कब होगा आईओए का चुनाव?: भारतीय ओलंपिक संघ के मतदान की तारीख सामने आई, क्या पीटी उषा फिर उतरेंगी मैदान में

आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने 2026 के चुनावों को संगठन में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। उषा ने कहा कि भारतीय ओलंपिक आंदोलन का उद्देश्य मजबूत, विश्वसनीय और खिलाड़ियों को केंद्र में रखने वाली संस्थाओं का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ओलंपिक चार्टर और देश के राष्ट्रीय खेल शासन ढांचे के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के रूप में अनुभवी पूर्व चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को स्वतंत्र, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उषा के अनुसार, आईओए चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए इसके संचालन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।आईओए ने एथलीट आयोग के वर्ष 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत मतदान, मतगणना और परिणामों की घोषणा 3 नवंबर को होगी। आयोग में कुल 10 निर्वाचित खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। नियमों के अनुसार, इसमें ओलंपिक श्रेणी के खिलाड़ियों और प्रमुख प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों का निर्धारित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल महासंघों के पात्र सदस्यों को अपने विधिवत गठित एथलीट आयोगों के माध्यम से दो खिलाड़ी प्रतिनिधियों के नामांकन करने होंगे। इसके लिए 11 अक्तूबर 2026 को दोपहर दो बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।आईओए ने विशिष्ट उपलब्धियों वाले खिलाड़ियों (एसओएम) की श्रेणी में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए आवेदन पत्र 18 सितंबर को जारी किए गए थे। पात्र खिलाड़ी अपने आवेदन और आवश्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर, आंधी-बारिश संग गिरे ओले, हादसों में चार की मौत; फसलों को भी नुकसान

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। इस दौरान हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संभल और कासगंज का एक-एक व्यक्ति, जबकि फिरोजाबाद के दो लोग शामिल हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

October 10, 2026 · 1 min · National Desk

'दुबई चला जाऊंगा': बेटे की हार के बाद हुमायूं कबीर का बड़ा एलान; बोले- दिसंबर 2028 तक मस्जिद बनाने का लक्ष्य

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हुमायूं कबीर का बयान चर्चा में है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण पूरा करने के बाद वह दुबई चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह वहां 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहेंगे। हुमायूं कबीर का यह बयान रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे की हार के बाद आया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा करने के बाद वह दुबई में रहने की योजना बना रहे हैं।मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार शंकरराव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद को 75,816 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस नतीजे को इलाके की राजनीति में भाजपा की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव में अपने बेटे की हार के बाद हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुर्शिदाबाद जिले के पुलिस अधिकारियों ने पिछले दो महीनों में भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि यह जनता का वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके भाजपा को जिताया गया है।हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। इस मस्जिद की आधारशिला 6 दिसंबर 2025 को रेजीनगर में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि वह 6 दिसंबर 2028 तक मस्जिद का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद वह दुबई जाकर 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहने की योजना बना रहे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-कश्मीर: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, गृह विभाग ने किए 100 अधिकारियों के तबादले; आठ जिलों के कप्तान बदले

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए गृह विभाग ने शुक्रवार देर रात 100 पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके साथ आठ जिलों की कमान, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, सशस्त्र पुलिस बटालियनों, सीआईडी, तकनीकी सेवाओं और सुरक्षा इकाइयों में भी बदलाव किया गया है। फेरबदल में जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। तबादला सूची के अनुसार वैभव मीना को एसएसपी पुंछ, सुधांशु धामा को एसएसपी कुपवाड़ा, नेहा जैन को एसएसपी सोपोर, अन्ना सिन्हा को एसएसपी रामबन और हर्षल राजेश महाजन को एसएसपी गांदरबल नियुक्त किया गया है। ताहिर सलीम खान को एसएसपी बांदीपोरा, सजाद खालिक भट को एसएसपी हंदवाड़ा और इरशाद हुसैन राथर को एसएसपी अवंतीपोरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।बिस्मा काजी को एसएसपी ट्रैफिक सिटी श्रीनगर और केएम प्रियंका को एसएसपी ट्रैफिक नेशनल हाईवे नियुक्त किया गया है। विष्णु कुमार को एसएसपी टेक सीआईडी मुख्यालय, आनंद कुमार मिश्रा को एसएसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और सतीश कुमार को एसएसपी रेलवे जम्मू बनाया गया है।अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में हरीश एचपी को पुलिस मुख्यालय में एआईजी वेलफेयर से निदेशक एसएसएफ, मोहम्मद यासीन किचलू को प्रिंसिपल एसटीसी तलवाड़ा, संजय कुमार कोतवाल को कमांडेंट 18वीं जेकेएपी बटालियन और ऐजाज अहमद भट को कमांडेंट 23वीं जेकेएपी बटालियन नियुक्त किया गया है। कमल पाल सिंह मल्होत्रा को एसएसपी प्रशासन जेके4सी, अर्शी आदिल को कमांडेंट पहली जेकेएपी महिला बटालियन और तीकम सिंह वर्मा को कमांडेंट 16वीं जेकेएपी बटालियन की जिम्मेदारी दी गई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस की चेतावनी, प्रेस रिलीज जारी

पुलिस ने इस बाबत 9 अक्तूबर को सीजेपी के को-कन्वीनर सौरव दास और ज्वाइंट सेक्रेटरी बाला कृष्णा को सूचित किया था कि उक्त पत्र केवल प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बारे में एक सूचना है। इसे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगने वाला विधिवत जमा किया गया आवेदन नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा, यह सूचना बहुत कम समय पहले प्राप्त हुई है, जबकि मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आवेदन, संबंधित कार्यक्रम की प्रस्तावित तारीख से कम से कम 10 दिन पहले जमा किया जाना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है। हालांकि, अनुमति देने या अन्यथा निषेध लगाने का निर्णय लेते समय इस मौलिक अधिकार के साथ-साथ उन अन्य नागरिकों और क्षेत्र के निवासियों के मौलिक अधिकारों पर भी विचार किया जाना आवश्यक है, जहां प्रदर्शन आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। पूर्व के अनुभवों और लगातार सामने आ रहे अनुभवों से पता चलता है कि आम नागरिकों को विरोध प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न होने वाली अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इनमें विरोध प्रदर्शन, यातायात जाम, आम लोगों में असुरक्षा की आशंका तथा व्यक्तियों और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। पत्र में नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के हवाले से कहा गया है कि आपको पहले भी एक अलग अवसर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद आपका आचरण कई स्तरों पर उल्लंघनकारी पाया गया। इसमें निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखना शामिल था, जिसे सख्ती से प्रतिबंधित किया गया था। इस क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

एनआईए ने दाखिल की चार्जशीट: पाकिस्तान में रची गई थी किश्तवाड़ आतंकी हमले की साजिश, जैश कमांडर दे रहा था हुक्म

किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपी बनाया गया है। मनीर पर आतंकियों को शरण देने और छिपाने का आरोप है। मामला 22 फरवरी 2026 का है। किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में आतंकियों ने हमला कर दिया था। एनआईए के अनुसार, करीब पांच महीने की जांच में हमले की साजिश, आतंकियों की भूमिका और उन्हें मदद पहुंचाने के पहलुओं की पड़ताल की गई। मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और साजिश रचने की धाराएं हैं।एनआईए के मुताबिक, हमले में शामिल तीन आतंकियों का नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्ला कर रहा था। उसे सैफुल्ला कश्मीरी, अतीक नजीर और अतीक उर रहमान जैसे उपनामों से भी जाना जाता था। वह जैश से जुड़े कश्मीर टाइगर्स (अजरैल ग्रुप) से जुड़ा था।हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे। एजेंसी के अनुसार, किश्तवाड़ के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय इस समूह पर सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय लोगों की हत्या सहित कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। जांच में मनीर अहमद की ओर से इस समूह को कथित तौर पर मदद पहुंचाने की भूमिका भी सामने आई है। एनआईए ने आरोपपत्र में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

उपचुनाव: असम, बंगाल और पुदुचेरी में जीत पर पीएम मोदी ने जताया मतदाताओं का आभार, भाजपा-एनडीए के लिए क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में भाजपा-एनडीए उम्मीदवारों की जीत के बाद मतदाताओं का आभार जताया है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी सराहना की। मोदी ने कहा कि ये नतीजे भाजपा-एनडीए के सुशासन के एजेंडे के प्रति लोगों के जुड़ाव को दिखाते हैं। उन्होंने पुदुचेरी में जीत के लिए एनडीए की सहयोगी पार्टी एआईएनआरसी को भी बधाई दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी जीत को लेकर राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार के बावजूद भाजपा को जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के उपचुनावों के साथ राजस्थान और त्रिपुरा के हालिया निकाय चुनावों में एनडीए की जीत का भी जिक्र किया। अमित शाह ने दावा किया कि इन चुनावी नतीजों से पता चलता है कि जनता ने इंडी गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जनाधार खो चुके विपक्षी दल हर हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जनता उनके रवैये को पहचान चुकी है। शाह के मुताबिक, लोगों ने एक बार फिर प्रचंड जनादेश देकर भाजपा पर अपना अटूट विश्वास जताया है। उन्होंने इन नतीजों को भाजपा के प्रति जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया। अमित शाह ने इस जीत के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. माणिक साहा और पुडुचेरी के म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk

प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस की चेतावनी, प्रेस रिलीज जारी

पुलिस ने इस बाबत 9 अक्तूबर को सीजेपी के को-कन्वीनर सौरव दास और ज्वाइंट सेक्रेटरी बाला कृष्णा को सूचित किया था कि उक्त पत्र केवल प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बारे में एक सूचना है। इसे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगने वाला विधिवत जमा किया गया आवेदन नहीं माना जा सकता है। इसके अलावा, यह सूचना बहुत कम समय पहले प्राप्त हुई है, जबकि मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आवेदन, संबंधित कार्यक्रम की प्रस्तावित तारीख से कम से कम 10 दिन पहले जमा किया जाना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि विरोध प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है। हालांकि, अनुमति देने या अन्यथा निषेध लगाने का निर्णय लेते समय इस मौलिक अधिकार के साथ-साथ उन अन्य नागरिकों और क्षेत्र के निवासियों के मौलिक अधिकारों पर भी विचार किया जाना आवश्यक है, जहां प्रदर्शन आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। पूर्व के अनुभवों और लगातार सामने आ रहे अनुभवों से पता चलता है कि आम नागरिकों को विरोध प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न होने वाली अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इनमें विरोध प्रदर्शन, यातायात जाम, आम लोगों में असुरक्षा की आशंका तथा व्यक्तियों और संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं। पत्र में नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के हवाले से कहा गया है कि आपको पहले भी एक अलग अवसर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद आपका आचरण कई स्तरों पर उल्लंघनकारी पाया गया। इसमें निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखना शामिल था, जिसे सख्ती से प्रतिबंधित किया गया था। इस क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk

केजरीवाल का एलान: परिवार संग सीजेपी के प्रदर्शन में जाएंगे, बोले- यह पार्टी की नहीं; देश के भविष्य की लड़ाई

जनता से की भारी संख्या में जुटने की अपील केजरीवाल ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि देश के भविष्य की है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि मैं देश की जनता से अपील करता हूं कि वे अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पर पहुंचें। शनिवार से शुरू हो रहे इस आंदोलन में मैं और मेरा पूरा परिवार शामिल होगा और आप सभी को भी वहां पहुंचना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 1 min · National Desk

एमपी में ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2019 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले संशोधन कानून को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया है। अब प्रदेश में ओबीसी आरक्षण फिर 14 प्रतिशत रहेगा। अदालत ने सरकारी भर्तियों में रोके गए 13 प्रतिशत पदों को अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से भरने के निर्देश दिए हैं।मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी), कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) और अन्य भर्ती एजेंसियों को तीन महीने में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ओबीसी पक्ष ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण 29 सितंबर 2022 से कई सरकारी भर्तियों में 87:13 प्रतिशत का फार्मूला अपनाया जा रहा था। इसके तहत 87 प्रतिशत पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी, जबकि बाकी 13 प्रतिशत पदों को अंतिम निर्णय तक रोककर रखा गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन पदों पर अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का रास्ता खुल गया है।ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का मामला कई वर्षों तक कानूनी विवाद में रहा। इस दौरान सरकारी भर्तियों में आरक्षण लागू करने और लंबित पदों पर नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं अपनाई गईं। इस पूरे विवाद की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने अध्यादेश के जरिए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की पहल की।संशोधन कानून लागू हुआ। इसके बाद कानून की संवैधानिक वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।विवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk