टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के पीए को समन: सोमवार को पुलिस के सामने होंगे सुमित रॉय, क्या है पूरा मामला?

समन क्यों? जांच में सुमित रॉय का बयान दर्ज करना है। कब बुलाया? सोमवार दोपहर पुलिस अधिकारियों के सामने पेश होना है। समन कहां पहुंचा? शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित आवास पर नोटिस दिया गया। पहले किससे पूछताछ हुई? अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और सुमित रॉय से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच के तहत सुमित रॉय का बयान जरूरी है। इसी वजह से उन्हें सोमवार को शेक्सपियर सारणी थाने के जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होने को कहा गया है। पुलिस इससे पहले अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन से इस घटना को लेकर पूछताछ कर चुकी है।पुलिस के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को दो एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। डेरेक ओ’ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत कई अन्य लोगों के नाम भी मामलों में शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामलों में सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकना, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाना, मारपीट और महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं। मामले में अब तक दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं। डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर के नाम भी हैं। कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपों में सरकारी काम में बाधा और मारपीट शामिल है।मामला कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत से जुड़े एक बिलबोर्ड का है। इमारत की ऊपरी मंजिल पर सड़क की ओर लोहे के ढांचे पर टीएमसी के साइन वाला बिलबोर्ड लगा था। पुलिस के जबरन अंदर जाने के बाद कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों ने इस ढांचे को हटा दिया। इसी दौरान पार्टी कार्यालय में झड़प की स्थिति बनी और मामला पुलिस तक पहुंच गया।डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक ‘गैरकानूनी’ नोटिस लेकर पार्टी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु: डीवीएसी ने पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू के ठिकानों पर मारे छापे, स्टालिन ने किस पर साधा निशाना?

डीवीएसी की ओर से जारी बयान में कहा गया, “तलाशी के दौरान निविदाओं में की गई अनियमितताओं से संबंधित 241 आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए। मामले की जांच जारी है।” बयान के अनुसार, नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में विभिन्न निविदाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।शाम को पत्रकारों से बातचीत में नेहरू ने कहा कि डीवीएसी अधिकारियों को कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई के कार्यालय से एक सामान्य फाइल और व्यक्तिगत हिसाब-किताब से जुड़े एक कागज की प्रतियां ली गईं। पूर्व मंत्री ने कहा, “मैं और मेरी टीम ने सुबह आठ बजे से सात घंटे तक चली तलाशी के दौरान अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया। यह तलाशी निविदाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर की गई।“उन्होंने स्वीकार किया कि उनके और उनके भाई समेत 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। नेहरू ने एक सवाल के जवाब में दावा किया कि विधानसभा में सरकार से सवाल करने में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें डराने या दबाव में लाने के लिए छापेमारी “राजनीति से प्रेरित” थी।उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और वह अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। नेहरू फिलहाल तिरुचिरापल्ली पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके के उपनेता हैं। वह मध्य तमिलनाडु के प्रमुख डीएमके नेताओं में शामिल हैं।डीएमके के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने कहा कि नेहरू से जुड़े ठिकानों पर तलाशी साक्ष्यों और शिकायतों के आधार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: ईरान के तीन तेल टैंकरों को अमेरिकी सेना ने किया तबाह, क्या है कार्रवाई की वजह?

ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से समुद्री यातायात को सीमित करने की कोशिश की है। इसके जवाब में अमेरिका ने नौवहन की सुरक्षा और ईरानी खतरों से निपटने के उद्देश्य से अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। दोनों देशों के बीच टकराव में समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति बड़े मुद्दे बनकर सामने आए हैं। ईरानी तेल और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाकर अमेरिका तेहरान पर दबाव बढ़ाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा यह कार्रवाई भी है। ईरान ने दो अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी युद्धपोत इन मिसाइलों से बचने में सफल रहे। इस हमले में किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं है। अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया। यह कार्रवाई वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव में एक और बड़ी वृद्धि के तौर पर देखी जा रही है।क्षेत्र में पहले से ही वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ी है। तेल टैंकरों पर हमले से समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के तेल कारोबार का एक बड़ा हिस्सा आम तौर पर इसी रास्ते से होकर गुजरता है।ईरानी तेल और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाना तेहरान पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश का हिस्सा है। हालांकि, तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमले से क्षेत्र में समुद्री आवाजाही और जटिल हो सकती है।तेल टैंकरों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से ऊर्जा की आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। यह स्थिति अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

कैसे बनाया इंडियन पासपोर्ट?: भारतीय बनकर गया हांगकांग, निर्वासित होकर दिल्ली पहुंचा यात्री निकला बांग्लादेशी

कैसे बनाया भारतीय पासपोर्ट? जांच में पता चला कि आरोपी यात्री ने अपनी बांग्लादेशी नागरिकता छिपाकर गलत जानकारी के आधार पर भारतीय दस्तावेज हासिल किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट बनवाया और विदेश यात्रा की। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि यात्री के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी यात्री से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज कैसे हासिल किए। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि भारतीय पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति या गैंग ने उसकी मदद की थी या नहीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 1 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: कैसे साधे जा रहे यूपी में चुनावी समीकरण, महिलाओं के बाद युवा वोटरों पर कैसे सबकी निगाह?

खबरों के खिलाड़ी: कैसे साधे जा रहे यूपी में चुनावी समीकरण, महिलाओं के बाद युवा वोटरों पर कैसे सबकी निगाह? अनुराग वर्मा: राहुल गांधी के साथ परेशानी ये है कि वो क्षेत्रीय सहयोगी भी चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर। पिछले चुनाव में प्रियंका गांधी ने लड़की हूं लड़ सकती हूं कैंपेन पर चुनाव लड़ीं थीं, लेकिन उनका पूरा कैंपेन विफल रहा था। वहीं, अखिलेश यादव की परेशानी ये है कि उन्हें नए वोट अपने साथ जोड़ने हैं। अखिलेश यादव के पास खोने के लिए बहुत कुछ है। बातें बहुत सी होती हैं, लेकिन आखिरी तक चीजें साफ नहीं होती हैं। हर चुनाव से पहले गठबंधन की बात होती है, लेकिन अंत तक तस्वीर साफ नहीं होती है। जैसे पिछले कुछ वक्त से महिला एक अलग वोटर वर्ग बना है वैसे ही अब जेन-जी के रूप में एक नया वोटर वर्ग तैयार होता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हैं। सपा और कांग्रेस के गठबंधन से पहले दोनों ओर से अपने-अपने दावे शुरू हो गए हैं। दोनों दलों की ओर से अपने साथ नए मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश भी हो रही है। इस हफ्ते ‘खबरों के खिलाड़ी’ में चुनाव से पहले बन रहे इन्हीं समीकरणों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी और अनुराग वर्मा मौजूद रहे। पूर्णिमा त्रिपाठी: हर दल पब्लिक पोश्चरिंग करता है। वही कांग्रेस अभी कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

कीव पर तीन दिन के लिए रोके रूसी हमले: रूस-यूक्रेन युद्ध में नई पहल की क्या वजह, पुतिन ने क्यों दिया ये आदेश?

दोनों अमेरिकी दूतों का मॉस्को के सरकारी हवाई अड्डे पर रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रिएव ने स्वागत किया। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, विटकॉफ, कुशनर और दिमित्रिएव को लेकर एक काफिला हवाई अड्डे से मॉस्को शहर की ओर रवाना हुआ। दिमित्रिएव इससे पहले भी पुतिन और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच हुई बैठकों में शामिल रहे हैं। वह दोनों पक्षों के बीच रूस की यात्राओं में आए विराम के दौरान भी अमेरिकी वार्ताकारों के संपर्क में रहे। इस साल उन्होंने रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट दिलाने के लिए बातचीत में भी भूमिका निभाई थी। दोनों दूत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कूटनीतिक प्रयास के तहत यूक्रेन की राजधानी का दौरा करेंगे। विटकॉफ और कुशनर शनिवार को मॉस्को पहुंचे हैं। वे पुतिन के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत करेंगे। बातचीत के बाद दोनों के 6 सितंबर को कीव जाने की उम्मीद है।पुतिन शनिवार को विटकॉफ और कुशनर के साथ बातचीत करने वाले हैं। क्रेमलिन ने कहा है कि रूसी नेता और अमेरिकी विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी। यह फैसला कीव पर रूसी हमलों में बढ़ोतरी के बीच आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात में कीव और बोरिस्पिल के हवाई अड्डों को जानबूझकर निशाना बनाया।जेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों का संबंध अमेरिकी दूतों के विमान से यूक्रेन पहुंचने की संभावना को लेकर चल रही चर्चाओं और तैयारियों से था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “स्पष्ट रूप से, हवाई अड्डों पर रूस के ये हमले अमेरिकी पक्ष के विमान से यूक्रेन आने की संभावना को लेक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

मिर्जापुर में बड़ा हादसा: ब्लास्टिंग के कंपन से धराशाई हुआ क्रशर प्लांट का डग, चार मजदूरों की मौत की सूचना

मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगवती देई पहाड़ी पर शनिवार की दोपहर बने क्रशर प्लांट में ब्लास्टिंग के कंपन से डग धराशाई हो गया। जिससे वहां पर ताश खेल रहे चार मजदूर दब गए। जेसीबी की मदद से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक मलबे से निकलने वाले चार लोगों की मौत हो गई थी। पर अब तक मौत की प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सभी को अस्पताल ले जाया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुटी है।एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि भगवती देवी में क्रेशर प्लांट है। जहां पर प्रतिदिन ब्लास्ट होता है । एक से डेढ़ बजे के बीच पत्थर तोड़ने के लिए ब्लास्ट होता है। शनिवार को एक से डेढ़ के बीच जब ब्लास्टिंग की गई तो वहां पर एक स्ट्रक्चर है। जो बारिश के कारण नींव में पानी जान से कमजोर हुआ था।ब्लास्टिंग के कम्प्पन से वह धराशाई हो गया। पास में ताश खेल रहे चार मजदूर इसकी चपेट में आ गए। सभी को बाहर निकाल कर ट्रामा सेंटर वाराणसी भेजा गया है। अभी किसी के मौत की नहीं हुई है पर सभी गंभीर रूप से घायल है। मौके पर जाकर जांच पड़ताल की जा रही है। चारों मजदूर सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के बाद गांव के रहने वाले हैं।शोक गोंड, लालबहादुर बैगा, दुर्योधन विश्वकर्मा व राकेश गोंड हादसे का शिकार हो गए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: अमेरिका में रखा अपना सोना क्यों निकाल रहे यूरोपीय देश, ये कैसे संकट की आहट; भारत का क्या हाल?

एक्सप्लेनर: अमेरिका में रखा अपना सोना क्यों निकाल रहे यूरोपीय देश, ये कैसे संकट की आहट; भारत का क्या हाल? आइये जानते हैं कि अमेरिका में किन-किन देशों ने ऐतिहासिक तौर पर अपने सोने का भंडारण किया है? अब किन-किन यूरोपीय देशों ने अमेरिका से अपना सोना निकालना शुरू कर दिया है? इसकी वजह क्या है? रूस का मामला कैसे यूरोपीय देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर रहा है? यूरोप के इस कदम के मायने क्या हो सकते हैं? आइये जानते हैं… पहले जानें- अमेरिका में किस देश का कितना सोना रखा है? आइये जानते हैं कि अमेरिका में किन-किन देशों ने ऐतिहासिक तौर पर अपने सोने का भंडारण किया है? अब किन-किन यूरोपीय देशों ने अमेरिका से अपना सोना निकालना शुरू कर दिया है? इसकी वजह क्या है? रूस का मामला कैसे यूरोपीय देशों के लिए एक उदाहरण के तौर पर काम कर रहा है? यूरोप के इस कदम के मायने क्या हो सकते हैं? अमेरिका से करीब छह हजार किलोमीटर दूर अटलांटिक महासागर के पार यूरोप में इस वक्त हलचल मची है। इसका शोर अभी तेज नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञ इसे शांत तूफान मान रहे हैं। दरअसल, एक के बाद एक कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका में रखा अपना सोना या तो वापस मंगाना शुरू कर दिया है या इसके लिए कोई और सुरक्षित ठिकाना ढूंढ कर सोने को वहां भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्यों अमेरिका में अपना सोना रख रहे हैं ये देश? दूसरे विश्व युद्ध के बाद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

पेपर लीक पर भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना: कहा- झारखंड में पेपर लूट हुई थी, महिलाओं के मुद्दे पर कैसे घेरा?

सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष की चुप्पी पर क्यों उठाए सवाल? कांग्रेस में महिला मंत्रियों की संख्या पर क्या बोले त्रिवेदी? राहुल गांधी पर त्रिवेदी ने किस तरह का हमला किया? दोनों मुद्दों को लेकर भाजपा ने क्या राजनीतिक संदेश दिया? त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली में परीक्षाओं के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने वाले राजनीतिक दल झारखंड की घटना पर चुप हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस मामले में ‘गांधी के तीन बंदरों’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि झारखंड के अभ्यर्थियों और देशभर के युवाओं के बीच इस मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर नाराजगी है। त्रिवेदी ने कहा कि इस मामले पर उनकी चुप्पी अभ्यर्थियों के मन में चीख की तरह गूंज रही है।भाजपा सांसद ने कांग्रेस में महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिए जाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चार राज्यों में सत्ता में है, लेकिन उसके पास केवल तीन महिला मंत्री हैं। त्रिवेदी ने इसे ‘बहुत नाइंसाफी’ बताया और कहा कि राहुल गांधी तथा खरगे इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने खरगे को संबोधित करते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के पिता से भी उम्र में बड़े हैं और उन्हें राहुल का मार्गदर्शन करना चाहिए, न कि उनके प्रभाव में काम करना चाहिए।त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर बेहद तीखी और व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आने पर उनका परिचय ‘मुल्लाओं और मौलवियों के संरक्षक, सनातन धर्म के विनाशक और घुसपैठियों के रक्षक’ के रूप में कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक तरफ ‘पितृसत्ता खत्म करो’ का नारा देते हैं, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस में महिला मंत्रियों को एक-एक करके हटा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk

टाटा संस में उत्तराधिकार की रेस: नरेंद्रन और सौरभ सबसे आगे; क्या एनएसई के सीईओ आशीष साबित होंगे 'डार्क हॉर्स'?

क्या आशीष चौहान की तकनीकी और नियामक समझ उन्हें सबसे आगे खड़ा करेगी? टाटा संस की चेयरमैनशिप के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रमुख आशीष चौहान का नाम सबसे चौंकाने वाला और दिलचस्प माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वे एक अप्रत्याशित लेकिन बेहद मजबूत विकल्प साबित हो सकते हैं। आशीष चौहान का प्रोफाइल पारंपरिक टाटा क्रेडेंशियल्स से काफी अलग है। वे टेक्नोलॉजी, कैपिटल मार्केट्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और बड़े संस्थानों के निर्माण के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता रखते हैं। चौहान ने आईआईटी बॉम्बे से स्नातक किया है और उनके पास आईआईएम कलकत्ता से पोस्ट ग्रेजुएट मैनेजमेंट डिग्री है। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईडीबीआई बैंक में भी काम किया है। वह 1990 के दशक में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की स्थापना करने वाले शुरुआती अधिकारियों में शामिल थे। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एमडी और सीईओ के रूप में कार्य किया और 2022 में फिर से एनएसई के प्रमुख के रूप में वापस आए। बीएसई में रहते हुए उन्होंने एक ब्रोकर-संचालित एक्सचेंज को एक पेशेवर रूप से प्रबंधित कॉर्पोरेट संस्थान में बदला। वर्तमान में वे एनएसई को एक कठिन दौर से निकालते हुए इसके 30,000 करोड़ रुपये के विशाल आईपीओ की तैयारी कर रहे हैं, जो भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होने जा रहा है। इस आईपीओ के बाद एनएसई का मूल्य लगभग पांच लाख करोड़ रुपये आंका जाएगा, जो इसे बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल कर देगा। चौहान को एक शांत और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वाले ‘कॉर्पोरेट ट्रबलशूटर’ के रूप में जाना जाता है, जो बिना किसी आक्रामक सार्वजनिक मुद्रा के कठिन परिस्थितियों को संभालते है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk