सुप्रीम कोर्ट: वैवाहिक दुष्कर्म पर अदालत सख्त, कहा- शादी के बाद पत्नी की सहमति का अधिकार खत्म नहीं होता है

पहले किस अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं। पीठ ने कहा कि वह सबसे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले से जुड़ी अपील पर सुनवाई करेगी, जिसमें पत्नी के साथ कथित यौन हिंसा के मामले में पति के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह पत्नी की ओर से पेश हुईं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले में पत्नी को लगभग यौन गुलाम की तरह रखे जाने की स्थिति को देखते हुए मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। उनका तर्क है कि मौजूदा कानून की व्याख्या के जरिए भी ऐसे मामले में मुकदमा चलाया जा सकता है, यानी वैवाहिक दुष्कर्म के अपवाद को तुरंत खत्म करना जरूरी नहीं है। क्या मौजूदा कानून की व्याख्या करके पति पर मुकदमा चलाया जा सकता है? क्या शादी के बाद महिला की व्यक्तिगत स्वायत्तता खत्म हो जाती है? निर्भया कांड के बाद दुष्कर्म कानून में क्या बदला? सुनवाई के दौरान वकीलों ने बताया कि 2012 के निर्भया कांड के बाद भारत के यौन अपराधों से जुड़े कानून में बड़े बदलाव किए गए थे। दुष्कर्म की कानूनी परिभाषा को केवल पुरुष जननांग के प्रवेश तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि दूसरे प्रकार के प्रवेश को भी इसमें शामिल किया गया। इसी दौरान वैवाहिक अपवाद में इस्तेमाल होने वाले शब्दों को भी बदला गया और यौन संबंध की जगह यौन संबंध या यौन कृत्य किया गया। करुणा नंदी ने यह भी कहा कि शादी के भीतर होने वाली दूसरी तरह की यौन हिंसा पर भी इस अपवाद का असर पड़ता है। उन्होंने बीएनएस में धारा 377 को हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि ऐसे मामलों में कानूनी उपा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

इसरो: क्या गगनयान मिशन में देरी होना असामान्य, तैयारी और लक्ष्य पर क्या बोले अंतरिक्ष यात्री अंगद प्रताप?

भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान को लेकर लॉन्च में देरी की चर्चा के बीच अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मानव अंतरिक्ष उड़ान जैसे बड़े कार्यक्रम में देरी होना सामान्य बात है और इसे चुटकी भर नमक के साथ यानी बहुत गंभीर चिंता के तौर पर नहीं लेना चाहिए। उनका कहना है कि मिशन कुछ महीने या एक-दो साल देर से भी हो सकता है, लेकिन जब उड़ान हो तो उसकी सफलता सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है। क्या गगनयान मिशन में देरी होना असामान्य है? अंगद प्रताप ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री बनने के बाद यह समझना पड़ता है कि खासकर प्रोटोटाइप कार्यक्रमों में देरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि वे अंतरिक्ष यात्री इस सोच के साथ नहीं चुने गए थे कि वाहन और रॉकेट पहले से तैयार हैं और उन्हें पहले से तय तारीख पर सीधे अंतरिक्ष में भेज दिया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन मुख्यालय की ओर से तय समयसीमा के अनुसार सभी अंतरिक्ष यात्री लगातार प्रशिक्षण और तैयारी कर रहे हैं। प्रताप ने कहा कि भारत का कार्यक्रम केवल अंतरिक्ष में उड़ान भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी बड़ी मात्रा में काम पूरा किया जाना है। क्या मिशन की तारीख से ज्यादा उसकी सफलता जरूरी है? प्रताप ने कहा कि गगनयान कुछ महीने या एक-दो साल तक देर हो सकता है, लेकिन जब मिशन होगा तो उसका सफल होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि देरी को ‘चुटकी भर नमक के साथ’ लेने की जरूरत इसलिए है क्योंकि यह भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है और शुरुआत में ही असफलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत में ही मिशन विफल हो गया तो पूरा कार्यक्रम रुक भी सकता है। इसलिए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

क्या अमेरिका ईरान पर फिर दागेगा मिसाइलें?: संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर बढ़ी हलचल, भूमिगत अड्डों पर हमले की तैयारी

ईरान के संदिग्ध परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन में इस साल निर्माण गतिविधियां अचानक तेज हुई हैं। छह साल की सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर विश्लेषकों का कहना है कि नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित इस पहाड़ी में लगातार काम चल रहा है। इसी बीच अमेरिका ईरान के ऐसे परमाणु ठिकानों पर हमला करने के तरीके तलाश रहा है, जो जमीन के बहुत नीचे बनाए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही पिकैक्स माउंटेन पर संभावित कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। पिकैक्स माउंटेन में अचानक क्या बदला? तेहरान से करीब 140 मील दक्षिण में नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन को लेकर खुफिया एजेंसियों में पहले से चर्चा होती रही है। विश्लेषण के मुताबिक यह जगह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए सुरक्षित भूमिगत ठिकाने के रूप में तैयार की जा रही हो सकती है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के विश्लेषकों ने छह साल की सैटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन किया। इसमें 2026 के दौरान निर्माण गतिविधियों में साफ बढ़ोतरी दिखाई दी। रिपोर्ट के मुताबिक काम अब केवल पहाड़ के अंदर खुदाई तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरंगों के प्रवेश हिस्सों को मजबूत करने, अंदरूनी सड़कें तैयार करने और बाहर की जमीन को समतल करने जैसी गतिविधियां भी हुई हैं। क्या ईरान परमाणु कार्यक्रम को यहां सुरक्षित करने की तैयारी कर रहा है? विश्लेषकों के मुताबिक पिकैक्स माउंटेन में बने भूमिगत ढांचे का इस्तेमाल ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े काम के लिए किया जा सकता है। इसके तीन संभावित उद्देश्य बताए गए हैं। पहला, सेंट्रीफ्यूज तैयार करने की जगह। दूसरा, यूरेनियम संवर्धन से जुड़ी सुविधा। तीसरा, परमाणु हथियारों से संबंधित …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: मायावती बोलीं- अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए, तभी आकाश की वापसी पर विचार हो सकता है

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने संगठन और मिशन को लेकर बड़ा संदेश दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि उन्हें अभी भी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने का मौका है। बसपा के मुताबिक, ऐसा होने पर उनके दामाद आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करना संभव होगा और उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है। निजी स्वार्थ को मिशन से ऊपर रखने का आरोप बसपा ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी ने सुधार का एक नहीं, कई बार मौका दिया, लेकिन उन्होंने बहुजन मिशन से अधिक निजी और पारिवारिक स्वार्थ तथा महत्वाकांक्षा को महत्व दिया। पार्टी का कहना है कि इसका खामियाजा अशोक सिद्धार्थ के साथ उनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ा है। बयान में कहा गया कि अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी स्वार्थ में आकाश आनंद और बसपा मूवमेंट की भी पर्याप्त परवाह नहीं की। पार्टी के मुताबिक, उनसे दूसरों की तुलना में अधिक त्याग, तपस्या और कुर्बानी की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चुनावी राज्यों पर बसपा का फोकस मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव बहुत नजदीक हैं। पार्टी के अनुसार ये तीनों राज्य बहुजन समाज और बहुजन मूवमेंट के लिए विशेष महत्व रखते हैं। पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक और शुभचिंतक इन राज्यों में सत्ता प्राप्ति के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं। मौजूदा समय में पार्टी और बहुजन समाज को विरोधी दलों और जातिवादी तत्वों से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

'भारत के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल नहीं होने देंगे': दिसानायके की दो टूक, श्रीलंका ने चीन को दिखाया आईना?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षा, शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसी बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने साफ किया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे। आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे कोलंबो श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए दोहराया कि श्रीलंका कभी भी अपनी धरती को भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 9 सितंबर को कोलंबो में हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने माना कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ वर्तमान समय में रक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और श्रीलंका हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के सबसे करीबी साझेदार के तौर पर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बंदरगाह साझा आर्थिक विकास को गति देने वाले महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं। मछुआरों के विवाद पर राजनाथ सिंह ने क्या कहा? श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने कोलंबो में आयोजित ‘हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-श्रीलंका समुद्री सुरक्षा और सहयोग’ कार्यक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

तारिक रहमान के भारत दौरे पर सस्पेंस बरकरार: क्या ब्रिक्स से दूरी बनाएगा बांग्लादेश, विदेश मंत्री ने क्या कहा?

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला और इस वैश्विक संस्था के सालाना सत्र की अध्यक्षता की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद पत्रकारों से उन्होंने बात किया। पत्रकारों से बात करते हुए जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर उनसे सवाल किया तो उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इस सवाल को टालते हुए कहा,‘मैं यहां अपनी राष्ट्रीय हैसियत से नहीं आया हूं, इसलिए कृपया मुझे माफ करें…मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि मुझसे सवाल पूछें या मुझसे महासभा के अध्यक्ष के तौर पर बात करें। अगर कोई द्विपक्षीय मुद्दा है, तो मैं अभी भी विदेश मंत्री हूं; मैं अलग से बात करूंगा।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 1 min · National Desk

'यूके छोड़ने पर कानूनी रोक': विजय माल्या बोले- मैं भगोड़ा नहीं; भारत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, क्या है मामला?

माल्या का दावा है कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल कानूनी तौर पर ब्रिटेन छोड़ने पर रोक है। अक्टूबर 2025 में सरकार ने लोकसभा में बताया था कि 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिनमें माल्या और नीरव मोदी शामिल हैं। दिसंबर 2025 में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत वांछित आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए अलग-अलग देशों के साथ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। माल्या ने ईडी के कथित हलफनामे का हवाला देते हुए 2021 तक 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली का दावा किया है। विजय माल्या ने अगस्त में भी दावा किया था कि बैंकों और सरकार ने उनसे 14,100 करोड़ रुपये वसूल किए हैं, जबकि जजमेंट डेट 6,203 करोड़ रुपये है। माल्या का दावा है कि ईडी ने उनके अटैच फंड से किंगफिशर कर्मचारियों को भुगतान के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए थे। फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या को अदालती कार्यवाही से बचने पर फटकार लगाई और भारत लौटने के इरादे पर स्पष्ट जवाब मांगा था। भारत सरकार के रिकॉर्ड में विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। अक्टूबर 2025 में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया था कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 15 लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। इस सूची में विजय माल्या और नीरव मोदी समेत कई चर्चित नाम शामिल हैं।यही वजह है कि भारत में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, माल्या अब इसी पहचान पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ब्रिटेन में उनका रहना किसी तरह भारत से भागने की कोशिश नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी स्थिति का नती …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi Building Collapse Live: एमसीडी एक्शन में, आज गिराई जाएगी बगल की कमजोर इमारत; पीजी खाली कर रहे छात्र

08:38 AM, 09-Sep-2026 सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी सख्त सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सात संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उसने 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं, पांच संपत्तियां सील करने के साथ 15 के ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। इन संपत्तियों में मानसून से पहले किए गए सर्वे में खतरनाक पाई गई संपत्तियां भी शामिल है। सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सात संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उसने 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं, पांच संपत्तियां सील करने के साथ 15 के ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। इन संपत्तियों में मानसून से पहले किए गए सर्वे में खतरनाक पाई गई संपत्तियां भी शामिल है। 08:36 AM, 09-Sep-2026 सत्य निकेतन हादसे के बाद हरकत में आई दिल्ली सरकार सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने पीजी नीति लागू करने का फैसला किया है। जल्द इसका मसौदा तैयार किया जाएगा। नीति के तहत पीजी चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होगा। मंगलवार को शहरी विकास और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान सूद ने कहा कि एक से दो महीने के भीतर इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने पीजी नीति लागू करने का फैसला किया है। जल्द इसका मसौदा तैयार किया जाएगा। नीति के तहत पीजी चलाने के लिए लाइसेंस जरूरी होगा।मंगलवार को शहरी विकास और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में पीजी और किराये के मकानों में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान के तीन तेल टैंकरों पर अमेरिका का हमला: विमानन क्षेत्र की 36 संस्थाओं पर प्रतिबंध भी लगाया; तनाव बढ़ेगा?

ईरान की विमानन क्षेत्र की 36 संस्थाओं पर प्रतिबंध अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के विमानन क्षेत्र पर नए प्रतिबंध लगाए। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दो दर्जन से ज्यादा यात्री और निजी एयरलाइनों को निशाना बनाया। विदेशी कार्गो सेवा देने वाली कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई। अमेरिका का मकसद ईरान को उसके बचे हुए कारोबारी साझेदारों से अलग करना है। अमेरिका ने प्रतिबंध क्यों लगाए? ये कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान का हिस्सा है। इसका मकसद ईरान सरकार की आर्थिक मदद के अहम रास्तों को बंद करना है। अमेरिका ने कहा कि ईरान का विमानन क्षेत्र हथियार, लोगों और अवैध सामान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। स्कॉट बेसेंट ने क्या चेतावनी दी? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी कि ईरान की बाकी एयरलाइन के साथ कारोबार करने वालों को भी वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर किया जा सकता है। अमेरिका ने इस सप्ताह 36 संस्थाओं पर कार्रवाई की है। इनसे कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों और सरकारों पर भी प्रतिबंध लग सकते हैं। इन संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां भी जब्त की जा सकती हैं। ईरान ने अमेरिका को क्या जवाब दिया? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की पुरानी प्रतिबंध नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का अमेरिका पर भी बुरा असर पड़ा है। इससे दुनिया में अमेरिका की छवि को नुकसान हुआ है। उन्होंने पूछा कि प्रतिबंध और युद्ध से अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाने के बाद अमेरिका का नया तरीका फिर से प्रतिबंध लगाना है? माही एयर पर भी कार्रवाई क्यों? अमेरिका ने कहा कि तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, कजाखस्तान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk

आज का शब्द: शृंगी और द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- ओ प्रिय महेश! यह वही देश

आज का शब्द: शृंगी और द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- ओ प्रिय महेश! यह वही देश ‘हिंदी हैं हम’ शब्द शृंखला में आज का शब्द है- शृंगी, जिसका अर्थ है- हाथी, पेड़, पर्वत। प्रस्तुत है द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता- ओ प्रिय महेश! यह वही देश जय-जय-जय शंकर प्रलयंकर! उठ, खोल तीसरा नेत्र विश्व में मचे प्रलय गूँजे हर-हर॥ कर रहा विश्व अपना पोषण भारत का कर निर्मम शोषण फिर भी अपनी संस्कृति का वह उद्घोषणा करता है सस्वर॥ सह चुका यातनाएं अनेक क्या कहूँ एक से प्रबल एक यह देश; किन्तु रह गई टेक, पौरुष प्रसुप्त अब जागृत कर॥ केवल दिवसों की बात नहीं केवल मासों की बात नहीं केवल वर्षों की बात नहीं, बीती शताब्दियाँ-मन्वन्तर॥ चल रहा निरन्तर यही चक्र क्या है भारत का भाग्य वक्र? है खड़ा हुआ मुँह फाड़ नक्र-सा विश्व इसे रखने अन्दर॥ ओ प्रिय महेश! यह वही देश जिसकी गौरव-गाथा हमेशा गाते रहते देवेश, मस्त झूमा करता था अखिलेश्वर॥ अब कितनी और समाधि शेष! अन्तिम साँसें ले रहा देश! है छिन्न-वेष, कंकाल-मात्र अवशेष, एक क्षण-क्षण दुष्कर॥ तू खोल नेत्र, मत कर विलम्ब तू ही तम का दीपक-स्तम्भ करसजग हमारी अम्ब, प्रलयका दृश्य उपस्थित हो मिलकर॥ ओ! एक बार सिर हिला आज बम-बम गा गूँजे शब्द आज हिल उठे विश्व का क्रूर साज, हों नष्ट ताज गिर-गिर भू पर॥ सर्पों से कह, कर फूत्कार कर दे विषाक्त यह जग अपार बन शेषनाग दें हिला धरा, कम्पित हो सृष्टि सकल थर्-थर्॥ कह दे गंगा से ले हिलोर भर दे दिशि-दिशि में प्रबल रोर बह उठे विश्व का ओर-छोर, पृथ्वी लहराए बन सागर॥ कह दे हिमांशु से हिम-वर्षण कर गला विश्व का दे कण-कण जिससे भीषण जल-प्लावन भी बन जाय एक हिम का पत्थर॥ डमरू-शृंगी का प्रलय- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 9, 2026 · 2 min · National Desk