US-Iran Peace Deal: ट्रंप का दावा- ईरान के साथ शांति समझौता फाइनल; इसी हफ्ते यूरोप में हो सकते है हस्ताक्षर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को लेकर एक बड़ा समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में गुरुवार दोपहर मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और यह कार्यक्रम संभवतः यूरोप में आयोजित होगा। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य रहा है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा की थी और साथ ही उसके तेल उद्योग पर नियंत्रण की चेतावनी भी दी थी। जेडी वेंस निभा सकते हैं अहम भूमिका अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते के हस्ताक्षर समारोह में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं। यह कार्यक्रम यूरोप में इस सप्ताहांत होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप ने कहा कि हमने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक बड़ा समझौता लगभग पूरा कर लिया है। दस्तावेज अंतिम रूप में हैं और यह जल्द ही पूरा हो जाएगा। #WATCH | When asked how soon will the peace deal with Iran be finalised, US President Donald Trump says, “It’ll be soon. Maybe this weekend.” On whether Iran’s Supreme Leader approved the terms of the deals, he says, “I understand the answer is yes.” When asked whether the US… pic.twitter.com/jwQW6EDJ57 — ANI (@ANI) June 11, 2026 ईरान पर परमाणु हथियार न रखने की शर्त ट्रंप ने कहा कि ईर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: एमपी में लगे झटके के बाद भी फायदे में कांग्रेस, किस वजह से राज्यसभा में नहीं बढ़ेंगी BJP की सीटें?

पर कांग्रेस को तो मध्य प्रदेश, गुजरात में नुकसान हुआ है? एनडीए में किस दल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ? जिन 24 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें कांग्रेस के चार सदस्य थे। इनमें मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी शामिल थे। पार्टी को मध्य प्रदेश और गुजरात में इस बार कोई सीट नहीं मिली। राजस्थान से डांगी फिर से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं। वहीं, कर्नाटक में इस कांग्रेस से खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान जीतने में सफल रहे हैं। यानी दो राज्यों में दो सीटों के नुकासन की भरपाई कर्नाटक से हो गई है। वहीं, तमिलनाडु में विजय की पार्टी को समर्थन का फायदा उसे राज्यसभा की एक सीट के रूप में हुआ है। अब अगर 18 जून को झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जीत मिलती है तो पार्टी को एक और सीट का फायदा होगा।एनडीए में सबसे ज्यादा फायदा चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेदेपा को हो रहा है। जिन 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं उनमें से सिर्फ एक सीट तेदेपा के पास थी, अब ये संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पवन कल्याण की पार्टी के पास इन 24 में से एक भी सीट नहीं थी। अब उसके पास भी सदस्य होगा। इन दो के अलावा मेघालय में एनपीपी अपनी सीट बरकार रखने में सफल रही है। इस तरह से एनडीए 17 सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है। अगर 18 जून को झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिलती है तो ये आंकड़ा 18 पहुंच जाएगा। वहीं, मिजोरम में एनडीए की सहोयगी एनपीएफ के पास थी। जहां उसने उम्मीदवार भी खड़ा किया है। हालांकि, आंकड़े उसके पक्ष में नहीं हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Oman Ship Attack: 'जश्न मनाने का समय है, लेकिन निंदा के लिए नहीं', भारतीय की मौत पर PM मोदी पर बरसे ओवैसी

एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास जश्न मनाने का समय है, लेकिन भारतीय नागरिकों की मौत पर अमेरिका की निंदा करने का समय नहीं है। ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का पहला कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है कि भारतीयों की मौत के बावजूद सरकार की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। उन्होंने लिखा कि भारतीयों की जान बचाना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री के पास उत्सव मनाने का समय है, लेकिन भारतीयों की हत्या पर अमेरिकी सेना की निंदा करने का समय नहीं है।ओवैसी ने दावा किया कि मोदी सरकार बार-बार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस अब भी भारतीय युवाओं की भर्ती सैनिकों के रूप में कर रहा है और उनकी मौत की खबरें सामने आती हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कदम उठाने में असहाय नजर आती है। इसके अलावा उन्होंने चीन और गलवान घाटी के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति पर सवाल उठाए।दरअसल, भारत सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की कि पिछले चार दिनों के दौरान ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन व्यापारी जहाज प्रभावित हुए। इनमें से एक हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। भारत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, फर्जी रिपोर्ट पर लाइसेंस देने वाला हेल्थ इंस्पेक्टर बर्खास्त

मालवीय नगर इलाके में हुई हालिया आग की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। निगम के जन स्वास्थ्य विभाग ने कर्तव्य में घोर लापरवाही, ढिलाई और भ्रष्टाचार के आरोप में साउथ जोन में तैनात सहायक जन स्वास्थ्य निरीक्षक प्रिंस मन्न की अनुबंधित सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। साथ ही, साउथ जोन उप स्वास्थ्य अधिकारी संजय सिंहा का तबादला कर दिया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार, मालवीय नगर के हौज रानी (269, C-2) स्थित एक परिसर में बिना बैठने की व्यवस्था वाले चाय और स्नैक्स के व्यापार लाइसेंस का आवेदन आया था। उक्त इंस्पेक्टर को 17 मार्च 2026 को इस परिसर का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई थी। परंतु, उन्होंने बिना किसी वैध कारण के इस फाइल को 78 दिनों तक दबाए रखा।इसके बाद 2 जून 2026 को उन्होंने एक अत्यंत सतही और संदिग्ध जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने जानबूझकर कागजों में दर्ज विवरण और जमीन की वास्तविक कमियों को छुपाया और फर्जी तरीके से लाइसेंस देने की सिफारिश कर दी, जिसके बाद उसी दिन लाइसेंस जारी भी हो गया।हैरान करने वाली बात यह रही कि इस भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर 2 जून को लाइसेंस जारी हुआ और ठीक उसके अगले दिन, यानी 3 जून 2026 को उसी संबंधित परिसर में भीषण आग लग गई। इस हादसे ने निगम प्रशासन और सुरक्षा मानकों की पोल खोल कर रख दी।निगम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कर्मचारी का यह आचरण न केवल उनके काम के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि उनकी ईमानदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे में उन्हें पद पर बनाए रखना जनहित के खिलाफ होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: एमपी में लगे झटके के बाद भी फायदे में कांग्रेस, किस वजह से राज्यसभा में नहीं बढ़ेंगी BJP की सीटें?

पर कांग्रेस को तो मध्य प्रदेश, गुजरात में नुकसान हुआ है? एनडीए में किस दल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ? जिन 24 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें कांग्रेस के चार सदस्य थे। इनमें मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह, कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे, गुजरात से शक्ति सिंह गोहिल और राजस्थान से नीरज डांगी शामिल थे। पार्टी को मध्य प्रदेश और गुजरात में इस बार कोई सीट नहीं मिली। राजस्थान से डांगी फिर से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं। वहीं, कर्नाटक में इस कांग्रेस से खरगे के अलावा पवन खेड़ा और मंसूर अली खान जीतने में सफल रहे हैं। यानी दो राज्यों में दो सीटों के नुकासन की भरपाई कर्नाटक से हो गई है। वहीं, तमिलनाडु में विजय की पार्टी को समर्थन का फायदा उसे राज्यसभा की एक सीट के रूप में हुआ है। अब अगर 18 जून को झारखंड में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को जीत मिलती है तो पार्टी को एक और सीट का फायदा होगा।एनडीए में सबसे ज्यादा फायदा चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेदेपा को हो रहा है। जिन 24 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं उनमें से सिर्फ एक सीट तेदेपा के पास थी, अब ये संख्या बढ़कर तीन हो गई है। पवन कल्याण की पार्टी के पास इन 24 में से एक भी सीट नहीं थी। अब उसके पास भी सदस्य होगा। इन दो के अलावा मेघालय में एनपीपी अपनी सीट बरकार रखने में सफल रही है। इस तरह से एनडीए 17 सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है। अगर 18 जून को झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जीत मिलती है तो ये आंकड़ा 18 पहुंच जाएगा। वहीं, मिजोरम में एनडीए की सहोयगी एनपीएफ के पास थी। जहां उसने उम्मीदवार भी खड़ा किया है। हालांकि, आंकड़े उसके पक्ष में नहीं हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 2 min · National Desk

Fuel: 'हमारे पास दो महीने का फुल स्टॉक है', पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत से जुड़ी खबरों पर सरकार का जवाब

क्या आपको भी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी पर ईंधन खत्म होने की चिंता सता रही है? अगर हां, तो आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने गुरुवार को उपभोक्ताओं और उद्योगों को आश्वस्त किया है कि आपूर्ति से जुड़ी कोई भी समस्या नहीं है और पैनिक में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। पिछले तीन दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की करीब 1.40 करोड़ बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि इसी दौरान 1.49 करोड़ सिलेंडर डिलीवर भी किए गए। कमर्शियल (व्यावसायिक) एलपीजी की बात करें तो इसी अवधि में लगभग 22,340 टन गैस बेची गई है। वहीं, 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री लगभग 1.91 लाख यूनिट दर्ज की गई। अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने कहा, “कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई स्थिर है और हमारी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं”।लगातार उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि पिछले तीन महीनों से सरकार यही बता रही है कि देश में पर्याप्त इन्वेंट्री है। उन्होंने नया अपडेट देते हुए स्पष्ट किया, “हमारे पास रोलिंग स्टॉक मौजूद है और अगले लगभग दो महीने के लिए आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित कर ली गई है”। हालांकि कुछ रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री बढ़ी है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) देश भर में निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित कर रही हैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 2 min · National Desk

ऋतब्रत बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष?: कोर्ट का स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक से इनकार; 16 जून को अगली सुनवाई

वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी शोभनदेब चट्टोपाध्याय की ओर से पेश हुए। उन्होंने जस्टिस कृष्णा राव के समक्ष कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने विधानसभा अध्यक्ष को पार्टी के फैसले की जानकारी दे दी थी। जिसमें शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया था। शोभनदेव चट्टोपाध्याय के वकील ने क्या दलील दी? उन्होंने दलील दी कि ऐसा फैसला लेने का अधिकार विधायी दल के बजाय राजनीतिक दल के पास होता है और विधानसभा अध्यक्ष पार्टी की ओर से चुने गए व्यक्ति को स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं। कल्याण बनर्जी ने अदालत से कहा, विधानसभा अध्यक्ष का यह कदम संविधान की मूल संरचना पर आघात करता है। शोभनदेब चट्टोपाध्याय और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता की मान्यता दी गई है। ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि उन्हें टीएमसी के 57 अन्य विधायकों का समर्थन हासिल है और वह अलग हुए गुट का नेतृत्व कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: साहा को मुख्य सचेतक के रूप में मान्यता को भी चुनौती याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को भी चुनौती दी है, जिसमें अलग हुए गुट के नेता संदीपन साहा को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के रूप में मान्यता दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की मांग करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि विधानसभा का सत्र 18 जून से शुरू होने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने याचिका में उठाए गए मुद्दों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। जस्टिस कृष्णा राव ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई 16 जून के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: टीएमसी में दरार की अटकलों के बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा- ममता और TMC के साथ खड़ा रहना मेरा फर्ज

VIDEO | Delhi: On the split in the TMC, party MP Shatrughan Sinha said, “First of all, I would like to express my gratitude to the people of Asansol and West Bengal for giving me immense love, respect and support, and for ensuring my victory time and again. I first came to… pic.twitter.com/3322zUmBLB — Press Trust of India (@PTI_News) June 11, 2026 शत्रुघ्न सिन्हा ने सबसे पहले आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार और समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि वह ममता बनर्जी के बुलावे और उनके निर्देश पर ही आसनसोल आए थे। उन्होंने वहां पहली बार उपचुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद दूसरी बार भी वह बड़े अंतर से चुनाव जीते। सिन्हा ने कहा कि वह बंगाल के सभी लोगों के लिए काम करते हैं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों।अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सिन्हा ने कहा कि 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वह कठिन समय से गुजर रहे थे। उस वक्त बहुत कम लोग उनके साथ खड़े थे। ममता बनर्जी उन गिने-चुने लोगों में से थीं जिन्होंने उन्हें सहारा दिया। ममता बनर्जी चाहती थीं कि वह बिना किसी ब्रेक के संसद में बने रहें। उन्हीं के कहने पर उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।पिछले कुछ दिनों से सिन्हा को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि वह बागी गुट में शामिल हो गए हैं। इस पर सिन्हा ने कहा कि वह स्वभाव से बेबाक हैं और हमेशा सच बोलते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूं।’ लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ममता बनर्जी को इस मुश्किल घड़ी में नहीं छोड़ सकते।सिन्ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: 'गृहिणियां 'राष्ट्रनिर्माता', इनके घरेलू काम की कीमत ₹30 हजार प्रतिमाह'; किस केस में आया आदेश?

देश भर में मोटर दुर्घटना के मामलों में मुआवजा तय करने के तरीके को बदलने वाले इस अहम फैसले में, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने होममेकर्स की काल्पनिक आय को कुशल मजदूरों की मजदूरी के बराबर मानने की पुरानी न्यायिक प्रथा को खारिज कर दिया। जिसमें गृहिणियों की आय को कुशल मजदूरों की दिहाड़ी के बराबर माना जाता था।कोर्ट ने कहा कि घर के कामों की सामाजिक और आर्थिक अहमियत बहुत ज्यादा है। इसे केवल सामान्य मजदूरी के तराजू में नहीं तौला जा सकता। जस्टिस करोल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि घरेलू देखभाल के नुकसान की भरपाई के लिए 30,000 रुपये का नया नियम बनाया गया है। यह राशि ‘प्रणय सेठी’ केस में तय किए गए अन्य लाभों के अतिरिक्त होगी।यह मामला पंजाब की रेशमा नाम की महिला से जुड़ा है। उनकी मौत नवंबर 2001 में एक सड़क हादसे में हुई थी। उनके पति और तीन बच्चों ने मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया था। ट्रिब्यूनल ने 2003 में फैसला दिया, लेकिन कानूनी लड़ाई वर्षों तक चलती रही। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस पर दिसंबर 2024 में फैसला सुनाया। हादसे के 23 साल बाद आए इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताई।सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मोटर एक्सीडेंट से जुड़े दावों का निपटारा आमतौर पर एक साल के भीतर हो जाना चाहिए। कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया कि वे ऐसे मामलों की निगरानी करें। उन्होंने उचित प्रशासनिक निर्देश जारी करने को कहा ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।यह फैसला पूरे देश में मुआवजे के पुराने तरीकों को बदल देगा। अब तक अदालतें गृहिणियों की आय न्यूनतम मजदूरी के आधार पर तय करती थीं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 2 min · National Desk

एअर इंडिया विमान हादसे की बरसी: 'यह मेरे करियर की सबसे दर्दनाक घटना थी', गुजरात के डीजीपी ने साझा किया अनुभव

अहमदाबाद में पिछले साल हुए एअर इंडिया एआई-171 विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन उस भयावह दिन की यादें आज भी गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक के मन में ताजा हैं। उन्होंने इस हादसे को अपने पूरे करियर की सबसे दर्दनाक घटना बताया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद जले हुए शवों को मलबे से निकालने का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। हालांकि इस भीषण त्रासदी के बीच राहत और बचाव कार्यों में शामिल सभी एजेंसियों ने जिस तेजी और समन्वय के साथ काम किया, वह भी अपने आप में एक मिसाल था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 11, 2026 · 1 min · National Desk