Supreme Court: भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, अब बड़ी बेंच करेगी सुनवाई

वहीं ‘पूर्व स्वीकृति अनिवार्य’ होने पर सवाल खड़े करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ये शर्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की भावनाओं के खिलाफ है। इससे जांच बाधित होती है। कानून के ऐसी धाराओं से भ्रष्ट लोगों को संरक्षण मिलता है। हालांकि मुकदमे की सुनवाई कर रही इस खंडपीठ में शामिल एक अन्य न्यायमूर्ति ने कानून की इस धारा को सांविधानिक बताया।न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन ने अपने हिस्से के फैसले में लिखा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए सांविधानिक प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कानून के इस प्रावधान से ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा होती है, जिस पर जोर दिया जाना आवश्यक है।एक तरफ जहां जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A असांविधानिक है और इसे खत्म किया जाना चाहिए, तो वहीं जस्टिस केवी विश्वनाथन ने इस प्रावधान को संवैधानिक बताया और ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया। ऐसे में अब इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने रखा जाएगा ताकि अंतिम फैसले के लिए मामले की दोबारा सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच बनाई जा सकें।बता दें कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A, जिसे जुलाई 2018 में पेश किया गया था, किसी भी लोक सेवक के खिलाफ आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिशों के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले मंजूरी के बिना किसी भी ‘पूछताछ या जांच’ पर रोक लगाती है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला NGO ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (CPIL) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17A की वैधता के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर आया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Civic Polls: महायुति में बढ़ी तकरार! एनसीपी के खिलाफ EC पहुंची भाजपा, पुणे में 'अवैध' होर्डिंग्स की शिकायत की

महाराष्ट्र भाजपा के महासचिव राजेश पांडे के मुताबिक पार्टी ने पुणे में नगर निकाय चुनावों से पहले अपने महायुति सहयोगी एनसीपी और दूसरी पार्टियों द्वारा कथित तौर पर लगाए गए अवैध होर्डिंग्स की शिकायत चुनाव आयोग से शिकायत की है।दरअसल, रविवार को एक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अवैध होर्डिंग्स और फ्लेक्स-बैनर लगाने से बचने की सलाह दी थी। सीएम ने अपने बयान में कहा कि इससे शहर की सुंदरता खराब होती है। ऐसे में पुणे भाजपा ने सोमवार को शहर को बैनर-पोस्ट मुक्त बनाने का संकल्प लिया। राजेश पांडे ने कहा कि भाजपा ने शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं को फ्लेक्स होर्डिंग्स न लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।उन्होंने बताया कि नगर निगम चुनावों से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियों ने पूरे शहर में अनाधिकृत फ्लेक्स बैनर लगाए हैं। यह आचार संहिता का उल्लंघन है। हमने इस संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की है।इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा की आलोचना करने के लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने के बावजूद उन्होंने ‘सौहार्दपूर्ण’ मुकाबले पर सहमति जताई थी। फडणवीस ने कहा कि भाजपा और एनसीपी ने काफी पहले ही यह तय कर लिया था कि वे पुणे और पिंपरी-चिंचवड के नगर निगम चुनावों में सहयोगी के रूप में चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि दोनों ही इस क्षेत्र में मजबूत पार्टियां हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

UP School Closed: स्कूलों की छुट्टियों पर फिर आया नया अपडेट... डीएम ने दिए इतने दिन की छुट्टी के आदेश; जानें

UP School Closed: स्कूलों की छुट्टियों पर फिर आया नया अपडेट… डीएम ने दिए इतने दिन की छुट्टी के आदेश; जानें विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं कक्षा दस से बारहवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे। परीक्षाएं पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने सभी स्कूलों से आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अभिभावकों से अपील है कि बच्चों की देखभाल करें। यूपी के मेरठ में कड़ाके की ठंड के चलते बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बड़ा आदेश दिया है। डीएम के आदेश के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा परिषद, संस्कृत शिक्षा बोर्ड, मदरसा बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबंधित सभी स्कूलों में प्री-नर्सरी से कक्षा 9 तक की कक्षाएं 13 और 14 जनवरी तक बंद रहेंगी। सर्दी का सितम: घना कोहरा छाने से दृश्यता भी बेहद कम रही मेरठ में देर रात घना कोहरा छाने से दृश्यता बेहद कम हो गई। इससे सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड के कारण आमजन कांपने को मजबूर हैं, और लोगों को ठंड से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। सर्द हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ाई रात और दिन सर्द हो रहे है। रात का न्यूनतम तापम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

US Tariff: ईरान से कारोबार करने वालों पर ट्रंप का टैरिफ वार, जानिए भारत पर क्या होगा असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ कोई भी कारोबार करेगा, उसे अमेरिका के साथ होने वाले अपने सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। भारत समेत कई बड़े साझेदारों पर असर ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट के जरिए की। उन्होंने लिखा कि तत्काल प्रभाव से, जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करता है, उसे अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी और सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है। ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन, तुर्की, भारत, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और आर्मेनिया शामिल हैं। ऐसे में ट्रंप के इस कदम का सीधा असर इन देशों पर पड़ सकता है। ट्रंप की इस घोषणा का असर भारत पर पड़ सकता है, जो हाल के वर्षों में ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है। अमेरिका ने पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, जो दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ में से एक है। भारत-ईरान के बीच हुए कारोबार के आंकड़े तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, ईरान को भारत के प्रमुख निर्यातों में चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, विद्युत मशीनरी और कृत्रिम आभूषण शामिल हैं। वहीं ईरान से भारत के प्रमुख आयातों में सूखे मेवे, अकार्बनिक/कार्बनिक रसायन और कांच के बर्तन शामिल हैं। ऑनलाइन डेटा विज़ुअलाइजेशन और वितरण प्लेटफॉर्म, ऑब्जर्वेटरी ऑफ इकोनॉमिक कॉम्प्लेक्सिटी (ओईसी) के अनुसार, 2023 में भारत से ईरान को निर्यात कुल 1.19 अरब डॉलर थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?: जानें कैसे हिंसक हुए प्रदर्शन, खामनेई के खिलाफ कौन; अब आगे क्या

ईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?: जानें कैसे हिंसक हुए प्रदर्शन, खामनेई के खिलाफ कौन; अब आगे क्या विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 25 फीसदी का आयात शुल्क जुर्माने के तौर पर लगाएगा। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद चीन, रूस के साथ भारत के लिए भी चिंता की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि भारत चाबहार बंदरगाह पर सहयोग को लेकर लगातार ईरान के साथ संपर्क में है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ईरान में जो प्रदर्शनों का दौर जारी है, उसकी शुरुआत कहां से हुई और इसकी वजह क्या थी? दो हफ्ते में ईरान में ऐसा क्या-क्या हुआ है, जिससे प्रदर्शनों में सत्ता परिवर्तन की मांग उठने लगी है? इस आंदोलन के पीछे का चेहरा कौन है? यह प्रदर्शन कितने बड़े स्तर पर हैं? ईरान सरकार ने इनसे निपटने के लिए क्या किया है? इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया रही है? अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के आंदोलनों को लेकर क्या तैयारी कर रहे हैं? आइये जानते हैं… इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 25 फीसदी का आयात शुल्क जुर्माने के तौर पर लगाएगा। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद चीन, रूस के साथ भारत के लिए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Tariff Threat: 'ईरान से व्यापार करने वाले देशों को देना पड़ेगा 25 प्रतिशत टैरिफ', ट्रंप का एलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।’ डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया। ट्रंप के इस फैसले के चलते ईरान पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि ईरान में बीते करीब 15 दिनों से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ किया है कि ये शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। वहीं, इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी ईरान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी जारी की थी।ईरान में अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की ओर से जारी सलाह में अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा गया है। इसमें कहा गया है, ‘ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं, जिसकी वजह से गिरफ्तारियां हो सकती हैं और चोटें लग सकती हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, सड़कें बंद कर दी गई हैं, सार्वजनिक परिवहन बाधित है और इंटरनेट पर प्रतिबंध है। एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर रही हैं। अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की लगातार रुकावटों के लिए तैयार रहना चाहिए, संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए। अगर ऐसा करना सुरक्षित हो, तो आर्मेनिया या तुर्किये के लिए सड़क मार्ग से ईरान छोड़ने पर विचार करना चाहिए।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Uttarakhand: अंकिता भंडारी प्रकरण...आज एसआईटी के सामने अपने मोबाइल जमा कराएगी उर्मिला सनावर

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में ऑडियो वायरल मामले में पूछताछ के बाद आज मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल एसआईटी के सामने जमा कराएंगी। एसआईटी मोबाइल व ऑडियो को जांच के लिए आगे लैब में भेजेगी। पिछले दिनों पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी बातें सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में हलचल तेज हो गई थी। इसके बाद बहादराबाद व झबरेड़ा थाने में सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पहले से भी कई मामले दर्ज होने के चलते पुलिस कप्तान ने एसआईटी का गठन कर दिया था। बीते बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर से एसआईटी ने पूछताछ की थी जबकि शुक्रवार को सुरेश राठौर से सवाल-जवाब किए गए थे। उर्मिला ने उस दिन अपने मोबाइल फोन जमा करने की जानकारी दी थी। इस संबंध में महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन भारती महाराज ने जानकारी दी कि मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल फोन एसआईटी के पास जांच के लिए जमा कराएंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 1 min · National Desk

Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या, 25 दिन में आठवीं हत्या की वारदात

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। फेंगुआ के दागनभुआ में समीर दास (28) को पीट-पीटकर मार डाला गया। आरोपी उसका ऑटो लूटकर फरार हो गए। पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है। पिछले 25 दिन में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का यह आठवीं वारदात है। पुलिस के मुताबिक, समीर दागनभुआ के मातुभुइया संघ के रामानंदपुर गांव का रहने वाला था और लंबे समय से बैटरी ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। परिजनों ने बताया कि रविवार रात जब समीर समय पर घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पुलिस को सूचित किया गया। रात करीब दो बजे लोगों ने दक्षिण करीमपुर मुहुरी बाड़ी के पास समीर का लहूलुहान शव देखा।पुलिस ने बताया कि हत्या को साजिशन अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी फैयाजुल अजीम नोमान ने बताया, परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक दागनभुआ इलाके में समीर कुमार दास की हत्या की घटना 11 जनवरी की शाम की है। समीर कुमार दास, कार्तिक कुमार दास और रीना रानी दास के सबसे बड़े बेटे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फेनी जनरल अस्पताल भेजा।पुलिस का कहना है कि ऑटोरिक्शा गायब होने से लूटपाट के इरादे से हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अन्य कारणों से भी इनकार नहीं किया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा, धमकी और असुरक्षा की घटनाएं लगातार रिपोर्ट हो रही हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कमजोर कार्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: कोहरे की चादर में लिपटा उत्तर भारत; ट्रंप बोले- ईरान से व्यापार करने वाले देश देंगे 25 प्रतिशत टैरिफ

देश और दुनिया में मंगलवार को मौसम, राजनीति, प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय तनाव और आस्था से जुड़ी बड़ी खबरें सामने आईं। उत्तर भारत बर्फीली हवाओं और घने कोहरे की चपेट में है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री और गुरुग्राम में 0.6 डिग्री दर्ज हुआ, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा। प्रयागराज में मकर संक्रांति को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। संगम पर 15 जनवरी को दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। 24 घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं, देश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से हटकर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने सेवा तीर्थ-1 में स्थानांतरित होगा। संसद में भी तकनीकी बदलाव की तैयारी है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर संसद की कार्यवाही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भाषाओं में देखी जा सकेगी। राजनीतिक मोर्चे पर ईडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा हुआ है। व्हाइट हाउस ने कहा कि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन सैन्य विकल्प खुले हैं। इसी बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन और उग्र हुए हैं। दक्षिण एशिया में बांग्लादेश से हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। वहीं, अमेरिका में टैरिफ नीति पर सुनवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गंभीर आर्थिक संकट की चेतावनी दी है। आइए देश-विदेश की बड़ी और अहम खबरों पर नजर डालते हैं। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

US: 'कूटनीति पहली पसंद...जरूरत पड़ने पर जंग भी विकल्प', व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने किसे दिया सख्त संदेश?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी एक रास्ते तक सीमित नहीं हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति उनकी पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी दिखाया है कि वह सैन्य विकल्पों से नहीं डरते। हवाई हमले राष्ट्रपति के सामने मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं। ईरान सार्वजनिक और निजी स्तर पर अलग-अलग संकेत दे रहा है। अमेरिका इन संकेतों को समझकर अगला कदम तय करेगा। कैरोलिन लैविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हालात को बेहद करीब से देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी शासन सार्वजनिक मंचों पर जो बयान दे रहा है, वह उन निजी संदेशों से अलग है, जो अमेरिकी प्रशासन को अंदरूनी चैनलों से मिल रहे हैं। ट्रंप इन निजी संदेशों को गंभीरता से परखना चाहते हैं और यह देखना चाहते हैं कि बातचीत की कोई वास्तविक गुंजाइश है या नहीं।व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप हमेशा पहले बातचीत और राजनयिक रास्ते को तरजीह देते हैं। उनका मानना है कि किसी भी टकराव से पहले सभी शांतिपूर्ण विकल्पों को आजमाया जाना चाहिए। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया कि अगर अमेरिका की सुरक्षा या हितों को खतरा हुआ, तो राष्ट्रपति कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप की छवि और संदेश कैरोलिन लैविट ने कहा कि ईरान यह बात सबसे बेहतर जानता है कि ट्रंप जरूरत पड़ने पर ताकत के इस्तेमाल से नहीं हिचकते। ट्रंप की यही छवि उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती है। उन्होंने पहल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk