UPSC Prelims Result 2026: यूपीएससी सीएसई प्री के नतीजे घोषित; मेंस के लिए 13343 अभ्यर्थी सफल, ऐसे देखें रिजल्ट

UPSC CSE Prelims Result: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार अब खत्म हो गया है। आयोग ने सफल उम्मीदवारों की सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। परिणाम के अनुसार, कुल 13,343 उम्मीदवार मेंस परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं। वहीं, भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 1,046 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 1 min · National Desk

PM मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान: अब तक 33 देशों ने किया सम्मानित, जानें कब-कब बढ़ा भारत का मान

#WATCH | Slovakia confers its highest honour, The Order of the White Double Cross (1st Class) on PM Narendra Modi. Slovakian President Peter Pellegrin presents him with the honour. This is the 33rd global honour bestowed by a country upon PM Modi. The Order of the White Double… pic.twitter.com/Xdi7kXV5rr— ANI (@ANI) June 15, 2026 ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ स्लोवाक गणराज्य का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। यह सम्मान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति द्वारा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं और हस्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने में असाधारण योगदान दिया हो। साथ ही, देश के विदेश नीति संबंधी हितों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय समर्थन दिया हो।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए हैं। इसके साथ उनके नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। उन्होंने नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया गया। यह प्रधानमंत्री को मिलने वाला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने अत्यंत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया ने पीएम मोदी को यह सम्मान सौंपा। पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीकी, रक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने के लिए दिया गया।सऊदी अरब ने साल 2016 में प्रधान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

Sonam Raghuvanshi: 'मैं शिलांग में हूं, नेपाल नहीं भागी', जमानत के बाद पहली बार सामने आई, इंदौर आने पर ये बोली

राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी जमानत मिलने के बाद कोर्ट से बाहर है। उन्होंने ईस्ट मोजो को दिए साक्षात्कार में कहा कि, “मैं शिलांग में हूं। मेरे बारे में अफवाह फैलाई जा रही है कि मैं नेपाल चली गई। जिन शर्तों पर मुझे जमानत मिली है, उनका मैंने पूरा पालन किया है। केस खत्म होने तक मैं इंदौर भी नहीं आऊंगी।” सोनम ने कहा कि वह शिलांग में कहां रुकी हुई हैं, इसका खुलासा वह सुरक्षा कारणों से नहीं करेंगी। खुद पर लगे हत्या के आरोप को लेकर उन्होंने कहा, “अभी इस केस का ट्रायल चल रहा है। इस बारे में कोई टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।“सोनम ने कहा कि उनका खर्च कैसे चल रहा है, इस बारे में भी वह कोई खुलासा नहीं करेंगी। यह उनका निजी मामला है। दरअसल, राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने आरोप लगाया था कि सोनम संभवतः नेपाल भाग गई है। उनके वकील भी नेपाल के हैं। उन्होंने इसमें मदद की है। इसके बाद सोनम सोमवार को मीडिया के सामने आईं और अपनी बात रखी।जमानत मिलने के बाद सोनम जेल से बाहर हैं और उनकी जमानत रद्द करने के लिए भी कोर्ट में याचिका लगाई गई है। जिस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं दिया है। सरकार की तरफ से कोर्ट के समक्ष सोनम को मिली जमानत का विरोध करते हुए तर्क रखा गया है कि इस हत्याकांड में सोनम मुख्य आरोपी हैं। योजना बनाने से लेकर वह मौके पर मौजूद थीं। वह अपना अपराध कबूल भी कर चुकी हैं। सिर्फ प्रकरण दर्ज करते समय हुई टाइपिंग की गलती की वजह से उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।उधर, राजा के भाई विपिन का कहना है कि यह हत्याकांड देशभर में चर्चित रहा है और तीन राज्यों की पुलिस इससे जुड़ी है, इसलिए इसकी सीबीआई जांच भी होनी चाहिए। इस माम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान-अमेरिका डील: शांति समझौता या चुनावी चाल? आपूर्ति शृंखला पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई PM ने भारत को किया आगाह

यरुशलम सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड फॉरेन अफेयर्स (जेसीएफए) के सीईओ सागिव स्टैनबर्ग ने इस समझौते की असलियत पर सीधे उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि यह कोई स्थायी शांति समझौता नहीं है। यह अमेरिका में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों को देखकर किया गया महज 60 दिनों का एक अस्थायी युद्धविराम है। स्टैनबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन इस युद्ध में अपना कोई भी मुख्य लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। इस ढील से ईरान को भारी मात्रा में पैसा मिलेगा। ईरान इस पैसे का इस्तेमाल हिजबुल्ला और हूतियों जैसे अपने खतरनाक प्रॉक्सी संगठनों को दोबारा मजबूत करने में करेगा। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस सौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी इस समझौते को लेकर दुनिया को आगाह किया है। उन्होंने ईरान को एक ‘सर्वनाशकारी शासन’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बात का पूरा जोखिम है कि यह समझौता बहुत जल्द टूट जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि युद्ध रुकने से वैश्विक स्थिरता को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलेगी। लेकिन ईरान जैसी ताकतों पर लंबे समय के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता।स्कॉट मॉरिसन ने वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखला में हो रही गंदी राजनीति पर सबसे गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया अब उस खतरनाक दौर में है जहां जरूरी आर्थिक आपूर्ति शृंखलाओं को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया से अपील की कि वे केवल तेल, गैस या ईंधन ही नहीं, बल्कि डाटा, सबमरीन केबल और अंतरिक्ष जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी आत्मनिर्भरता को तेजी से बढ़ाएं। उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: 16 महीने बाद मिलेंगे मोदी-ट्रंप, पिछली मुलाकात के बाद से कितने बदल चुके हैं भारत-अमेरिका के रिश्ते?

Explainer: 16 महीने बाद मिलेंगे मोदी-ट्रंप, पिछली मुलाकात के बाद से कितने बदल चुके हैं भारत-अमेरिका के रिश्ते? ऐसे में यह जानना अहम है कि 12 फरवरी 2025 को ट्रंप और मोदी की पहली बैठक के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में कितना बदलाव आया है? इस दौरान अमेरिका-भारत के मुद्दे क्या रहे हैं? किन-किन बातों पर दोनों देशों में विवाद की स्थिति पैदा हुई है? इस दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आपसी रिश्ते कैसे रहे हैं? अब जब दोनों नेताओं की जी7 के इतर बैठक होगी तो किन मुद्दों को लेकर चर्चा तय है? आइये जानते हैं… ऐसे में यह जानना अहम है कि 12 फरवरी 2025 को ट्रंप और मोदी की पहली बैठक के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में कितना बदलाव आया है? इस दौरान अमेरिका-भारत के मुद्दे क्या रहे हैं? किन-किन बातों पर दोनों देशों में विवाद की स्थिति पैदा हुई है? इस दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आपसी रिश्ते कैसे रहे हैं? अब जब दोनों नेताओं की जी7 के इतर बैठक होगी तो किन मुद्दों को लेकर चर्चा तय है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 17 जून (बुधवार) को फ्रांस में मुलाकात होनी है। ग्रुप ऑफ सेवेन (जी-7) सम्मेलन के इतर होने वाली इस बैठक पर भारत-अमेरिका के साथ-साथ दुनियाभर की नजरें रहेंगी। दरअसल, दोनों ही नेता फरवरी 2025 में मुलाकात के करीब 16 महीने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

Attack on Terror: चार राज्यों में फैलाई जा रही थीं स्लीपर सेल की जड़ें, सेकंड हेड कमांडर सहित तीन गिरफ्त में

रिमांड पर चल रहे मोहम्मद फराज उर्फ खादिल से हुई पूछताछ के बाद चार राज्यों में स्लीपर सेल के जिहाद की जड़ें जमाने के प्रयास सामने आए हैं। फराज और नईम की गिरफ्तारी के बाद एमपी एटीएस ने राजस्थान एटीएस व एसटीएफ की मदद से राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा थाना क्षेत्र से शाकिर मेव नाम के संदिग्ध आतंकी को पकड़ा है। शाकिर मेव सेकंड हेड कमांडर की भूमिका में था और फराज के बाद साजिश में अहम भूमिका निभाता था। शाकिर मेव को 20 जून तक की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। ये भी पढ़ें- खाड़ी देश में बैठे हैंडलर दे रहे थे डायरेक्शन फराज की पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वह मध्यप्रदेश के बाहर भी अपना स्लीपर सेल खड़ा कर रहा था। इसके लिए उसे नईम और पाकिस्तान के साथ एक खाड़ी देश में बैठे हैंडलर डायरेक्शन दे रहे थे। फराज की पूछताछ के बाद एटीएस ने धार निवासी हाजी अहजर को गिरफ्तार किया है। एमपी एटीएस ने हरियाणा के नूंह से भी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वह भी फराज के संपर्क में कई महीनों से था और जिहादी नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर खड़ा करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि नूंह में हिरासत में लिए गए युवक की अधिकृत गिरफ्तारी अभी नहीं की है। विदेशी फंडिंग और डिजिटल उपकरणों की जांच एटीएस ने फराज और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों को हो रही विदेशी फंडिंग की भी बहुत गहनता से जांच कर रही है। इसी जांच में गिरोह का खुलासा हुआ है। वहीं उसके पास से बरामद मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स की जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने, गरीब और बैचलर युवकों का ब्रेनवॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क फराज को मि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

Noida International Airport: नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान आज, किसान-कामगारों को लखनऊ लेकर जाएगी उद्घाटन उड़ान

नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कॉमर्शियल उड़ानें सोमवार से शुरू हो जाएंगी। सबसे पहले सुबह 8:05 बजे लखनऊ से यात्रियों को लेकर आया विमान नए एयरपोर्ट के रनवे पर उतरेगा। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गौतमबुद्ध नगर के कारोबारी मौजूद रहेंगे। इसके बाद सुबह 8:30 मिनट पर एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरी जाएगी। पहली उड़ान में एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले 170 किसान और कामगार शामिल होंगे। अहम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद से लगातार एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का लोगों को इंतजार था। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक लखनऊ से नोएडा एयरपोर्ट आने वाली फ्लाइट सुबह 8:05 पर लैंड करने के बाद 8:35 बजे यात्रियों को लेकर बंगलूरू के लिए रवाना होगी। इस बीच सुबह 8:30 बजे लखनऊ के लिए रवाना होने वाली फ्लाइट में जेवर विधायक किसान और कामगारों के साथ लखनऊ जाएंगे। जहां इन सभी की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से होगी। सीएम से मुलाकात करने के बाद सभी किसान शाम को लखनऊ से फ्लाइट लेकर नोएडा लौट आएंगे।नोएडा एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार किया गया है। ये एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। शुरुआत में देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 कॉमर्शियल फ्लाइटें शुरू होंगी।एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 में किया था। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल को इस एयरपोर्ट का बनाने का टेंडर मिला। पहले फेज के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

'अमेरिका-ईरान के बीच हुआ शांति समझौता': PAK पीएम के बाद ट्रंप ने की घोषणा; नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का भी एलान

पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच अब शांति की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर ट्वीट कर जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अंतिम सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसमें लेबनान में चल रही सैन्य गतिविधियां भी शामिल हैं। शहबाज शरीफ ने अपने संदेश में बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौता पूरी तरह संपन्न हो चुका है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अब अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है, ताकि वैश्विक जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सके। ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा कि इस फैसले के बाद दुनिया भर के जहाज अपने इंजन स्टार्ट कर सकते हैं और तेल का प्रवाह निर्बाध रूप से जारी रहेगा।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि इस पूरे कूटनीतिक प्रयास में मध्यस्थ देशों और सहयोगियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कतर के नेतृत्व की प्रशंसा की, जिसने इस समझौते को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इसके साथ ही सऊदी अरब और तुर्की की भूमिका को भी इस शांति प्रक्रिया में प्रभावशाली और अहम बताया गया है।समझौते को लागू करने से पह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran Deal: इस्राइल के बेरूत हमले से टली अमेरिका-ईरान शांति डील, ट्रंप बोले- कुछ घंटों के लिए रुका समझौता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर हस्ताक्षर कुछ घंटों के लिए टल गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों पर इस्राइल की ओर से किए गए हमलों के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई। स्थानीय मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि जब उन्हें बेरूत में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की जानकारी मिली तो वह हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर पहले तत्काल होने वाले थे, लेकिन हमले के बाद इसे कुछ घंटों के लिए स्थगित करना पड़ा। ट्रंप के अनुसार, अब इस समझौते पर अगले कुछ घंटों में हस्ताक्षर किए जाने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर रविवार को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर होंगे, जबकि आमने-सामने की औपचारिक प्रक्रिया एक सप्ताह बाद यूरोप में पूरी की जाएगी। कई सूत्रों द्वारा रॉयटर्स को बताई गई मसौदा शर्तों के अनुसार, अमेरिका ईरान की फ्रीज हुई अरबों डॉलर की संपत्तियों को जारी करना शुरू करेगा और उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देगा। इसके बदले ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलेगा। ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने बघाई के हवाले से कहा कि ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस करना समझौते का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए शुल्क लेना होगा। फार्स ने यह भी कहा कि बघाई के अनुसार क्षेत्र में विदेशी सैन्य अड्डों का अस्तित्व समाप्त होना चाहिए, हालांकि उन्होंने इस बारे में अधिक विवरण नहीं दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि वह ईरान के संपर्क सूत्रों से भी बातच …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

TMC में बड़ी टूट: ओम बिरला से मुलाकात के बाद काकोली घोष का एलान- त्रिपुरा की NCP में होगा बागी गुट का विलय

इस एलान से पहले रविवार को काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी रॉय सहित टीएमसी के बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इन बागी सांसदों ने लोकसभा के भीतर खुद के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की औपचारिक मांग की है। बागी गुट का दावा है कि उनके साथ टीएमसी के 28 में से 20 से 22 लोकसभा सांसद मौजूद हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से संसद के भीतर उन्हें असली टीएमसी विधायी दल के रूप में मान्यता देने की अपील की है। स्पीकर से मिलने से पहले इन बागी सांसदों ने भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली आवास पर जाकर लंबी रणनीति बैठक की। इस बैठक में सायोनी घोष और माला रॉय भी शामिल थीं।लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि एआईटीसी से चुने गए हम बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर, हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे।सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय करेंगे। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है। जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है। फिर कोर्ट तय करेगा।लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ अपनी मुलाकात पर उन्होंने कहा कि ओम बिरला ने सभी हस्ताक्षरों की पुष्टि की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 14, 2026 · 2 min · National Desk