'आपकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा': CWG पदक विजेताओं से मिले पीएम मोदी, शानदार प्रदर्शन के लिए दी बधाई

‘आपकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा’: CWG पदक विजेताओं से मिले पीएम मोदी, शानदार प्रदर्शन के लिए दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं की मेजबानी की। उन्होंने खिलाड़ियों से ग्लासगो खेलों के अनुभवों के बारे में जाना और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘राष्ट्रमंडल खेल 2026 के हमारे शानदार पदक विजेताओं की 7, लोक कल्याण मार्ग पर मेजबानी कर खुशी हुई। खेलों के उनके अनुभवों के बारे में जाना। उनमें से हर एक ने अपने असाधारण प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी।’ Delighted to host our outstanding medal winners from the Commonwealth Games 2026 at 7, Lok Kalyan Marg. Heard about their experiences from the Games. Each one of them has made our nation proud through their exceptional performances. Their success will motivate many youngsters. pic.twitter.com/1zkYCKiV8r — Narendra Modi (@narendramodi) August 9, 2026 सीमित स्पर्धाओं के बावजूद भारत चौथे स्थान पर ग्लासगो में भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल रहे। भारत पदक तालिका में च …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Earthquake: उत्तराखंड में दो जगह कांपी धरती, उत्तरकाशी में लगे 4.2 के झटके, टिहरी में 2.0 रही तीव्रता

उत्तरकाशी में यमुना घाटी और गंगा घाटी सहित कई क्षेत्रों में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। भूकंप का झटका इतना तेज था कि लोग तुरंत अपने घरों से बाहर आ गए। उन्होंने अपने आसपास के लोगों को फोन कर भूकंप के बारे में पूछा। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, यह झटका देर रात करीब 1:21 बजे आया।राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इसकी तीव्रता 4.2 बताई है। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले में था। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई। केंद्र बडकोट तहसील मुख्यालय के नजदीक राजगढ़ी के आसपास बताया जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 1 min · National Desk

Top News: आज झारखंड में विधानसभा घेराव करेंगे JPSC-JSSC छात्र; ED प्रमुख राहुल नवीन को एक वर्ष का सेवा विस्तार

उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद एक बार फिर 10 जगह सड़क धंसने से निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वहीं, कांवड़ रूट पर बिजनौर और आसपास के इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती संख्या वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल संघर्ष 163वें दिन भी जारी है। गाजा में इस्राइल ने ट्रंप की योजना ठुकरा दी है, जबकि होर्मुज को खोलने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है। संसद में सरकार सोमवार को एनसीडीसी का दायरा बढ़ाने वाला संशोधन विधेयक पेश करेगी। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार ने इमरजेंसी के दौरान जेल गए 325 लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने का एलान किया है। मनोरंजन जगत में गोविंदा ने डेविड धवन और कादर खान से जुड़े पुराने किस्से साझा किए हैं। खेल में कुलदीप यादव के ब्रेक को लेकर फिटनेस चिंता दूर की गई है। वहीं, 12-13 अगस्त की रात पर्सीड उल्का पात के चरम पर पहुंचने से आसमान में अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। आइए, विस्तार से देश-दुनिया की खबरों पर एक नजर डालते हैं… उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद एक बार फिर 10 जगह सड़क धंसने से निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वहीं, कांवड़ रूट पर बिजनौर और आसपास के इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती संख्या वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल संघर्ष 163वें दिन भी जारी है। गाजा में इस्राइल ने ट्रंप की योजना ठुकरा दी है, जबकि होर्मुज को खोलने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है। संसद में सरकार सोमवार को एनसीडीसी का दायरा बढ़ाने वाला संशोधन विधेयक पेश करेगी। पश्चिम बंगाल में शु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Kanpur-Lucknow Expressway: लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हुआ ये एक्सप्रेसवे, कल फिर 10 जगह धंसी सड़क

असोहा/अचलगंज क्षेत्र में रविवार को हुई बारिश के चलते कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फिर दस जगहों पर सड़क धंस गई। सभी स्थानों पर पानी निकासी के ठोस इंतजाम न किए जाने और एक जगह पर नाली टूट जाने के कारण सड़क धंसने से यातायात भी प्रभावित हुआ। कानपुर से लखनऊ के बीच 4200 करोड़ की लागत से बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है। रोजाना कहीं-न-कहीं सड़क धंस रही है। रविवार को भी बारिश के चलते असोहा क्षेत्र में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आठ और जगह पर सड़क धंस गई। कानपुर से लखनऊ की ओर वाली भारी वाहन लेन पर जलभराव दिखा। किलोमीटर 47.9 से लेकर 47.1 तक आठ सौ मीटर, किमी 46.6 से 46.3 तक तीन सौ मीटर तूरी के पास व किमी 45.5 पर पूरी सड़क पर बरसाती पानी भरा नजर आया।किमी 44.4 से 44.1 तक मेदपुर के पास, किमी 41.3 से 41 तक कुदिकापुर के पास और किमी 42.2 पर कई जगह दबी सड़क पर जलभराव रहा। वहीं किमी 44.6 और 40.6 पर जलनिकासी नाली टूट गई। इससे भी पानी भर गया। अचलगंज क्षेत्र में किमी 62 व 63 में भी सड़क धंसी मिली।कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर 39.7 कांथा और किमी 30.6 बेगमखेड़ा के पास रविवार को मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया गया। हालांकि बीच में बारिश के चलते काम बाधित हुआ। बारिश थमने के बाद मरम्मत कार्य शुरू हुआ। इस दौरान हल्के वाहन की दोनों लेन बंद कर दी गईं। यहां पर डायवर्जन लगाकर दोनों लेन का यातायात भारी वाहन लेन से निकाला गया।कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शनिवार को सात मिनट में भी 500 लीटर पानी नहीं निकल पाया। लखनऊ से पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ सदस्य (तकनीकी) आलोक दीपांकर ने जब ड्रेनेज सिस्टम को परखना चाहा, तो यह सच साम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

UP: कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को छूट रहे पसीने, इन जिलों में 500 तक हो गई संख्या

कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को पसीने छूट रहे हैं। बिजनौर और उससे सटे क्षेत्रों में इनकी संख्या करीब 500 हो चुकी है। बंध्याकरण जैसे स्थाई समाधान की दिशा में काम नहीं हो रहा है। इससे वन विभाग के फील्ड स्टाफ के सामने भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। पकड़े गए तेंदुओं को कहां छोड़ें, इसको लेकर भी समस्याएं आ रही हैं। बिजनौर और उससे लगे क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों में मानव-तेंदुआ संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। जनवरी 2023 से अब तक तेंदुओं के हमलों में 33 से लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। वन कर्मी बताते हैं कि उन्हें हाल ही में निर्देश मिले हैं कि कांवड़ रूट पर लगातार निगरानी की जाए, जिससे तेंदुओं के हमले की कोई भी घटना सामने नहीं आए।वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करते हैं कि मौजूदा समय में वन कर्मियों की जितनी संख्या है, उसके हिसाब से इतने बड़े क्षेत्र में चौबीसो घंटे निगरानी रखना आसान काम नहीं है। हर साल तेंदुओं की संख्या में 50-60 की वृद्धि हो रही है। तंदुओं का बंध्याकरण (नसबंदी) कारगर उपाय हो सकता है। महाराष्ट्र में इनकी नसबंदी की अनुमति भी संबंधित अथॉरिटी से मिल चुकी है, लेकिन यूपी में यह फाइल कहीं धूल फांक रही है। नतीजतन, दिनोंदिन समस्या बढ़ती जा रही है।स्थानीय वन अधिकारी बताते हैं कि तेंदुओं को न पकड़ो तो स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। अगर पकड़ लो तो फिर यह निर्णय लेने में दिक्कत आती है कि इन्हें कहां छोड़ना है। पहले ललितपुर, चित्रकूट या यूपी-उत्तराखंड सीमा के जंगलों में इन्हें छोड़ देते थे या फिर चिड़ियाघरों में भेज दिया जाता था। अब चिड़ियाघरों में भी तेंदुओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Lok Sabha: NCDC का दायरा बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश करेगी सरकार, सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा?

केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एनसीडीसी के काम का दायरा बढ़ाना है। अभी एनसीडीसी मुख्य रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से योजनाओं की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने और वित्तीय मदद देने का काम करता है। नए विधेयक के बाद एनसीडीसी सहकारी क्षेत्र के विकास से जुड़े ऐसे संस्थानों को भी सीधे कर्ज और अनुदान दे सकेगा, जो खुद सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। सरकार का कहना है कि इससे सहकारी क्षेत्र तक वित्तीय मदद पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। नए कानून से सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा? प्रस्तावित संशोधन के तहत सहकारी समितियां आगे भी एनसीडीसी की प्राथमिक लाभार्थी बनी रहेंगी। हालांकि, उन्हें मजबूत करने वाले दूसरे संस्थानों को भी एनसीडीसी से सीधे वित्तीय सहायता मिल सकेगी। इसमें बुनियादी ढांचा, तकनीक, प्रसंस्करण, मार्केटिंग और दूसरी जरूरी सेवाएं देने वाली संस्थाएं शामिल हो सकती हैं। सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सहकारी क्षेत्र का काम काफी बढ़ा और अलग-अलग क्षेत्रों में फैला है। कई सरकारी एजेंसियां, वैधानिक संस्थाएं और विशेषज्ञ संस्थान अब सहकारी क्षेत्र के विकास में भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सीधे मदद देने की जरूरत महसूस की गई है। NCDC को कर्ज और अनुदान देने के कौन से नए अधिकार मिलेंगे? विधेयक एनसीडीसी को सहकारी समितियों या सहकारी क्षेत्र के विकास में काम करने वाली किसी भी संस्था को सीधे कर्ज और अनुदान देने का अधिकार देने का प्रस्ताव करता है। यह पैसा केवल सहकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा एनसीडीसी को केंद्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

श्रीकृष्ण जन्मभूमि: 6 दिसंबर को कारसेवा की घोषणा, चित्रगुप्त पीठ में जुटे मुंबई, हरिद्वार समेत देशभर के संत

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए रविवार को राधाकुंड क्षेत्र के गांव जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में साधु-संतों ने शंखनाद कर कारसेवा के लिए 6 दिसंबर की तारीख की घोषणा की। वहीं संतों ने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद का फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से चार माह के अंदर निस्तारण करने, पूजा स्थल अधिनियम 1991 को समाप्त करने, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग अर्पित करने की अनुमति देने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के पुरातत्व सर्वेक्षण पर लगी रोक हटाने की मांग शामिल है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 1 min · National Desk

होर्मुज खुला तो परमाणु समझौते से पीछे हटेगा US?: ईरान संघर्ष से निकलने को बेताब ट्रंप, तैयार है एग्जिट प्लान

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से अमेरिका के कूटनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि ईरान जल्द समझौते के बजाय लंबे समय तक टकराव के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जरिए इस संकरे समुद्री मार्ग से होने वाले यातायात को प्रभावित करने की क्षमता दिखाई है। इससे वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।हाल के हफ्तों में ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। हालांकि, ये दावे सिर्फ दावे ही साबित हुए हैं। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर दिया था। उसका कहना था कि अमेरिकी युद्धपोतों और सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाने की भी कोशिश की।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की होर्मुज में पाबंदियों और टोल लगाने की किसी भी कोशिश को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज खुला तो परमाणु समझौते से पीछे हटेगा US?: ईरान संघर्ष से निकलने को बेताब ट्रंप, तैयार है एग्जिट प्लान

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से अमेरिका के कूटनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि ईरान जल्द समझौते के बजाय लंबे समय तक टकराव के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जरिए इस संकरे समुद्री मार्ग से होने वाले यातायात को प्रभावित करने की क्षमता दिखाई है। इससे वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।हाल के हफ्तों में ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। हालांकि, ये दावे सिर्फ दावे ही साबित हुए हैं। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर दिया था। उसका कहना था कि अमेरिकी युद्धपोतों और सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाने की भी कोशिश की।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की होर्मुज में पाबंदियों और टोल लगाने की किसी भी कोशिश को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs SL: साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान की टीम इंडिया में एंट्री, श्रीलंका सीरीज से पहले बड़ा बदलाव

IND vs SL: साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान की टीम इंडिया में एंट्री, श्रीलंका सीरीज से पहले बड़ा बदलाव श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले टीम इंडिया को तगड़ा झटका लगा है। साई सुदर्शन चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं।उनकी जगह सरफराज खान को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह चयन समिति ने सरफराज खान को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया है। कहां हैं साई सुदर्शन? साई सुदर्शन फिलहाल बंगलूरू स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में हैं और दाहिने पैर के अंगूठे में आई स्ट्रेस रिएक्शन की चोट से उबर रहे हैं। बीसीसीआई के मुताबिक, उनकी रिकवरी अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और उन्होंने फिटनेस हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सरफराज खान की टीम में वापसी साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। सरफराज जल्द ही कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे। इसके बाद ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk