खबरों के खिलाड़ी: 2029 में चुनाव, तमिलनाडु में अभी से पीएम चेहरे पर घमासान, विश्लेषकों ने समझाया असली गणित

पूर्णिमा त्रिपाठी: ये अभी से सोचना थोड़ा ज्यादा महत्वाकांक्षी है। फैन फॉलोविंग की वजह से राष्ट्रीय राजनीति में किसी नेता को स्थापित होते हमने नहीं देखा। चाहे एमजीआर हों, जयललिता हों या एनटीआर हों। विजय उस परंपरा को कैसे तोड़ देंगे ये मुझे नहीं पता। कहने को उनके विधायक कुछ भी कह दें। चर्चा करने के लिए भले ये विषय बढ़िया हैं, लेकिन ऐसा होने जा रहा है इसकी मुझे उम्मीद नहीं दिखती है। रामकृपाल सिंह: बंगाल का चुनाव होने से पहले राहुल की सबसे बड़ी विरोधी ममता बनर्जी थीं। हर आदमी पहली बार ही बनता है। नरसिम्हा राव दक्षिण से होकर भी प्रधानमंत्री बन जाएंगे ये किसी को नहीं पता था। तो फिर विजय नहीं बन पाएंगे ये कौन कह सकता है। मूल बात ये है कि राहुल गांधी की विपक्षी गठबंधन में कितनी स्वीकार्यता है ये भी देखना होगा। राकेश शुक्ल: सबसे पहले हमें यह समझना चाहिए कि ये मांग कहां से उठी। जब कांग्रेस डीएमके का गठबंधन छोड़कर टीवीके के साथ जाती है तो बहुत तीखी प्रतिक्रिया होती है। विपक्षी गठबंधन में स्थिति एक अनार, सौ बीमार वाली है। आज की तारीख में मैं ये मानकर चलता हूं कि अगर गैर भाजपा सरकार बनेगी तो बिना कांग्रेस के गठबंधन के नहीं बनेगी। दूसरा इस स्थिति में कांग्रेस को कम से कम 150 सीटें जीतनी पड़ेगी। और अगर कांग्रेस 150 सीटें जीतेगी तो वो विजय थलपति को क्यों प्रधानमंत्री बनने देगी। विनोद अग्निहोत्री: चुनौती नेता की नहीं होती है, चुनौती परिस्थितियां होती हैं। 2029 के लोकसभा चुनाव में क्या परिस्थिति बनेगी ये हम अभी से नहीं बता सकते हैं। अभी की परिस्थिति की बात करें तो आज की तारीख में मौजूदा केंद्र सरकार कहीं नहीं जा रही है। मुझे लगता है कि डीएमके को जिस तरह से छोड़ा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

बिहार एमएलसी चुनाव: राजद उम्मीदवारों की घोषणा पर भड़कीं रोहिणी, तेजस्वी यादव पर आरोप लगाकर क्या मैसेज दिया?

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की अपने भाई तेजस्वी यादव से नाराजगी दूर नहीं हुई है। वह एक फिर से अपने भाई तेजस्वी यादव पर भड़क गईं हैं। शिक्षक-स्नातक विधान परिषद् चुनाव में राजद की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद रोहिणी का गुस्सा सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बता दिया कि उम्मीदवारों के चयन से वह खुश नहीं हैं। शनिवार को रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर ऐन चुनाव (विधान परिषद चुनाव ) से पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं-कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का घोर अनादर है। दशकों तक लाठियां खाकर पार्टी और संगठन को सींचने वाले नेताओं को दरकिनार करना राजद के आंतरिक लोकतंत्र और जमीनी कैडर के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। यह निर्णय न केवल निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी है, बल्कि लालू जी की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती पर भी गहरा आघात है।राजद ने कुल छह उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं। इनमें चार स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी हैं। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बताया कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार सिंह को टिकट दिया है। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. जयराम यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। पटना स्नातक से दिलीप कुमार, कोशी स्नातक से नितेश कुमार, दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को प्रत्याशी घोषित किया गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने बताया कि दो अन्य सीटों पर अभी विचार किया जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ी कामयाबी: भद्रवाह में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर ढेर, एम4 राइफल बरामद

ऑपरेशन अशदर में हुआ था ढेर यासिर को 5 सितंबर को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के अशदर गली इलाके में चलाए गए ऑपरेशन अशदर के दौरान मार गिराया गया था। अभियान में भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ शामिल थीं। पहले एके राइफल भी हुई थी बरामद ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक एके राइफल और अन्य युद्ध संबंधी सामान भी बरामद किया था। सुरक्षा एजेंसियां अब आतंकी के स्थानीय संपर्कों और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं। आतंकी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज सुरक्षाबलों का कहना है कि क्षेत्र में खुफिया जानकारी के आधार पर निगरानी और संयुक्त अभियान लगातार जारी हैं। यासिर के मारे जाने को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 1 min · National Desk

ब्रिक्स समिट: मेहमानों की मेज पर सजेगी जयपुर की कारीगरी, बनाया खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर; कैसे हैं डिजाइन?

1 of 8 भारत में ममेहमानों का स्वागत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक Link Copied दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के 20 देशों से मेहमान पहुंच रहे हैं। उनके स्वागत के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। खाने से लेकर उसे परोसने तक, हर चीज में भारतीय संस्कृति और कारीगरी की झलक दिखेगी। इसी खास मेहमाननवाजी के लिए जयपुर के करीब 300 कारीगरों ने सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की है। इनके डिजाइन में पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा। 2 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस ब्रिक्स समिट के दौरान जब दुनिया के प्रमुख देशों के प्रतिनिधि दिल्ली में एक साथ बैठेंगे, तो मेज पर परोसा जाने वाला भोजन ही खास नहीं होगा, बल्कि उसे परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाला टेबलवेयर भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस खास मेहमाननवाजी में जयपुर की पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल दिखाई देगा। 3 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस अरुण्स ग्रुप के सीईओ अरुण पाबुवाल और डायरेक्टर अंतरा पाबुवाल ने बताया कि ब्रिक्स समिट में विदेशी और विशेष मेहमानों के लिए खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की गई है। इसे तैयार करने में करीब 300 कारीगरों की टीम ने काम किया। इन उत्पादों में पारंपरिक हस्तकला के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 4 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस अरुण पाबुवाल ने आईएएनएस को बताया कि समिट में परोसे जाने वाले अलग-अलग व्यंजनों के लिए टेबलवेयर का डिजाइन भी अलग रखा गया है। यानी मेहमान के स्वागत में परोसे जाने वाले पेय से लेकर भोजन और अंत में स्वीट डिश तक, हर चरण के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: रूस का एसयू-57 कितना ताकतवर, भारत को पांचवीं पीढ़ी के जेट का ऑफर क्यों, लड़ाकू विमान में खास क्या?

भारत को कौन-कौन सी तकनीक मिल सकती है? रूस की ओर से भारत को जिन क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की पेशकश बताई गई है, उनमें इंजन तकनीक, एईएसए रडार, ऑप्टिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टील्थ या कम दिखाई देने वाली तकनीक, सॉफ्टवेयर और आधुनिक हथियार प्रणाली शामिल हैं। रूसी प्रस्ताव में महत्वपूर्ण हिस्सों का उत्पादन भारत में करने और धीरे-धीरे स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की बात भी शामिल है। भारत के लिए स्थानीय उत्पादन की बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान में सिर्फ विमान का ढांचा ही महत्वपूर्ण नहीं होता। उसके रडार, इंजन, सेंसर, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और हथियारों का आपस में तालमेल उसकी वास्तविक क्षमता तय करता है। क्या भारत के लिए दो सीट वाला एसयू-57 भी विकल्प है? हां। रूस ने भारत के साथ दो सीट वाले एसयू-57 संस्करण पर मिलकर काम करने की पेशकश भी की है। 2026 में रूस ने खुद एसयू-57डी के दो सीट वाले प्रोटोटाइप की उड़ान शुरू कर दी है। दो सीट वाले विमान का इस्तेमाल प्रशिक्षण के अलावा युद्ध संचालन में अतिरिक्त भूमिका के लिए किया जा सकता है। यूएसी के मुताबिक, इसे मानवयुक्त और बिना पायलट वाले विमानों के संयुक्त समूह के संचालन और नियंत्रण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में उत्पादन की बात क्यों महत्वपूर्ण है? अगर भारत और रूस के बीच एसयू-57ई के स्थानीय उत्पादन पर सहमति बनती है, तो यह सिर्फ तैयार विमान खरीदने से अलग व्यवस्था होगी। रूस ने भारत में इसके उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने और महत्वपूर्ण हिस्सों को स्थानीय स्तर पर बनाने की पेशकश की है। इससे भारतीय उद्योग को विमान निर्माण, रखरखाव और भविष्य के उन्नयन में ज्यादा भूमिका मिल सकती है। भारत के पा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

भारतीय रेल: आज और कल कई ट्रेनें रद्द, कई बदले मार्ग से चलेंगी; लंबी दूरी के अलावा लोकल गाड़ियां भी प्रभावित

परिचालन संबंधी कार्यों के चलते कई ट्रेनें रद्द रहने से दिल्ली और आसपास के रेल यात्रियों को 12 और 13 सितंबर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे ने इन दो दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने, कुछ का मार्ग बदलने, कुछ को बीच रास्ते से चलाने या वहीं समाप्त करने तथा कई ट्रेनों को देरी से रवाना करने का फैसला किया है। इसका सबसे अधिक असर दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-पलवल और दिल्ली-शाहदरा रेलखंड पर चलने वाली ईएमयू-मेमू सेवाओं के अलावा लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, नई दिल्ली से चलने वाली कई राजधानी ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें नई दिल्ली-रांची, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, नई दिल्ली-हावड़ा, नई दिल्ली-भुवनेश्वर और नई दिल्ली-सियालदह राजधानी के साथ संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद होकर चलाने की योजना है।12 सितंबर को गाजियाबाद-नई दिल्ली और नई दिल्ली-गाजियाबाद की कई ईएमयू रद्द रहेंगी। इनमें 64425, 64432, 64429, 64433, 64441, 64410, 64443, 64418, 64445 और 64412 प्रमुख हैं। नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू 64492 भी रद्द रहेगी। पलवल-शकूरबस्ती की कुछ सेवाएं भी रद्द रहेंगी। गोमती, श्रमजीवी, सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू, वैशाली, मगध और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा। इन्हें नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-दिल्ली शाहदरा-साहिबाबाद होकर चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनें साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन होकर भी चलेंगी।13 सितंबर को पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू, बल्लभगढ़-शकूरबस्ती ईएमयू, नई दिल्ली-पल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

ब्रिक्स समिट LIVE: आज दोपहर दिल्ली आएंगे जिनपिंग; इंडोनेशिया, फिलीपींस और अफ्रीका से भारत पहुंचे कई और मेहमान

01:11 AM, 12-Sep-2026 ब्रिक्स समिट LIVE: आज दोपहर दिल्ली आएंगे जिनपिंग; इंडोनेशिया, फिलीपींस और अफ्रीका से भारत पहुंचे कई और मेहमान ब्रिक्स शिखर बैठक 2026 के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज भारत पहुंचेंगे। ब्रिक्स से इतर चीन के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। पीएम मोदी के साथ मुलाकात के संबंध में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने कहा, चीन और भारत राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहे हैं। कजान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि चीन, भारत के साथ मिलकर दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के मुताबिक काम करेगा। जिनपिंग के भारत आगमन से पहले चीन का रुख सकारात्मक पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात से पहले राजदूत फेइहोंग ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संभालने, संचार को बढ़ावा देने, सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि चीन मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाएगा। अच्छे पड़ोसी की तरह संबंधों का आनंद लेने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने वाले साझेदार बने रहेंगे। भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन 2026 से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा ब्रिक्स देशों में साल 2024 में पांच और देश- मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जुड़े। 2025 में इंडोनेशिया को भी इस समूह से जोड़ा गया। ऐसे में 11 देशों के इस समूह के प्रतिनिधि भारत की राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। कुछ देशों को मेहमान की तरह भी आमंत्रित किया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

स्थानीय मुद्राएं, वैश्विक व्यापार और अमेरिकी प्रतिबंध: पीएम मोदी, पुतिन और पेजेश्कियान का ट्रंप को क्या संदेश?

क्या है स्थानीय मुद्राओं और वैश्विक व्यापार पर बना नया मोर्चा? सुरक्षित समुद्री मार्गों और नाविकों की हिफाजत पर पीएम मोदी ने क्या कहा? क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था में पुराने नेताओं की जगह नए इंजन ले रहे हैं? पुतिन ने पुराने आर्थिक नेताओं की ताकत और बदलते दौर पर क्या दलील दी? ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए क्या रास्ता सुझाया? क्या न्यू डेवलपमेंट बैंक को स्थानीय मुद्रा फंडिंग का मुख्य इंजन बनना होगा? क्या ट्रंप की 10% टैरिफ की धमकी के सामने झुकने को तैयार है ब्रिक्स? ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच पर तीनों नेताओं का संबोधन वैश्विक व्यापार और वित्तीय ढांचे को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है। फोरम में साफ किया गया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक व्यवस्था अब पुराने ढर्रे पर नहीं चल सकती। ट्रंप मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और उनकी ओर से डॉलर की बादशाहत को बचाने के लिए दी जा रही चेतावनियों के बीच ब्रिक्स देशों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे आपसी कारोबार में अपनी स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्राओं को प्राथमिकता देने के लिए तैयार हैं। यह मंच केवल व्यापारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दुनिया को यह दिखा दिया कि आर्थिक प्रतिबंधों और मुद्रा दबावों के खिलाफ उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब एक साथ खड़ी हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार को निर्बाध बनाए रखने के लिए सुरक्षित समुद्री लेन और खुली आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत जहाजरानी की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का कट्टर समर्थक है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा, “वैश्विक व्यापार की प्रगति तभी संभव है जब समुद्री ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 11, 2026 · 2 min · National Desk

ब्रिक्स: पीएम मोदी ने थामा ईरानी राष्ट्रपति का हाथ, पुतिन-रामाफोसा दिखे साथ; तस्वीर में नजर आई गर्मजोशी

Delhi | PM Narendra Modi with Iran’s President Masoud Pezeshkian and Russia’s President Vladimir Putin, among other BRICS leaders, at the BRICS Business Forum in Delhi pic.twitter.com/CcCPVgdNGl — ANI (@ANI) September 11, 2026 यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब दुनिया बड़े भू-राजनीतिक उलटफेरों के दौर से गुजर रही है। ईरान उस संघर्ष के केंद्र में है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं, यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर पश्चिमी देशों ने व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं।भारत ने दोनों देशों के साथ अपने संपर्क बनाए रखे हैं। साथ ही अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी भी जारी रखी है। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ द्विपक्षीय बैठक में भी भारत का यही रुख दिखाई दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने की अपील की।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आम नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता बाधित नहीं होनी चाहिए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलग बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तरह का रुख अपनाया। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की भारत की अपील दोहराई।नई दिल्ली लगातार यह रुख रखता रहा है कि वह निष्क्रिय रूप से तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। साथ ही भारत ने खुद को प्रतिद्वंद्वी भू-राजनीतिक खेमों में शामिल होने से बचाया है और अलग-अलग पक्षों वाले देशों के साथ संवाद जारी रखा है।ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की भूमिका प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 11, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: आकाश आनंद को लेकर क्या हो सकता है बसपा में विद्रोह?, उलटफेर की आशंका में होती रही बैठकें

बसपा में शीर्ष स्तर पर चल रही उठापटक का असर अब निचले पायदान पर भी दिखाई देने लगा है। आकाश आनंद को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद बसपा के पुराने नेताओं -कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। इस बीच मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे देववृत्त त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भेजा है। उधर, मेरठ में नाराज कई पुराने बसपाइयों के भी पार्टी छोड़ने की चर्चा है। देववृत्त त्यागी का कहना है कि आगामी विस चुनाव की तैयारियों के समय संगठन को मजबूत करने की बजाय लगातार फेरबदल किए जाने से कार्यकर्ताओं में असमंजस और अविश्वास की स्थिति पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ लोग ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है। देववृत्त का कहना है कि विस चुनाव का बिगुल बजने के बाद बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी रणनीति बनाने पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन, पार्टी में लगातार उठापटक चल रही है। आकाश आनंद को चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी से बाहर किया जाना उचित नहीं है। इससे कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा रहा है। देववृत्त के मुताबिक सिर्फ आकाश ही नहीं, बल्कि जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पदाधिकारियों में बार-बार बदलाव से संगठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि मेरठ में कई पुराने बसपाई पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली से नाराज हैं और पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। जल्द ही उनके भी इस्तीफे भी सामने आ सकते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 11, 2026 · 2 min · National Desk