खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल

खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर विवाद और दो चुनाव आयुक्तों की तरफ से चुनाव आयोग की कार्यशैली पर आपत्ति जताए जाने की रिपोर्ट्स के बाद देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठनों ने सीईसी के खिलाफ मोर्चा छेड़ दिया है और विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं। इस बार खबरों के खिलाड़ी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संस्थागत जवाबदेही, वोटर लिस्ट से नाम कटने और विपक्षी गठबंधन की रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर और पूर्णिमा त्रिपाठी ने अपना विश्लेषण सामने रखा। पूर्णिमा त्रिपाठी: जब विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए और जनता सड़कों पर उतरी, तब जाकर चुनाव आयोग ने प्रक्रियात्मक गलतियों को सुधारना शुरू किया। 20 राज्यों में छूटे हुए योग्य मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाना और फॉर्म 6 के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को वापस लेना इस बात का प्रमाण है कि वैध मतदाताओं के नाम काटे गए थे। वोटर लिस्ट से नाम कटने का असर आम नागरिकों के डोमिसाइल और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा केवल राजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: चीन में इंसानों की जगह एआई से प्यार कर रहे लोग, दोस्ती से आगे बढ़े; सरकार ने की सजा देने की तैयारी

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना? जुलाई में लागू नियमों के तहत सामान्य उल्लंघन पर 10,000 से 100,000 युआन तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर उल्लंघन से किसी नागरिक के जीवन या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है, तो जुर्माना 100,000 से 200,000 युआन तक हो सकता है। सितंबर 2026: अब एआई के भावनात्मक जुड़ाव को रोकने की कवायद सितंबर 2026 में चीन के साइबरस्पेस प्रशासन ने नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े नए प्रस्ताव जारी किए। इनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वर्चुअल इंटिमेसी सेवाएं देने पर रोक का प्रस्ताव है। प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए आभासी रिश्तेदार या साथी जैसी सेवाएं देने से भी रोकने की बात कही गई है। ऐसे ऑनलाइन कंटेंट या सेवाओं पर भी रोक प्रस्तावित है जो बच्चों में लत पैदा करें या उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हों। इन प्रस्तावों पर 17 अक्तूबर तक सार्वजनिक राय मांगी गई है। 2025 के अंत तक चीन में 6 से 19 साल की उम्र के करीब 11.25 करोड़ इंटरनेट यूजर थे, जो देश के कुल इंटरनेट यूजर्स का लगभग 18 प्रतिशत थे। इसलिए एआई कंपैनियन के मामले में नाबालिगों की सुरक्षा एक बड़ा नियामकीय मुद्दा बन गई है। सितंबर में नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावित नियमों में भी आर्थिक दंड का अलग प्रावधान रखा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, कुछ गंभीर उल्लंघनों पर, अगर प्लेटफॉर्म की संबंधित आय 10 लाख युआन से ज्यादा रही हो, तो जुर्माना उस आय के 10 गुना तक हो सकता है और पूरी संबंधित आय जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। यह सितंबर का प्रस्ताव है, जुलाई में लागू हुए नियमों से अलग है। कानूनी विशेषज्ञ हे च्यांगगाओ के मुताबिक, असली सवाल यह होगा कि किसी सेवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना 'शक्ति प्रदर्शन', अखिलेश के किस 'मास्टर स्ट्रोक' से गरमाई सियासत

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना ‘शक्ति प्रदर्शन’, अखिलेश के किस ‘मास्टर स्ट्रोक’ से गरमाई सियासत विनोद अग्निहोत्री: धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 16 अक्तूबर को होने जा रहे 10 सीटों के राज्यसभा चुनाव महज उच्च सदन की नुमाइंदगी तक सीमित न होकर आगामी राजनीतिक लड़ाइयों का बड़ा शक्ति परीक्षण बन गए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

उत्तराखंड: 556 किमी दूर से देहरादून पहुंचा नीली आंखों वाला सफेद बाघ, 20 दिन का एकांतवास; महीने भर बाद दीदार

ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से सफेद बाघ ‘तेजस’ को बाघ विनिमय कार्यक्रम के तहत देहरादून चिड़ियाघर लाया गया है। सफेद रंग, गहरी धारियों और नीली आंखों वाला तेजस उत्तराखंड का पहला सफेद बाघ बताया जा रहा है। तेजस ने सड़क मार्ग से करीब 556 किलोमीटर की दूरी 12 से 14 घंटे में तय की। उसे विशेष रेस्क्यू वाहन से 13 सदस्यीय टीम, जिसमें पशु चिकित्सक और वन विभाग के अधिकारी शामिल थे, देहरादून लेकर पहुंचे। नए वातावरण में स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी के लिए तेजस को करीब 20 दिनों तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। इस दौरान केवल केयरटेकर और पशु चिकित्सक ही उसकी देखभाल करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, पर्यटक करीब एक माह बाद उसका दीदार कर सकेंगे। कार्यक्रम के तहत देहरादून चिड़ियाघर से करीब पांच वर्षीय रॉयल बंगाल टाइगर भोला को ग्वालियर भेजा गया है।सफेद बाघ कोई अलग प्रजाति या नस्ल नहीं है। उसका सफेद रंग एक दुर्लभ आनुवंशिक विशेषता के कारण होता है। अल्बिनो जानवरों के विपरीत सफेद बाघों के शरीर पर धारियां बनी रहती हैं। यह बंगाल टाइगर में पाई जाने वाली प्राकृतिक रंग विविधता है।पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार स्थित बक्सा टाइगर रिजर्व में आठ साल बाद स्थायी बाघ आबादी बसाने की मुहिम शुरू हो गई है। बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लाई गई तीन वर्षीय रॉयल बंगाल बाघिन को शुक्रवार को प्राकृतिक घेरे में छोड़ा गया। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में शुरू हुआ यह बंगाल का पहला बाघ पुनर्वास कार्यक्रम है। बाघिन को फिलहाल सॉफ्ट रिलीज के तहत प्राकृतिक घेरे में रखा गया है। यहां उसके स्वास्थ्य, शिकार क्षमता और व्यवहार की निगरानी होगी। ब्यूरोबक्सा में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: दीपके बोले- 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे, पुलिस की सख्ती पर क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह प्रदर्शन 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित किया जाएगा। दीपके ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन होगा। जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन करेगी, दीपके क्या बोले? उन्होंने शुक्रवार, 2 अक्तूबर को यह घोषणा की। इससे पहले दिन में, मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में दीपके ने “जंतर मंतर 2.0” की चेतावनी दी थी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में देर रात कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो पूरे भारत से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे। वे 10 अक्तूबर को जंतर मंतर पर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। दीपके ने यह भी कहा कि यदि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करती है, तो जहां भी उन्हें रोका जाएगा, वही स्थान उनका जंतर मंतर बन जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। दीपके ने कहा कि वे महात्मा गांधी के दिखाए गए अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे। प्रदर्शन का क्या है उद्देश्य? दीपके के अनुसार, यह भारतीय लोकतंत्र को बचाने की एक महत्वपूर्ण लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नागरिक जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है, उसे इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए। सरकार और दिल्ली पुलिस को यह तय करना होगा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हैं या नहीं। उन्हें 20 जुलाई को देखी गई पुलिस की क्रूरता को दोहराना नहीं चाहिए। पहले कब हुआ था प्रदर्शन? पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के पहले के आंदोलन पर कार्रवाई की थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सक्लूसिव: 40 मिनट का खौफनाक सफर, कॉकपिट में खून-खराबा; चश्मदीद ने बताई कैप्टन स्मित की जान बचाने की दास्तां

चश्मदीद यात्री अलमोग से बातचीत अलमोग: हम ठीक हैं और धीरे-धीरे इस सदमे से उबर रहे हैं। हमने जिस खौफनाक मंजर का सामना किया है, उसे पूरी तरह समझ पाने में अभी वक्त लगेगा। लेकिन हम स्थिति को संभाल रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे हीरो, ग्लोबल हीरो कैप्टन स्मित को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते देखना हमारे लिए बेहद भावुक और सुखद पल था।अलमोग: यह दुबई से तेल अवीव की एक सामान्य फ्लाइट थी। शुरुआत के दो घंटे सब कुछ बिल्कुल ठीक रहा। लेकिन अचानक विमान बहुत तेजी से गोता खाने लगा। करीब 30 सेकंड तक विमान तेजी से नीचे गिरा, फिर थोड़ा संभला और दोबारा रोलर कोस्टर की तरह नीचे जाने लगा। जी-फोर्स इतना ज्यादा था कि संभलना मुश्किल हो रहा था। लगभग 50 सेकंड बाद जब विमान थोड़ा स्थिर हुआ, तो हमने देखा कि कुछ लोग कॉकपिट की तरफ दौड़े। करीब 4-5 मिनट बाद उनमें से एक व्यक्ति ने आकर बताया कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मार दिया है। इसके बाद एक यात्री और क्रू मेंबर ने मोर्चा संभाला। संयोग से फ्लाइट में बाहर एक तीसरा पायलट भी सफर कर रहा था, जिसने कॉकपिट में जाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और सुरक्षित लैंडिंग की जगह तलाशने लगा।अलमोग: कोई चेतावनी या अलर्ट नहीं मिला था। पहले हमें लगा कि यह सामान्य टर्बुलेंस (हवा का दबाव) है, लेकिन यह उससे कहीं अधिक खतरनाक था। विमान का नीचे गिरने का कोण बेहद डरावना था। मैंने अपने जीवन में सैकड़ों-हजारों बार उड़ान भरी है, लेकिन ऐसा भयानक अनुभव कभी नहीं देखा। हमारे पास सीटबेल्ट तक बांधने का समय नहीं था। मैंने तुरंत अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को सीटबेल्ट बांधी। हम पंक्ति 19 और 20 पर विंग (पंखों) के ठीक ऊपर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk

फ्रांस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: स्कूलों के गेट पर आगजनी; 170 घायल, 400 हाईस्कूलों पर ताले की नौबत क्यों?

छात्रों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई के घंटे बहुत लंबे हैं। कक्षाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कई कमरों में बहुत गर्मी रहती है। शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों की कमी से भी पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्र स्कूलों के बजट में कटौती का भी विरोध कर रहे हैं।फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार को दिन की शुरुआत से 564 स्कूलों में प्रदर्शन या किसी तरह की रुकावट की घटनाएं सामने आईं। शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे ने कहा कि देश के करीब 3,700 हाईस्कूलों में से लगभग 400 शुक्रवार को बंद रहने की आशंका थी। कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की योजना भी बनाई।पेरिस में दो हाईस्कूलों के प्रवेश द्वारों पर आग लगने से नुकसान हुआ। इनमें लियोनार्ड डी विंची और गैस्टन-बाशेलार्ड स्कूल शामिल हैं। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। ल्योन शहर में भी प्रदर्शन के दौरान आगजनी हुई। दक्षिणी शहर मार्सेई में कई स्कूलों ने दूरस्थ पढ़ाई की व्यवस्था करने की योजना बनाई।शिक्षा मंत्री एडौर्ड गेफ्रे के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 170 छात्र घायल हुए हैं। कम से कम 65 कर्मचारी भी चोटिल हुए हैं। इनमें 40 हाईस्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसके अलावा 100 से अधिक हाईस्कूलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।न्याय मंत्री जेराल्ड डरमानिन ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 2,000 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। इनमें 90 प्रतिशत नाबालिग हैं। उन्होंने अभियोजकों से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों की ओर से की गई तोड़फोड़ के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराने और मरम्मत का खर्च वसूलने की कार्रवाई की जाए।सरकार ने छात्रों की शिकायतों को जायज माना है। हालांकि, उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk

CJP Protest Live: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क में प्रदर्शन; नसीरुद्दीन शाह-विशाल ददलानी भी हुए शामिल

06:03 PM, 02-Oct-2026 मुंबई में सीजेपी संस्थापक के खिलाफ लगे नारे, प्रदर्शन के बीच उठी ‘अभिजीत दिपके वापस जाओ’ की आवाज महाराष्ट्र के मुंबई स्थित शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के विरोध में भी नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ‘अभिजीत दिपके वापस जाओ’ के नारे लगाए। हालांकि, नारे लगाने वाले लोग कौन थे और उन्होंने किस वजह से दिपके का विरोध किया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। 06:02 PM, 02-Oct-2026 मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुईं दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी महाराष्ट्र के मुंबई स्थित शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुईं। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन कर रही है। इससे पहले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और गायक विशाल ददलानी भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। 05:25 PM, 02-Oct-2026 मुंबई के शिवाजी पार्क में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी का प्रदर्शन मुंबई के मध्य में स्थित शिवाजी पार्क में शुक्रवार दोपहर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में हजारों लोग जुटे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा हाथों में नारे लिखी तख्तियां और तिरंगा लेकर मैदान में पहुंचे। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह समेत कई लोग भी प्रदर्शन स्थल पर मौज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk

विमान में चाकूबाजी: ग्रोक ने कैप्टन स्मित मच्छार के नाम का किया गलत अनुवाद, यूजर्स के लताड़ने पर मानी गलती

फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान साहस दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी। हालांकि, पीएम मोदी की पोस्ट का ग्रोक द्वारा किया गया अनुवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण बन गया। ग्रोक ने हिंदी में लिखे ‘मच्छार’ शब्द का शाब्दिक अर्थ लेते हुए कैप्टन के नाम को “Captain Mosquito Smith” के तौर पर ट्रांसलेट कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने एआई के इस अनुवाद की जमकर आलोचना की।ग्रोक के अनुवाद में लिखा आया “Captain Mosquito Smith is a hero.” यूजर्स ने तुरंत इस गलती की ओर ध्यान दिलाया। लोगों ने कहा कि यहां ‘मच्छर’ किसी सामान्य शब्द के तौर पर नहीं, बल्कि कैप्टन स्मित मच्छार के सरनेम के रूप में इस्तेमाल हुआ था। एक यूजर ने इस अनुवाद को बेहद खराब बताते हुए प्रतिक्रिया दी, जबकि दूसरे ने कहा कि इस गलती के वायरल मीम बनने की पूरी संभावना है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें एक नायक बताया था। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने और बेहद खतरनाक स्थिति का सामना करने के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ता दिखाई। फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छार घायल हो गए थे। घटना के बाद उनकी बहादुरी की चर्चा हुई।सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद ग्रोक ने अपनी गलती स्वीकार की। एक यूजर को जवाब देते हुए एआई ने कहा “हां, बहुत खराब काम था” और बताया कि हिंदी शब्द ‘मच्छर’ का अंग्रेजी अर्थ ‘mosquito’ होता है। इसी वजह से उसने नाम को गलत तरीके से “Mosquito Smith” में बदल दिया। इसके बाद ग्रोक ने पीएम मोदी की पोस् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: टाटा के तीन नामों में क्या अंतर, भारत में कंपनियों के कितने प्रकार और कैसे होती है उनकी पहचान?

भारतीय कंपनी और विदेशी कंपनी में क्या अंतर है? भारत में निगमित कंपनी भारत में निगमित कंपनी वह कंपनी है जो भारत में कंपनी कानून के तहत निगमित हुई हो। भारतीय कंपनी आम कारोबारी इस्तेमाल का शब्द है। इसे कंपनी अधिनियम में सरकारी कंपनी या प्राइवेट कंपनी की तरह अलग कानूनी श्रेणी नहीं माना जाता। टाटा मोटर्स और इंफोसिस भारत में निगमित कंपनियों के उदाहरण हैं। विदेशी कंपनी कंपनी अधिनियम के अनुसार विदेशी कंपनी वह कंपनी या बॉडी कॉरपोरेट है जो भारत के बाहर निगमित हुई हो और भारत में उसका कारोबार का स्थान हो या वह भारत में किसी अन्य तरीके से कारोबारी गतिविधि करती हो। भारत में यह गतिविधि सीधे या एजेंट के जरिए, भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकती है। गूगल और सैमसंग जैसी विदेश में निगमित कंपनियां, भारत में कारोबार करने की स्थिति में, विदेशी कंपनी से जुड़े कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के दायरे में आ सकती हैं। स्मॉल कंपनी स्मॉल कंपनी यानी छोटी कंपनी की पहचान उसके आकार से जुड़े कानूनी मानकों के आधार पर होती है। कंपनी अधिनियम के तहत स्मॉल कंपनी ऐसी कंपनी है जो पब्लिक कंपनी नहीं है और जिसकी चुकता शेयर पूंजी या टर्नओवर कानून में तय सीमा के भीतर है। वर्तमान प्रावधानों के तहत निर्धारित सीमा चुकता शेयर पूंजी के लिए 10 करोड़ रुपये तक और टर्नओवर के लिए 100 करोड़ रुपये तक है। हालांकि हर छोटी कंपनी स्मॉल कंपनी नहीं होती। होल्डिंग कंपनी, सब्सिडियरी कंपनी, सेक्शन 8 कंपनी और किसी विशेष कानून के तहत बनी कंपनी को इस श्रेणी में नहीं रखा जाता। लिस्टेड कंपनी जिस कंपनी की कोई प्रतिभूति किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होती है, उसे लिस्टेड कंपनी कहा जाता है। यानी कंपनी की प्रतिभ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk