal-Tamil Nadu Polls: बंगाल-तमिलनाडु में मतदान का आधिकारिक समय समाप्त, दोनों राज्यों में बंपर वोटिंग जिन खास सीटों के मुकाबले पर आम लोगों और विश्लेषकों की नजर बनी हुई है, उनमें पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में मुख्यमंत्री और डीएमके के मुखिया एमके स्टालिन, उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन और फिल्म जगत से राजनीति में आए दलपति विजय शामिल हैं। आइये जानते हैं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति की हॉट सीट और इन पर जारी हॉट मुकाबलों में हुई वोटिंग के बारे में। पश्चिम बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों और तमिलनाडु की सभी सीटों पर आज म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप का यूटर्न: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले भारत को बताया था नरक, अब कहा- यह महान देश, शीर्ष पर मेरे दोस्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट का अंश साझा किया। इस पोस्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता के कानून की आलोचना की गई थी। इस दौरान भारत और चीन जैसे देशों के लिए अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। ये भी कहा गया था कि भारत और चीन के लोग अमेरिका में सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि उनके बच्चे वहां पैदा हों और उन्हें तुरंत अमेरिकी नागरिकता मिल जाए।हैरान करने वाली बात यह थी कि इस पोस्ट में भारत को ‘हेल-होल’ यानी नरक की संज्ञा दी गई थी। ट्रंप के पत्र में दावा किया गया कि कैलिफोर्निया के तकनीकी क्षेत्र में भारतीयों का वर्चस्व है और वे अमेरिकी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस पोस्ट के बाद न केवल अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय में रोष फैला, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी आलोचना हुई।चौतरफा दबाव और शायद कूटनीतिक परिणामों को भांपते हुए ट्रंप ने अगले 24 घंटों में अपनी भाषा पूरी तरह बदल ली। नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने स्पष्ट किया कि रिपब्लिकन नेता ने अब भारत के बारे में बहुत गर्मजोशी से बात की है। ट्रंप ने अपने नए बयान में कहा, ‘भारत एक महान राष्ट्र है और इस देश के शीर्ष पर बैठा व्यक्ति मेरा बहुत अच्छा दोस्त है।‘इस बीच कांग्रेस ने वीडियो जारी कर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्रंप की इस टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी साधे हुए हैं और ट्रंप ने भारत को नरक का द्वार बता दिया। यह 140 करोड़ भारतीय का अपमान है। सरकार को इस अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ अमेरिका के सामने सख्त विरोध दर्ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu Polls: जारी रहेगा द्रविड़ पार्टियों का संग्राम या एक अभिनेता चुना जाएगा नेता? किस्मत EVM में कैद

Tamil Nadu Polls: जारी रहेगा द्रविड़ पार्टियों का संग्राम या एक अभिनेता चुना जाएगा नेता? किस्मत EVM में कैद ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर तमिलनाडु में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों से जुड़ी जानकारी क्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे? तमिलनाडु में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने की संभावना है? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे? इस बार तमिलनाडु के चुनावी मुद्दे क्या हैं? आइये जानते हैं… तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार (23 अप्रैल) को मतदान पूरा हो गया। राज्य की द्रविड़ पार्टियां- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) अभी भी मुख्य रूप से आमने-सामने हैं। राष्ट्रीय पार्टियां- भाजपा और कांग्रेस बैक सीट पर यानी इन दलों के साथ चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि, इस पूरे मुकाबले में इस बार रंग जमाया है अभिनेता विजय ने, जिनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम तमिलनाडु की राजनीति में स्थापित पार्टियों को कड़ी चुनौती देने की कोशिश कर रही है। मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या स्थिति? तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदाताओं और मतदान केंद्रों के संदर्भ में चुनाव आयोग की तरफ से विस्तृत आंकड़े और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदाताओं और मतदान केंद्रों के संदर्भ में चुनाव आयोग की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal Election: पहले चरण में इन दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद, कहां सबसे तगड़ा मुकाबला?

West Bengal Election: पहले चरण में इन दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद, कहां सबसे तगड़ा मुकाबला? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर बंगाल में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या संख्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे हैं? बंगाल में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने के आसार हैं? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे? आइये जानते हैं… ये भी पढ़ें: Tamil Nadu Election: जारी रहेगा द्रविड़ पार्टियों का संग्राम या एक अभिनेता को नेता चुनेगा तमिलनाडु? तय होगा आज ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर बंगाल में इस बार मतदाताओं और मतदान केंद्रों की क्या संख्या है? इस बार राज्य में कौन से खास चेहरे उतरे हैं? बंगाल में इस बार कड़ी टक्कर किस-किस सीट पर होने के आसार हैं? राज्य में पिछले चुनाव के क्या नतीजे थे? पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ। इस चरण में राज्य की 294 में से 152 सीटों पर वोटिंग हुई। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच होने का अनुमान है। हालांकि, कभी बंगाल की सत्ता पर राज करने वाली कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी मुकाबले में हैं। इन दलों ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ते हुए कई सीटों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

नहीं रहे शिव रतन अग्रवाल: बिकाजी फूड्स के संस्थापक का निधन, 74 वर्ष की आयु में चेन्नई में ली अंतिम सांस

जानकारी के अनुसार, शिव रतन अग्रवाल पिछले कुछ समय से चेन्नई में थे। उनकी पत्नी का हाल ही में बायपास सर्जरी हुआ था और वह उनकी देखभाल के लिए वहां रुके हुए थे। डॉक्टरों ने उन्हें भी आराम करने की सलाह दी थी। गुरुवार को अचानक उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में चेन्नई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।शिव रतन अग्रवाल का जन्म उस प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार में हुआ था जिसने हल्दीराम की नींव रखी थी। वह गंगाबिशन हल्दीराम भुजियावाला के पोते थे। उनके भाइयों ने परिवार के पुश्तैनी कारोबार को आगे बढ़ाया, लेकिन शिव रतन ने अपनी एक अलग पहचान बनाने का निर्णय लिया। वर्ष 1986 में उन्होंने शिवदीप प्रोडक्ट्स के साथ अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू की। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने बिकाजी ब्रांड लॉन्च किया। इसका नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका के नाम पर रखा गया था।उनका मुख्य उद्देश्य बीकानेर के पारंपरिक स्वाद, विशेषकर वहां की भुजिया को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना था। आज बिकाजी न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी एक जाना-माना नाम है। बिकाजी भुजिया, नमकीन, मिठाइयों और रेडी-टू-ईट उत्पादों के लिए मशहूर है।बिकाजी फूड्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि शिव रतन अग्रवाल हमेशा से कंपनी के मार्गदर्शक रहे। उन्होंने पारंपरिक स्वाद को आधुनिक व्यावसायिक पद्धतियों के साथ जोड़कर बिकाजी की नींव रखी। उनकी रणनीतिक सूझबूझ और चुनौतियों को हल करने की क्षमता ने कंपनी को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘शिव रतन अग्रवाल जी ने बिकाजी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

Assembly Election Live: दोपहर तीन बजे तक बंगाल में 78.77%; तमिलनाडु में 70% मतदान हुआ

03:53 PM, 23-Apr-2026 बहरामपुर में दिख रहा एसाईआर का असर- कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और क्षेत्र के माहौल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इंकंबेंसी) के साथ-साथ एसाईआर (स्पेशल ऑब्जर्वर रिपोर्ट/सिस्टम) का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है। चौधरी ने कहा कि हालांकि कांग्रेस ने शुरुआत से ही इस व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की सख्ती के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी में काफी कमी आई है। उनके अनुसार, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की दिशा में यह एक राहत भरी खबर है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बहरामपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और क्षेत्र के माहौल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इंकंबेंसी) के साथ-साथ एसाईआर (स्पेशल ऑब्जर्वर रिपोर्ट/सिस्टम) का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है। चौधरी ने कहा कि हालांकि कांग्रेस ने शुरुआत से ही इस व्यवस्था का विरोध किया था, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की सख्ती के कारण क्षेत्र में गुंडागर्दी में काफी कमी आई है। उनके अनुसार, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की दिशा में यह एक राहत भरी खबर है। 03:36 PM, 23-Apr-2026 दोपहर 3 बजे तक बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग देश के दो प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

प्रवेश वाही का मेयर बनना तय: पार्टी और सीएम दोनों की हैं पसंद, सरकार के साथ सहज भाव बनेगा काम की ताकत

क्लीन दिल्ली का लक्ष्य चुनौती दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हाल ही में एमसीडी की जिम्मेदारियों को लेकर साफ संदेश दिया है कि राजधानी को साफ-सुथरा और बेहतर बनाने में निगम की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बजट की कमी नहीं होगी और जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन क्लीन दिल्ली का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना होगा। ऐसे में, अगर प्रवेश वाही मेयर बनते हैं तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली को साफ और व्यवस्थित बनाना होगी। साथ ही, सरकार और निगम के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगा। फिलहाल सियासी हालात पूरी तरह उनके पक्ष में नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि मेयर बनने के बाद प्रवेश वाही राजधानी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 1 min · National Desk

MCD: भाजपा ने महापौर, उप-महापौर के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की, प्रवेश वाही पर जताया भरोसा, देखें पूरी सूची

भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही दिल्ली के नए महापौर होंगे। भाजपा ने गुरुवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन उनके नाम का एलान किया। एमसीडी में दलीय स्थिति को देखते हुए उनका दिल्ली का अगला महापौर बनना लगभग तय है। क्योंकि सदन में भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त है इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने महापौर और उपमहापौर का चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। 29 अप्रैल को निगम सदन की बैठक में महापौर, उपमहापौर और स्थाई समिति के तीन सदस्यों का चुनाव होगा। आम आदमी पार्टी ने अपने कोटे के स्थाई समिति के एक सदस्य के अन्य पदों के लिए अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। ऐसे में चुनाव औपचारिकता बनकर रह जाएगा और प्रवेश वाही के नाम पर मुहर लगना तय है।तीन बार पार्षद रह चुके प्रवेश वाही को संगठन में अनुभवी और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। वे पूर्ववर्ती उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और वर्तमान में नेता सदन की भूमिका निभा रहे थे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकी और संगठनात्मक पकड़ ने उनकी दावेदारी को मजबूत बनाया।हालांकि, अंतिम निर्णय से पहले अंदरखाने कुछ असहमति की खबरें भी सामने आई थीं। मुख्यमंत्री आवास पर हुई चर्चा में कुछ पार्षदों ने उनके नाम पर आपत्ति जताई, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता देते हुए वाही पर भरोसा जताया।भाजपा ने नेतृत्व ने आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत को उप महापौर पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव को नेता सदन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जय भगवान यादव को स्थायी समिति का सदस्य बनाने का भी फैसला किया गया है। इसके अलावा पहाड़गंज से पार्षद मनीष चढ्ढा को स्थायी समिति सदस्य के ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk

Fuel Price Hike: पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की बात को सरकार ने बताया गलत, कहा- बाजार में फैलाई जा रही अफवाह

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ समाचार रिपोर्टों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा है। सरकार के सामने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही ऐसी खबरें- मंत्रालय दरअसल, कोटक संस्थागत इक्विटी की रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। देश में जारी राज्य चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सरकार के अनुसार, ऐसी खबरें लोगों में डर और घबराहट फैलाने के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जनता को रहात देने का प्रयास जारी- सरकार मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद आम जनता को राहत देने के लिए लगातार कदम उठाए हैं, ताकि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। किन कारणों से बढ़ते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई अहम कारकों से तय होती हैं। इनमें सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों का होता है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल इसी से तैयार किए जाते हैं। वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल महंगा होने पर घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 23, 2026 · 2 min · National Desk