सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला: टर्मिनल-4 में लगी आग; क्रूज मिसाइल भी नष्ट, मेट्रो के दो स्टेशन बंद

गठबंधन के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि एयरपोर्ट के पास एक क्रूज मिसाइल को हवाई रक्षा प्रणाली ने रोककर नष्ट कर दिया। हालांकि, दी गई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि टर्मिनल-4 से टकराने वाली अज्ञात वस्तु और क्रूज मिसाइल के बीच कोई संबंध था या नहीं।समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इससे पहले रियाद के मध्य हिस्से में जोरदार धमाके की आवाज सुनी। इसके बाद शहर के उत्तरी इलाके में रहने वाले तीन लोगों ने भी एक और धमाका सुनने की बात कही। उत्तरी रियाद के अल-आरिद इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने एएफपी को बताया, ‘आवाज सुनने के बाद पक्षी घबराकर इधर-उधर उड़ने लगे। पूरा घर हिल गया।’ स्थानीय लोगों ने एयरपोर्ट की ओर एंबुलेंस जाते हुए देखने की बात भी कही।रियाद मेट्रो के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि राजधानी के अधिकारियों ने एयरपोर्ट की सेवा देने वाले तीन में से दो मेट्रो स्टेशनों पर परिवहन सेवा रोक दी है। अधिकारी के मुताबिक, इस फैसले की रोजाना समीक्षा की जाएगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया कि इन स्टेशनों पर सेवा दोबारा कब शुरू होगी।रियाद एयरपोर्ट पर एक दिन पहले भी हमला हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक भारतीय भी शामिल है। इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। हालांकि, रविवार को हुए हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। दूसरी तरफ, हूती विद्रोही इस सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने तेजी से किए गए हमले में लाल सागर के तट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 12, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई, दूसरे दिन 100 से अधिक लोग हिरासत में

1 of 6 दिल्ली में प्रदर्शन का दूसरा दिन - फोटो : अमर उजाला राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर हो रहा विरोध प्रदर्शन रविवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे दिन में प्रवेश कर गया। खास बात यह है कि रविवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को कानून में निर्धारित उचित प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। अदालत के इन सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा आज जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। 2 of 6 प्रदर्शनकारियों को बस में लेकर जाती पुलिस - फोटो : भूपिंदर सिंह जंतर-मंतर की ओर मार्च और भारी पुलिस बल की तैनाती रविवार को प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न हिस्सों से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिस दौरान कनॉट प्लेस के इनर सर्किल, राजीव चौक और आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के पास भारी गहमागहमी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास किया, जिसके चलते कई जगहों पर तीखी झड़पें हुईं। 3 of 6 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती पुलिस - फोटो : भूपिंदर सिंह प्रमुख छात्र संगठनों और नेताओं की हिरासत इस प्रदर्शन में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) और क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) सहित कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अकेले आरके आश्रम मार्ग के पास से 40 से अधिक लोगों को हि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

कांग्रेस कार्यालय में हंगामा: धक्कामुक्की व जूते चले, पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे आराधना मिश्रा व इमरान मसूद

राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय में आराधना मिश्रा ‘मोना’ और इमरान मसूद के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। कार्यक्रम के दौरान अजय राय के साथ एक महिला कांग्रेस नेता द्वारा कथित बदसलूकी किए जाने से उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। #WATCH | Lucknow, UP | Congress MP Pramod Tiwari says, “Mona has dedicated her life to Congress; she is from the fourth generation. From being a Panchayat member to a prominent MLA, and today holding the highest position in Uttar Pradesh. Under her leadership, she will bring Congress back to power.” — ANI (@ANI) October 11, 2026 अजय राय नाराज होकर कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैठ गए। इस दौरान समर्थकों के बीच हंगामा और धक्कामुक्की हुई और जूते चल गए। स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी अजय राय को मनाने में जुटे रहे। पदभार ग्रहण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने की तैयारी थी, लेकिन अजय राय उसमें शामिल होने के लिए अंदर नहीं गए।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की रक्षा करना हर नागरिक और कार्यकर्ता का दायित्व है।उन्होंने कहा कि यह समय स्वागत या सम्मान समारोह का नहीं, बल्कि संघर्ष का है। कांग्रेस पार्टी का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक बलिदानों और संघर्षों से भरा रहा है। पार्टी के हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह इस परंपरा को आगे बढ़ाए।अध्यक्ष मोना ने विश्वास दिलाया कि सौंपी गई जिम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी फतह के लिए भाजपा का गुजरात फॉर्मूला: नौ रिपीट रणनीति, 100 से अधिक विधायकों का पत्ता होगा साफ; ये है प्लान

यूपी फतह के लिए भाजपा का गुजरात फॉर्मूला: नौ रिपीट रणनीति, 100 से अधिक विधायकों का पत्ता होगा साफ; ये है प्लान आगामी चुनाव में पार्टी ने बीते चुनाव का 32 फीसदी की तुलना में 40 फीसदी से अधिक विधायकों का टिकट काटने का मन बनाया है। राज्य की चुनावी रणनीतिक टीम से जुड़े सदस्य ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव की गलतियों से सबक लेते हुए सख्ती से गुजरात फार्मूला लागू करेगी। उत्तर प्रदेश में एंटी इंकम्बेंसी को मात देकर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने टिकट वितरण के मामले में सफल गुजरात फार्मूला अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी ने इस बार बीते चुनाव की तुलना में वर्तमान विधायकों को दोबारा मैदान में उतारने के मामले में और कंजूसी बरतने का संकेत दिया है। आंतरिक सर्वे में 124 विधायकों की रिपोर्ट ठीक नहीं है। इनमें से 40 फीसदी ऐसे विधायक हैं जो कम से कम दो बार चुनाव जीत चूके हैं। जिनकी रिपोर्ट खराब हैं, उन्हें टिकट मिलना बेहद मुश्किल है। बीते लोकसभा चुनाव में 49 मौजूदा सांसदों पर भरोसा करना पार्टी को भारी पड़ा था। पार्टी इनमें से महज 17 सीटें ही जीत पाई, जबकि बीते विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने जिन 104 सीटिंग सीटों पर उम्मीदवार बदले, उनमें से 80 फीसदी सीटों पर जीत हासिल हुई। सौ विधायकों की रिपोर्ट संतोषजनक आंतरिक सर्वे में स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

हिमाचल-उत्तराखंड की चोटियों पर बर्फबारी: भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा बाधित, 16 तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार

हिमाचल-उत्तराखंड की चोटियों पर बर्फबारी: भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा बाधित, 16 तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार मौसम विभाग के मुताबि, मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय हलचल के प्रभाव से आया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली सहित ऊझी घाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई। रोहतांग सहित कुंजम दर्रा, बारालाचा व शिंकुला सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यहां शुक्रवार रात को भी फाहे गिरे थे। उत्तर भारत के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि और बर्फबारी से मौसम में अचानक बदलाव आया है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में भारी दर्ज की गई है और कई क्षेत्रों में 12 से 20 सेमीटर तक पानी बरसने से फसलों को नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चली हैं। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जनजातीय क्षेत्र कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। राज्य में 16 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी व मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ का यलो अलर्ट जारी किया गया है। आदि कैलाश में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

स्पेक्ट्रम: स्टारलिंक विवाद के बीच समझिए क्या है स्पेक्ट्रम, टेलीकॉम कंपनियों को क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?

मोबाइल नेटवर्क, रेडियो, टेलीविजन और सैटेलाइट संचार में स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल होता है। हालांकि, हर सेवा के लिए एक ही फ्रीक्वेंसी उपयुक्त नहीं होती। सिग्नल की पहुंच, डाटा भेजने की क्षमता और तकनीकी जरूरतों के आधार पर अलग-अलग फ्रीक्वेसी बैंड उपयोग किए जाते हैं। भारत में सरकार संबंधित नियमकीय प्रक्रियाओं के जरिए कंपनियों को निर्धारित फ्रीक्वेंसी के इस्तेमाल की अनुमति देती है। यही वजह है कि स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के लिए भी स्पेक्ट्रम जरूरी है। इसके बिना उनके सैटेलाइट और यूजर टर्मिनल के बीच संचार स्थापित करना संभव नहीं होगा। टेलीकॉम सेक्टर में कितने तरह के स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल होता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टेलीकॉम सेक्टर में स्पेक्ट्रम को उसकी फ्रीक्वेंसी के आधार पर अलग-अलग बैंड में बांटा जाता है। हर बैंड की अपनी खासियत होती है। कोई कम दूरी में तेज इंटरनेट देने के लिए उपयोगी है, तो कोई लंबी दूरी तक सिग्नल पहुंचाने में बेहतर होता है। मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट संचार में मुख्य रूप से लो, मिड और हाई-बैंड फ्रीक्वेंसी की चर्चा होती है। लो-बैंड स्पेक्ट्रम आमतौर पर 1 गीगाहर्ट्ज से कम फ्रीक्वेंसी वाले बैंड को लो-बैंड कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसके सिग्नल लंबी दूरी तक आसानी से पहुंच सकते हैं और इमारतों के भीतर भी अपेक्षाकृत बेहतर कवरेज देते हैं। इस कारण दूरदराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के लिए ये उपयोगी है। हालांकि, इसकी उपलब्ध बैंडविड्थ सीमित होने पर डाटा क्षमता भी कम हो सकती है। मिड-बैंड स्पेक्ट्रम करीब 1 से 6 गीगाहर्ट्ज के बीच की फ्रीक्वेंसी को सामान्य तौर पर मिड-बैंड कहा जाता है। यह कवरेज और इंटरनेट की गति के बीच संतु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश: बिहार में फसलों को नुकसान; देश में आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबि, मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय हलचल के प्रभाव से आया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली सहित ऊझी घाटी में शनिवार दोपहर बाद बारिश हुई। रोहतांग सहित कुंजम दर्रा, बारालाचा व शिंकुला सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। यहां शुक्रवार रात को भी फाहे गिरे थे। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और जनजातीय क्षेत्र कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। राज्य में 16 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी व मध्य पर्वतीय इलाकों में बारिश हो सकती है। 13 और 14 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर अंधड़ का यलो अलर्ट जारी किया गया है। आदि कैलाश में फिर हुई बर्फबारी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में शनिवार को भी ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी होने से कैलाश पर्वत के दर्शन नहीं हुए। इससे यात्रियों को निराश लौटना पड़ा। दोपहर बाद मौसम खुलने से 100 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश के दर्शन किए। आदि कैलाश क्षेत्र में अब भी तीन से चार फीट बर्फ जमा है। लगातार हो रही बर्फबारी से आदि कैलाश में तापमान माइनस दो से माइनस तीन डिग्री पहुंच गया है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ये भी पढ़ें: मलबा आने से तीन घंटे रुकी केदारनाथ यात्रा रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में मलबा और पत्थर आने से शनिवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक यात्रियों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर गौरीकुंड और सोनप्रयाग में यात्रियों को रोका गया। सुबह नौ बजे मार्ग खुलने के बाद आवाजाही सुचारु करा दी गई। बीते दिन हु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार दल आज भारत आएगा: 30 साल में सबसे बड़ा मिशन; कारोबार बढ़ाने की क्या है योजना?

कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार दल आज भारत आएगा: 30 साल में सबसे बड़ा मिशन; कारोबार बढ़ाने की क्या है योजना? कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार दल आज भारत आएगा: 30 साल में सबसे बड़ा मिशन; कारोबार बढ़ाने की क्या है योजना? एजेंसी, ओटावा। Published by: Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 11 Oct 2026 05:01 AM IST सार कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल आज भारत पहुंचेगा। तीन दशक से अधिक समय में यह कनाडा का सबसे बड़ा व्यापार मिशन है। दोनों देश विमानन, कृषि और स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों में कारोबार व निवेश बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से ज्यादा करने का लक्ष्य है। ऐसे में क्या इस दौरे से आर्थिक साझेदारी समझौते की बातचीत को भी रफ्तार मिलेगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में। Link Copied …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 1 min · National Desk

'भारतीय युवाओं के साथ खड़े हैं': बांग्लादेश के नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिया समर्थन; क्या बोले?

उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के आयोजकों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। साथ ही, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियों को बुनियादी स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। अपने बयान में उन्होंने भारतीय अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं के समर्थन में क्या कहा? नाहिद इस्लाम ने कहा, हम चुनावी जवाबदेही की मांग करने और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने वाले भारत के युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आयोजकों और पत्रकारों को हाल ही में हिरासत में लिया जाना, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियां सीधे तौर पर बुनियादी स्वतंत्रताओं के लिए खतरा हैं। चुनाव की निष्पक्षता और संस्थानों की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों के पारदर्शी जवाब दिए जाने चाहिए, न कि बैरिकेड लगाकर और सेंसरशिप के जरिए उन्हें दबाया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, यह संघर्ष केवल आपका नहीं है। ढाका से हम आपके साथ दोस्तों की तरह खड़े हैं। हम जवाबदेह सत्ता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मानवीय गरिमा की साझा मांग से जुड़े हैं। नाहिद ने आगे कहा, हम इस संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि हम खुद इससे गुजर चुके हैं। जुलाई 2024 में सरकारी नौकरियों में भर्ती के कोटे के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ हमारा आंदोलन 15 साल के सत्तावादी शासन के खिलाफ देशव्यापी विद्रोह में बदल गया’। ये भी पढ़ें: ‘सरकार ने जवाब में असली गोलियों का इस्तेमाल किया। बाद में संयुक्त राष्ट्र न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप नाराज: बोले- ये मुझे क्यों नहीं मिला, समिति और नवी पिल्लई पर क्या सवाल उठाए?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने आठ युद्ध खत्म किए और दो अन्य संघर्षों को समाप्त करने या सुलझाने के करीब हैं। उन्होंने इस्राइल के सभी बंधकों की रिहाई का दावा किया। उनके अनुसार, अंतिम 28 बंधक भी वापस लाए गए, जिनमें जीवित और मृत दोनों शामिल थे। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग देशों के सैकड़ों बंधकों को रिहा कराकर घर भेजने की बात भी कही। ट्रंप ने वेनेजुएला में युद्ध जीतने और वहां के शासक को पकड़ने का दावा किया। साथ ही कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका। इन्हीं उपलब्धियों का हवाला देकर उन्होंने सवाल किया कि उन्हें या अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार क्यों नहीं मिला।नॉर्वे की नोबेल समिति ने शुक्रवार को नवी पिल्लई को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की थी। इसके बाद ट्रंप ने पुरस्कार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह पिल्लै को नहीं जानते और उनके अनुसार, दूसरे लोग भी उनके बारे में नहीं जानते। ट्रंप ने यह आरोप भी लगाया कि पिल्लै स्पष्ट रूप से इस्राइल से नफरत करती हैं। ये ट्रंप के अपने आरोप हैं। नोबेल समिति ने पुरस्कार की घोषणा में पिल्लै के काम को आधार बनाया और कहा कि उन्होंने वैश्विक कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने में साहस और ईमानदारी के साथ योगदान दिया है।नोबेल समिति के अनुसार, पिल्लै ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के मामलों में दोषियों पर मुकदमा चलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में रंगभेद के दौर में हुआ था। वह वकील बनीं और भेदभाव, अलगाव तथा लोगों को अधिकारों से वंचित रखने वाली व्यवस्था के खिलाफ क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk