यूपी: आठ अक्तूबर को अखिलेश जाएंगे अयोध्या, राम मंदिर जाने या न जाने पर छिड़े सियासी कयास; ये है कार्यक्रम

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आठ अक्तूबर को अयोध्या जाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वह पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे। जारी कार्यक्रम में राममंदिर दर्शन का उल्लेख नहीं है, इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा ने अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में सपा प्रमुख का उनके आवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना स्थानीय संगठन और चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या लंबे समय से भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक विमर्श का प्रमुख केंद्र रही है।अयोध्या में राममंदिर निर्माण के बाद यहां होने वाले नेताओं के दौरे राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में रहते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का अयोध्या आना और प्रस्तावित कार्यक्रम में राममंदिर दर्शन शामिल नहीं होना राजनीतिक बहस का विषय बना है। भाजपा इसे अपने राजनीतिक विमर्श में उठा सकती है, जबकि सपा इसे धार्मिक आयोजन में भागीदारी और स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क के रूप में देख रही है।2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या में सपा की सक्रियता बढ़ना भी ध्यान देने योग्य है। लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर सपा की जीत के बाद अयोध्या की राजनीतिक अहमियत और बढ़ी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अखिलेश का अयोध्या दौरा पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ क्षेत्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल

खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर विवाद और दो चुनाव आयुक्तों की तरफ से चुनाव आयोग की कार्यशैली पर आपत्ति जताए जाने की रिपोर्ट्स के बाद देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठनों ने सीईसी के खिलाफ मोर्चा छेड़ दिया है और विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं। इस बार खबरों के खिलाड़ी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संस्थागत जवाबदेही, वोटर लिस्ट से नाम कटने और विपक्षी गठबंधन की रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर और पूर्णिमा त्रिपाठी ने अपना विश्लेषण सामने रखा। पूर्णिमा त्रिपाठी: जब विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए और जनता सड़कों पर उतरी, तब जाकर चुनाव आयोग ने प्रक्रियात्मक गलतियों को सुधारना शुरू किया। 20 राज्यों में छूटे हुए योग्य मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाना और फॉर्म 6 के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को वापस लेना इस बात का प्रमाण है कि वैध मतदाताओं के नाम काटे गए थे। वोटर लिस्ट से नाम कटने का असर आम नागरिकों के डोमिसाइल और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा केवल राजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

कनाडा: भारतीय मूल के पांच लोग गिरफ्तार; जबरन वसूली, गोलीबारी और ड्रग्स तस्करी समेत कई आरोप; पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने इन पांचों आरोपियों को विदेशी नागरिक बताया है। पुलिस के मुताबिक इनमें से एक, 23 वर्षीय संकेत सिंगला, भारत का रहने वाला है। पुलिस द्वारा कनाडा में एंट्री जांच के दौरान उसे गुरुवार को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों में साहिल (24), सिमरनजीत सिंह (24) और हर्ष (21) (जो सभी ब्रिटिश कोलंबिया के रहने वाले हैं) और जगदीप सिंह (24) (जो ओंटारियो का रहने वाला है) को सरे में गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने बताया कि पांचो आरोपी अभी हिरासत में हैं। ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने गुरुवार को पांचों पर जबरन वसूली का आरोप लगाया। कुछ आरोपियों पर हथियारों, आगजनी, विस्फोटकों और कोकीन की तस्करी से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी हैं। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगला और सिमरनजीत सिंह ने विस्फोटक से एक वाहन को नुकसान पहुंचाया और संपत्ति को नष्ट करने या नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऑटो शॉप में मोलोटोव कॉकटेल फेंका। रिपोर्ट में कहा गया है कि साहिल पर कोकीन की तस्करी और प्रतिबंधित हथियारों के तस्करी के आरोप भी हैं।पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान चार हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन के साथ-साथ संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम भी जब्त की गई। उनके मुताबिक जांच के दौरान जुटाए गए सबूत ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में जबरन वसूली और हिंसा के अन्य मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं।कैनेडियन प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरफ्तारियां उन मामलों से जुड़ी हैं जिनकी जांच पिछले साल पूरे प्रांत में जबरन वसूली विरोधी टास्क फोर्स के गठन के बाद की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जबरन वसूली के ज्यादातर मामलों में कारोबारियों और दक्षिण एशियाई समुदाय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: चीन में इंसानों की जगह एआई से प्यार कर रहे लोग, दोस्ती से आगे बढ़े; सरकार ने की सजा देने की तैयारी

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना? जुलाई में लागू नियमों के तहत सामान्य उल्लंघन पर 10,000 से 100,000 युआन तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर उल्लंघन से किसी नागरिक के जीवन या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है, तो जुर्माना 100,000 से 200,000 युआन तक हो सकता है। सितंबर 2026: अब एआई के भावनात्मक जुड़ाव को रोकने की कवायद सितंबर 2026 में चीन के साइबरस्पेस प्रशासन ने नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े नए प्रस्ताव जारी किए। इनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वर्चुअल इंटिमेसी सेवाएं देने पर रोक का प्रस्ताव है। प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए आभासी रिश्तेदार या साथी जैसी सेवाएं देने से भी रोकने की बात कही गई है। ऐसे ऑनलाइन कंटेंट या सेवाओं पर भी रोक प्रस्तावित है जो बच्चों में लत पैदा करें या उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हों। इन प्रस्तावों पर 17 अक्तूबर तक सार्वजनिक राय मांगी गई है। 2025 के अंत तक चीन में 6 से 19 साल की उम्र के करीब 11.25 करोड़ इंटरनेट यूजर थे, जो देश के कुल इंटरनेट यूजर्स का लगभग 18 प्रतिशत थे। इसलिए एआई कंपैनियन के मामले में नाबालिगों की सुरक्षा एक बड़ा नियामकीय मुद्दा बन गई है। सितंबर में नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावित नियमों में भी आर्थिक दंड का अलग प्रावधान रखा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, कुछ गंभीर उल्लंघनों पर, अगर प्लेटफॉर्म की संबंधित आय 10 लाख युआन से ज्यादा रही हो, तो जुर्माना उस आय के 10 गुना तक हो सकता है और पूरी संबंधित आय जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। यह सितंबर का प्रस्ताव है, जुलाई में लागू हुए नियमों से अलग है। कानूनी विशेषज्ञ हे च्यांगगाओ के मुताबिक, असली सवाल यह होगा कि किसी सेवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना 'शक्ति प्रदर्शन', अखिलेश के किस 'मास्टर स्ट्रोक' से गरमाई सियासत

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना ‘शक्ति प्रदर्शन’, अखिलेश के किस ‘मास्टर स्ट्रोक’ से गरमाई सियासत विनोद अग्निहोत्री: धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 16 अक्तूबर को होने जा रहे 10 सीटों के राज्यसभा चुनाव महज उच्च सदन की नुमाइंदगी तक सीमित न होकर आगामी राजनीतिक लड़ाइयों का बड़ा शक्ति परीक्षण बन गए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

महाराष्ट्र में फिर कांपी धरती: हिंगोली में तीन घंटे के भीतर दो बार लगे भूकंप के झटके, नांदेड़ तक हलचल

शनिवार सुबह से हिंगोली और वसमत इलाके में भूकंप के झटकों का सिलसिला चलता रहा। पहला झटका 7:47 बजे महसूस हुआ। इसकी तीव्रता 3.3 रही। दूसरी बार 10 बजे फिर एक और हल्का झटका महसूस हुआ। हिंगोली में आए भूकंप का असर नांदेड़ में भी महसूस किया गया। शनिवार सुबह नांदेड़ शहर और ग्रामीण इलाकों में तेज झटका महसूस हुआ। जमीन हिलने का एहसास होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए। लोग सुरक्षित खुले स्थानों पर पहुंच गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नांदेड़ में किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, लगातार झटकों से लोगों में काफी डर देखा गया।हिंगोली इलाके में पिछले कुछ समय से भूकंप के हल्के झटके महसूस होते रहे हैं। गुरुवार 1 अक्तूबर की रात करीब 9:41 बजे वसमत तहसील के पांगरा शिंदे इलाके में भी जमीन हिलने और तेज आवाज आने की बात सामने आई थी। हालांकि, उस घटना का तकनीकी रिकॉर्ड सिस्मोग्राफ में दर्ज नहीं हुआ था। इसके करीब 48 घंटे बाद शनिवार सुबह 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। उस समय तेज आवाज के साथ घरों, बर्तनों और लकड़ी के सामान में कंपन महसूस होने की बात सामने आई।लगातार झटकों के बाद हिंगोली और नांदेड़ जिला प्रशासन सतर्क है। राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन की ओर से 24 घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है।फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने को कहा है। शनिवार सुबह आए पहले भूकंप की तीव्रता 3.3 दर्ज की गई। इसके बाद तीन और झटके महसूस हुए। नांदेड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

बिहार में बाढ़ का खतरा: 28 जगहों के लिए ऑरेंज अलर्ट, सारण में नए इलाकों में घुसा गंडक का पानी; क्या हैं हालात?

केंद्रीय जल आयोग उस समय ‘ऑरेंज’ बुलेटिन जारी करता है, जब नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर चला जाता है। लेकिन पानी का स्तर अब तक सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से नीचे रहता है।बुलेटिन के अनुसार, गंगा कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बहती रही। इनमें दानापुर, गांधी घाट, हाथीदह, दीघाघाट, बैंकाघाट, महनार, कल्याणपुर, कहलगांव और सुल्तानगंज शामिल हैं। दानापुर में गंगा का जलस्तर 51.44 मीटर था। यह खतरे के निशान से 0.24 मीटर ऊपर था। पटना के गांधी घाट पर जलस्तर 49.69 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 1.09 मीटर ऊपर था।सारण जिले में पनापुर और मकेर प्रखंडों में क्षतिग्रस्त तटबंधों से बाढ़ का पानी बाहर आया। इसके बाद यह नए इलाकों में पहुंच गया। इनमें करछौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर और परसा शामिल हैं। गंडक नदी डुमरियाघाट, लालगंज और रेवा घाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। हालांकि, तीनों जगहों पर जलस्तर कम हो रहा था।लालगंज में नदी का जलस्तर अपने पिछले सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (एचएफएल) से केवल 0.15 मीटर नीचे था। कुर्सेला में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। वहीं, बलतरा में कोसी का जलस्तर घट रहा था। खगड़िया में बूढ़ी गंडक और मोहिउद्दीन नगर में बाया नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा था।अधिकारियों ने बताया कि नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदियां शामिल हैं।जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गंडक नदी का पानी बढ़ने से कई जिलों के तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। इनमें सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सुपौल और पटना सहित कई जिले शामिल हैं। उन्होंने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: दीपके बोले- 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे, पुलिस की सख्ती पर क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने एक बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यह प्रदर्शन 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित किया जाएगा। दीपके ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन होगा। जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन करेगी, दीपके क्या बोले? उन्होंने शुक्रवार, 2 अक्तूबर को यह घोषणा की। इससे पहले दिन में, मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में दीपके ने “जंतर मंतर 2.0” की चेतावनी दी थी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में देर रात कहा कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो पूरे भारत से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे। वे 10 अक्तूबर को जंतर मंतर पर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। दीपके ने यह भी कहा कि यदि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करती है, तो जहां भी उन्हें रोका जाएगा, वही स्थान उनका जंतर मंतर बन जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। दीपके ने कहा कि वे महात्मा गांधी के दिखाए गए अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे। प्रदर्शन का क्या है उद्देश्य? दीपके के अनुसार, यह भारतीय लोकतंत्र को बचाने की एक महत्वपूर्ण लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नागरिक जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है, उसे इस आंदोलन में शामिल होना चाहिए। सरकार और दिल्ली पुलिस को यह तय करना होगा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हैं या नहीं। उन्हें 20 जुलाई को देखी गई पुलिस की क्रूरता को दोहराना नहीं चाहिए। पहले कब हुआ था प्रदर्शन? पुलिस ने 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के पहले के आंदोलन पर कार्रवाई की थ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सक्लूसिव: 40 मिनट का खौफनाक सफर, कॉकपिट में खून-खराबा; चश्मदीद ने बताई कैप्टन स्मित की जान बचाने की दास्तां

चश्मदीद यात्री अलमोग से बातचीत अलमोग: हम ठीक हैं और धीरे-धीरे इस सदमे से उबर रहे हैं। हमने जिस खौफनाक मंजर का सामना किया है, उसे पूरी तरह समझ पाने में अभी वक्त लगेगा। लेकिन हम स्थिति को संभाल रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे हीरो, ग्लोबल हीरो कैप्टन स्मित को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते देखना हमारे लिए बेहद भावुक और सुखद पल था।अलमोग: यह दुबई से तेल अवीव की एक सामान्य फ्लाइट थी। शुरुआत के दो घंटे सब कुछ बिल्कुल ठीक रहा। लेकिन अचानक विमान बहुत तेजी से गोता खाने लगा। करीब 30 सेकंड तक विमान तेजी से नीचे गिरा, फिर थोड़ा संभला और दोबारा रोलर कोस्टर की तरह नीचे जाने लगा। जी-फोर्स इतना ज्यादा था कि संभलना मुश्किल हो रहा था। लगभग 50 सेकंड बाद जब विमान थोड़ा स्थिर हुआ, तो हमने देखा कि कुछ लोग कॉकपिट की तरफ दौड़े। करीब 4-5 मिनट बाद उनमें से एक व्यक्ति ने आकर बताया कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मार दिया है। इसके बाद एक यात्री और क्रू मेंबर ने मोर्चा संभाला। संयोग से फ्लाइट में बाहर एक तीसरा पायलट भी सफर कर रहा था, जिसने कॉकपिट में जाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और सुरक्षित लैंडिंग की जगह तलाशने लगा।अलमोग: कोई चेतावनी या अलर्ट नहीं मिला था। पहले हमें लगा कि यह सामान्य टर्बुलेंस (हवा का दबाव) है, लेकिन यह उससे कहीं अधिक खतरनाक था। विमान का नीचे गिरने का कोण बेहद डरावना था। मैंने अपने जीवन में सैकड़ों-हजारों बार उड़ान भरी है, लेकिन ऐसा भयानक अनुभव कभी नहीं देखा। हमारे पास सीटबेल्ट तक बांधने का समय नहीं था। मैंने तुरंत अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को सीटबेल्ट बांधी। हम पंक्ति 19 और 20 पर विंग (पंखों) के ठीक ऊपर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk

फ्रांस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: स्कूलों के गेट पर आगजनी; 170 घायल, 400 हाईस्कूलों पर ताले की नौबत क्यों?

छात्रों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई के घंटे बहुत लंबे हैं। कक्षाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कई कमरों में बहुत गर्मी रहती है। शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों की कमी से भी पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्र स्कूलों के बजट में कटौती का भी विरोध कर रहे हैं।फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार को दिन की शुरुआत से 564 स्कूलों में प्रदर्शन या किसी तरह की रुकावट की घटनाएं सामने आईं। शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे ने कहा कि देश के करीब 3,700 हाईस्कूलों में से लगभग 400 शुक्रवार को बंद रहने की आशंका थी। कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की योजना भी बनाई।पेरिस में दो हाईस्कूलों के प्रवेश द्वारों पर आग लगने से नुकसान हुआ। इनमें लियोनार्ड डी विंची और गैस्टन-बाशेलार्ड स्कूल शामिल हैं। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। ल्योन शहर में भी प्रदर्शन के दौरान आगजनी हुई। दक्षिणी शहर मार्सेई में कई स्कूलों ने दूरस्थ पढ़ाई की व्यवस्था करने की योजना बनाई।शिक्षा मंत्री एडौर्ड गेफ्रे के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 170 छात्र घायल हुए हैं। कम से कम 65 कर्मचारी भी चोटिल हुए हैं। इनमें 40 हाईस्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसके अलावा 100 से अधिक हाईस्कूलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।न्याय मंत्री जेराल्ड डरमानिन ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 2,000 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। इनमें 90 प्रतिशत नाबालिग हैं। उन्होंने अभियोजकों से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों की ओर से की गई तोड़फोड़ के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराने और मरम्मत का खर्च वसूलने की कार्रवाई की जाए।सरकार ने छात्रों की शिकायतों को जायज माना है। हालांकि, उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 2, 2026 · 2 min · National Desk