Caste Census: जातिगत गिनती की बाधाएं दूर करने की कोशिश, अगस्त में प्रश्नावली; आंकड़ों की शुद्धता पर जोर

लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जातिगत जनगणना इसी साल सितंबर में होनी है, ऐसे में जनगणना के दूसरे चरण से जुड़े सवाल अगस्त महीने में जारी कर दिए जाएंगे। जनगणना का पहला चरण अब पूरा होने को है। अगले चरण के लिए एक मार्च, 2027 के दिन को मानक मानकर लोगों की गिनती व उनकी जाति की गणना के लिए प्रश्नावली का फ्रेमवर्क बन रहा है। इसमें हर नागरिक से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी।दूसरे चरण का काम शुरू करने से भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से पहले जनगणना प्रगणकों का एक पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इसमें जाति पता करने में कई तरह की भ्रामक या आधी अधूरी सूचनाएं मिल रही हैं। अब समस्या है कि जातियों व उपजातियों का वर्गीकरण कैसे किया जाए। अगर किसी से केवल उसकी जाति पूछी जाए, तो एक जाति वर्ग में आने वाले लोग अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम ले रहे हैं। इसीलिए जातिगत आंकड़ों की सटीकता व शुद्धता पर ज्यादा जोर है।जब 1931 में आखिरी जातिगत जनगणना हुई, तो 4,147 जातियों के नाम सामने आए। जब 2011 की जनगणना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना हुई, तो 46 लाख जातियां निकल आईं। जातियों की संख्या इसलिए बढ़ गई क्योंकि प्रश्नावली में सीधा सवाल पूछा गया कि आपकी जाति क्या है। जवाब में जातियों, उप-जातियों, गोत्र व कुल के नाम भी लोगों ने दर्ज कराए। इसीलिए केंद्र सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 2011 में जाति गणना त्रुटियों से भरी हुई है।शायद इसी वजह से इस कवायद का निर्रथक माना गया और इसके नतीजे सार्वजनिक नहीं हुए। अब उन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran: 'बातचीत की हर कोशिश चाहते थे राष्ट्रपति ट्रंप', पीएम नेतन्याहू ने बताई ईरान पर अमेरिकी नीति क्या?

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ईरान के साथ बातचीत के जरिए परमाणु मुद्दे का समाधान निकालना चाहते थे। उनके मुताबिक, ट्रंप की कोशिश थी कि राजनयिक समझौते की सभी संभावनाएं पूरी तरह खत्म होने के बाद ही दूसरे विकल्पों पर विचार किया जाए। एनबीसी के मीट द प्रेस कार्यक्रम में एक साक्षात्कार के दौरान नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अगर तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है, तो अमेरिकी नेता बल प्रयोग करने में संकोच नहीं करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के माध्यम से खास रूप से परमाणु मुद्दे पर समझौते तक पहुंचने की हर संभव कोशिश करना चाहते हैं। लेकिन जाहिर है, जब ईरान अपने हर वादे को तोड़ता है, तो वे बल प्रयोग करने से भी नहीं हिचकिचाते और आमतौर पर वादे करने के कुछ घंटों या कुछ मिनटों के भीतर ही वे ऐसा कर देते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि हमें राष्ट्रपति को अपना मौका देना चाहिए।’ नेतन्याहू ने आभार क्यों व्यक्त किया? इस्राइल के प्रधानमंत्री ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करने में अमेरिका- इस्राइल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कहा कि उनके संयुक्त प्रयासों ने तेहरान को परमाणु हथियार और उन्हें पहुंचाने के साधन हासिल करने से रोक दिया है। उन्होंने कहा, ‘आप जानते हैं इस्राइल इस बात के लिए बेहद आभारी है कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार और उन्हें पहुंचाने के साधन हासिल करने से रोकने के लिए सेना में शामिल हुआ, न केवल हमारे खिलाफ बल्कि पूरे पश्चिम और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ।’ परमाणु को लेकर क्या बोले नेतन्याहू? नेतन्याहू ने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026: छह गुना बढ़ेगा स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च, कई बड़ी बीमारियों पर फोकस

नई नीति में सरकार ने कहा है कि अब सिर्फ शोध पत्र प्रकाशित करना उद्देश्य नहीं, बल्कि ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिससे नई दवाएं, वैक्सीन, जांच तकनीक और इलाज आम लोगों तक तेजी से पहुंच सके। ड्राफ्ट नीति के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य अनुसंधान का पूरा फोकस उन बीमारियों पर रहेगा, जिनका देश में सबसे ज्यादा बोझ है। इनमें कैंसर, टीबी, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, संक्रामक रोग और बुजुर्गों की बीमारियां शामिल हैं। सरकार समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान एजेंडा तैयार करेगी, ताकि जरूरत के मुताबिक प्राथमिकताएं तय की जा सकें।नीति के तहत देशभर के मेडिकल कॉलेजों में मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, अभी तक वायरस की जांच और रिसर्च करने वाली वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (वीआरडीएल) को अपग्रेड कर इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (आईआरडीएल) बनाया जाएगा। इससे बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी जनित बीमारियों पर भी व्यापक रिसर्च हो सकेगी। ड्राफ्ट नीति में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के संस्थानों को देश के स्वास्थ्य अनुसंधान की रीढ़ बनाने की बात कही गई है। इसके लिए अत्याधुनिक लैब, नई तकनीक और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय विकसित किया जाएगा, ताकि देशभर में एक मजबूत रिसर्च नेटवर्क तैयार हो सके।सरकार ने नीति में स्टार्टअप, उद्योग, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च संस्थानों के सहयोग से स्वदेशी दवाओं, वैक्सीन, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट के विकास पर जोर दिया है। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जीनोमिक्स, डिजिटल हेल्थ डाटा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: अमेरिका ने फिर की ईरान पर बमबारी, धमाकों से दहले कई इलाके; तेहरान ने दिया क्या जवाब?

सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।ईरान के विदेश मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के हालिया प्रयासों को कमजोर किया है। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत “वैध सैन्य लक्ष्य” मान सकते हैं।मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयान को भी खारिज किया। ईरान ने इसे “पूरी तरह झूठ” बताते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।सेंटकॉम ने कहा, “आज शाम 5 बजे (ईटी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान पर एक और दौर के हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। राष्ट्रपति ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों का निर्देश दिया है।“अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान के सरकारी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

Thailand Pub Fire Incident: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 लोगों की मौत; कई गंभीर रूप से घायल

A fire tore through a restaurant in Bangkok’s Chom Phon area of Chatuchak, Thailand, killing at least 29. pic.twitter.com/p2NTGrK1jp — Open Source Intel (@Osint613) July 12, 2026 वर्ष 2022 में देश के पूर्वी हिस्से के एक म्यूजिक पब में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सैंटिका नाइटक्लब में नववर्ष समारोह के दौरान आग लगने से 66 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस हादसे का कारण कथित तौर पर इनडोर आतिशबाजी थी। राहतकर्मियों ने बताया कि आग लगने की सूचना देर रात को मिली। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए, जबकि आसमान में काले धुएं का घना गुबार फैल गया।थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल ने घटनास्थल पर पत्रकारों से कहा कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है और कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को लगभग 30 मिनट लगे। हादसे के बाद की तस्वीरों में पब के अंदर जली हुई मेज-कुर्सियां और बुरी तरह क्षतिग्रस्त ढांचा दिखाई दे रहा है। फिलहाल अधिकारी बैंकॉक के ताजा हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।थाईलैंड में इस तरह की त्रासदियां पहले भी हो चुकी हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

India-Qatar: कतर के पूर्व अमीर के सम्मान में एक दिन के राष्ट्रीय शोक का एलान, सोमवार को आधा झुका रहेगा तिरंगा

भारत ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। शेख हमद का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को कहा कि शोक के दिन पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था ‘अमीरी दीवान’ ने रविवार को की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हमद, कतर के मौजूदा अमीर के पिता थे। उनके सम्मान में सोमवार को पूरे देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के कतर जाने की संभावना है। वह भारत सरकार की ओर से कतर सरकार को शोक संवेदना प्रकट करेंगे।प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

India-Qatar: कतर के पूर्व अमीर के सम्मान में एक दिन के राष्ट्रीय शोक का एलान, सोमवार को आधा झुका रहेगा तिरंगा

भारत ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। शेख हमद का रविवार सुबह 74 साल की उम्र में निधन हो गया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को कहा कि शोक के दिन पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है और उस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था ‘अमीरी दीवान’ ने रविवार को की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हमद, कतर के मौजूदा अमीर के पिता थे। उनके सम्मान में सोमवार को पूरे देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के कतर जाने की संभावना है। वह भारत सरकार की ओर से कतर सरकार को शोक संवेदना प्रकट करेंगे।प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 12, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन को भारत की श्रद्धांजलि, 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक का एलान

केंद्र सरकार ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को दी। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था ‘अमीरी दीवान’ ने रविवार को की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के कतर जाने की संभावना है। वह भारत सरकार की ओर से कतर सरकार को शोक संवेदना प्रकट करेंगे। कौन हैं शेख हमद? शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उन्हें देश के आधुनिक विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा। उनके न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 12, 2026 · 2 min · National Desk

'मैं आत्महत्या कर लूंगा...': ऐसा क्यों बोले थे डॉक्टर मनमोहन सिंह? पूर्व CEC कुरैशी की किताब में बड़ा खुलासा

कुरैशी के मुताबिक, उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ कुछ केंद्रीय मंत्रियों की टिप्पणी पर अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई थी। इसके बाद मनमोहन सिंह ने उन्हें तुरंत मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्रियों के बयानों की जानकारी नहीं थी और अगर पहले पता चलता तो वे उन्हें फटकार लगाते। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है और उसकी गरिमा हर हाल में बनी रहनी चाहिए।किताब के मुताबिक, यह मामला जनवरी 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का है। उस समय तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने चुनाव प्रचार के दौरान मुस्लिमों के लिए 4.5 फीसदी उप-कोटा बढ़ाकर 9 फीसदी करने का वादा किया था। भाजपा ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की। सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने सलमान खुर्शीद को कड़ी फटकार लगाई।इसके बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं और मंत्रियों ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए उसके फैसले पर सवाल उठाए। यही बयानबाजी चुनाव आयोग और सरकार के बीच तनाव की वजह बनी। कुरैशी का दावा है कि प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया और बाद में मंत्रियों तक अपना सख्त संदेश पहुंचाया, जिसके बाद चुनाव आयोग के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी बंद हो गई।डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और उन्हें शांत, संयमित तथा संस्थाओं का सम्मान करने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वहीं एसवाई कुरैशी जुलाई 2010 से जून 2012 तक भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उनके कार्यकाल में बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर समेत कई बड़े राज्यों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 12, 2026 · 2 min · National Desk

'दस कदम, दस का दम': पीएम मोदी की विदेश यात्राओं से भारत को क्या मिला? संबित पात्रा ने गिनाईं 10 उपलब्धियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा किया। इससे पहले वह सेशेल्स भी गए थे। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष ने भी भारत का दौरा किया। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने ‘दस कदम, दस का दम’ के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 12, 2026 · 1 min · National Desk