एक्सप्लेनर: क्या है 'हनुमान अंश' वाले बाबा नीम करौली की असली कहानी, कौन थे ये संत और क्यों इतने प्रसिद्ध?

जन्मस्थली के पैतृक मकान को लेकर क्या विवाद है? बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली अकबरपुर में स्थित पैतृक मकान को लेकर अब परिवार और ट्रस्ट के बीच विवाद सामने आया है। यह विवाद बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों की शिकायत के बाद सामने आया। परिवार की ओर से प्रशासन को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत नगला के निजी मकान संख्या 154-वी में बाबा का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष था। परिवार का दावा है कि इस पैतृक मकान पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट का कब्जा है। धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां बीते 14 अगस्त को अपनी मां की पुण्यतिथि मनाने अकबरपुर आई थीं। इसी दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। यह पत्र 21 अगस्त को विधिवत दर्ज कराया गया। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट में संजय गुप्ता ट्रस्टी थे और वे धर्म नारायण शर्मा की सेवा करते थे। परिवार का कहना है कि धर्म नारायण शर्मा के निधन के बाद संजय गुप्ता ने ट्रस्ट पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और बाबा के पैतृक मकान पर भी कब्जा कर लिया। परिवार ने रखा प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव परिवार की ओर से इस विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। उनका कहना है कि बाबा की जन्मस्थली से जुड़ी संपत्ति और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होनी चाहिए। प्रस्ताव के मुताबिक, जिलाधिकारी को इस ट्रस्ट का पदेन अध्यक्ष बनाया जाए। इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पदेन सदस्य बनाया जाए। परिवार का तर्क है कि इससे जन्मस्थली का प्रबंधन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा और किसी निजी व्यक्ति के एकाधिकार की स्थिति न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली में नहीं रुक रहा मर्डर का सिलसिला: लाठी-डंडे से पीट-पीटकर युवक की हत्या, सीसीटीवी में कैद खौफनाक वारदात

हाल ही में नागलोई में एक छात्र की हुई थी हत्या दिल्ली में आए दिन हत्याओं की खबर सामने आती रहती है। हाल ही में दिल्ली के नागलोई में स्कूल जा रहे 15 साल के छात्र पर चाकू से हमला किया गया था। इस घटना में छात्र की मौत हो गई थी। छात्र पर हमले की वजह भी सामने आई थी। दरअसल छात्र ने कुछ लड़कों को एक लड़की से छेड़छाड़ करने से रोकने की कोशिश की थी, उसके बाद छात्र पर ये हमला हुआ और उसकी जान चली गई। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 1 min · National Desk

निजी कंपनियां बनाएंगी रॉकेट?: बढ़ते निजीकरण से हजारों कर्मचारी परेशान, इसरो प्रमुख को लिखी चिट्ठी; मांगा जवाब

निजी कंपनियों को लेकर कर्मचारियों की चिंता क्यों बढ़ी? इसरो के किन कामों को निजी क्षेत्र में देने की बात उठी? कर्मचारियों ने प्रक्षेपण यानों के उत्पादन को निजी क्षेत्र को सौंपने से जुड़ी खबरों पर भी चिंता जताई है। इसके अलावा नियमित उपग्रह निर्माण का काम इसरो से बाहर ले जाने और कुलसेकरपट्टिनम में प्रस्तावित स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स जैसी नई प्रक्षेपण सुविधाओं को निजी संस्थाओं के लिए खोलने का मुद्दा उठाया गया है। पत्र में यह भी कहा गया कि इसरो की करीब 120 तकनीकों को पहले ही निजी क्षेत्र को हस्तांतरित किया जा चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि इन बदलावों को लेकर विभाग की ओर से अब तक स्पष्ट आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। कर्मचारियों को किस तरह के नुकसान का डर है? कर्मचारी संगठनों ने कहा कि अगर इसरो प्रक्षेपण यान और उपग्रह बनाने से पीछे हटता है तो संस्थान में अंदरूनी काम कम हो सकता है। इससे स्वीकृत पदों में कमी या भर्ती पर रोक लग सकती है और तकनीकी, वैज्ञानिक, प्रशासनिक, खरीद, गुणवत्ता, सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में पदोन्नति और कौशल विकास के अवसर घट सकते हैं। संगठनों ने चेताया कि मौजूदा कर्मचारी अतिरिक्त माने जा सकते हैं, उनका दूसरी जगह तबादला हो सकता है या उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल सकता है। साथ ही ग्रुप ए, बी और सी की भर्तियां घटने से युवाओं के लिए इसरो में करियर के मौके भी कम हो सकते हैं। कर्मचारी निजी कंपनियों की भागीदारी के खिलाफ हैं क्या? इसरो से अब कर्मचारी क्या स्पष्ट जवाब चाहते हैं? क्या इसरो की भूमिका पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है? कर्मचारी संगठनों ने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

केतन हत्याकांड: आरोपी चेतन का दोस्त गिरफ्तार, ढाई महीने पहले लोहागढ़ किले पर हुई थी वारदात; कहां पहुंची जांच?

महाराष्ट्र के पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, रितेश आरोपी चेतन का दोस्त है और उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। 22 वर्षीय रितेश हांगे केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार होने वाला तीसरा आरोपी। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल बोले- जांच के दौरान रितेश केतन की हत्या की साजिश में शामिल पाया गया। रितेश को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी, लेकिन सिया कथित तौर पर चेतन के साथ रिश्ते में थी। सिया और चेतन ने केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानकर उसे खत्म करने की योजना बनाई थी। केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने 18 जून को केतन को लोहागढ़ किले से धक्का दे दिया था। साजिश में रितेश की कितनी भूमिका? हत्याकांड की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रितेश, चेतन और सिया के साथ मिलकर हत्या की योजना बना रहा था। उसे केतन के हाथ-पैर तोड़कर उसे खत्म करने की पिछली योजना की जानकारी थी। 18 जून को हत्या को अंजाम देने के बाद चेतन ने रितेश से संपर्क किया और उसे वारदात की जानकारी दी। फिलहाल, आगे की जांच जारी है। हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन की हत्या की गई थी। वह अपनी मंगेतर सिया के साथ ट्रेकिंग पर गया था। जांच में सामने आया कि रितेश को पहले से उस योजना की जानकारी थी, जिसके तहत केतन के हाथ-पैर त …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

लखनऊ: यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल नियुक्त, पदभार जल्द

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से कल देर रात मिली सूचना के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उप-राज्यपाल नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2017 में डॉ. शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। शर्मा यूपी की राजनीति का परिचित चेहरा रहे हैं। 62 वर्षीय शर्मा का कार्यकाल नवंबर माह के अंत में खत्म होने वाला था और उससे पहले ही उन्हे नई जिम्मेदारी सौंप दी गई।वर्ष 2017 से 2022 तक उपमुख्यमंत्री के तौर पर माध्यमिक और उच्च शिक्षा के अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी भी देख चुके हैं। दिनेश शर्मा 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे। इसके बाद राज्यसभा से सांसद बनाया गया।दिनेश शर्मा लगातार दो बार लखनऊ के मेयर रहे हैं। साल 2006 और 2018 तक लगातार दो बार लखनऊ के रहे। वे लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर का दायित्व भी निभा चुके हैं। इसके अलावा वे यूपी मेयर काउंसिल के 2007 से मार्च 2018 तक अध्यक्ष भी रहे हैं।डॉ. शर्मा भाजपा संगठन में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत कई पदों पर काम कर चुके हैं। गुजरात के प्रभारी के अलावा हरियाणा में मुख्यमंत्री और राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए पर्यवेक्षक भी रहे हैं। वे भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुके हैं।बेदाग छवि वाले डॉ. शर्मा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

आठ नए चीफ जस्टिस नियुक्त: जम्मू-कश्मीर से महाराष्ट्र तक बदलाव, किस हाईकोर्ट में कौन से न्यायाधीश संभालेंगे पद

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को आठ हाई कोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस की नियुक्तियों को मंजूरी दी है। इन नियुक्तियों में दिल्ली, बॉम्बे, छत्तीसगढ़, इलाहाबाद, पंजाब और हरियाणा, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान हाई कोर्ट के मौजूदा जजों को अलग-अलग हाई कोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक्स पर एक पोस्ट में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे कलकत्ता हाई कोर्ट के प्रमुख होंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 1 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: कैसे साधे जा रहे यूपी में चुनावी समीकरण, महिलाओं के बाद युवा वोटरों पर कैसे सबकी निगाह?

खबरों के खिलाड़ी: कैसे साधे जा रहे यूपी में चुनावी समीकरण, महिलाओं के बाद युवा वोटरों पर कैसे सबकी निगाह? अनुराग वर्मा: राहुल गांधी के साथ परेशानी ये है कि वो क्षेत्रीय सहयोगी भी चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर। पिछले चुनाव में प्रियंका गांधी ने लड़की हूं लड़ सकती हूं कैंपेन पर चुनाव लड़ीं थीं, लेकिन उनका पूरा कैंपेन विफल रहा था। वहीं, अखिलेश यादव की परेशानी ये है कि उन्हें नए वोट अपने साथ जोड़ने हैं। अखिलेश यादव के पास खोने के लिए बहुत कुछ है। बातें बहुत सी होती हैं, लेकिन आखिरी तक चीजें साफ नहीं होती हैं। हर चुनाव से पहले गठबंधन की बात होती है, लेकिन अंत तक तस्वीर साफ नहीं होती है। जैसे पिछले कुछ वक्त से महिला एक अलग वोटर वर्ग बना है वैसे ही अब जेन-जी के रूप में एक नया वोटर वर्ग तैयार होता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हैं। सपा और कांग्रेस के गठबंधन से पहले दोनों ओर से अपने-अपने दावे शुरू हो गए हैं। दोनों दलों की ओर से अपने साथ नए मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश भी हो रही है। इस हफ्ते ‘खबरों के खिलाड़ी’ में चुनाव से पहले बन रहे इन्हीं समीकरणों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी और अनुराग वर्मा मौजूद रहे। पूर्णिमा त्रिपाठी: हर दल पब्लिक पोश्चरिंग करता है। वही कांग्रेस अभी कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के पीए को समन: सोमवार को पुलिस के सामने होंगे सुमित रॉय, क्या है पूरा मामला?

समन क्यों? जांच में सुमित रॉय का बयान दर्ज करना है। कब बुलाया? सोमवार दोपहर पुलिस अधिकारियों के सामने पेश होना है। समन कहां पहुंचा? शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित आवास पर नोटिस दिया गया। पहले किससे पूछताछ हुई? अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और सुमित रॉय से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच के तहत सुमित रॉय का बयान जरूरी है। इसी वजह से उन्हें सोमवार को शेक्सपियर सारणी थाने के जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होने को कहा गया है। पुलिस इससे पहले अभिषेक बनर्जी, टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन से इस घटना को लेकर पूछताछ कर चुकी है।पुलिस के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को दो एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। डेरेक ओ’ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत कई अन्य लोगों के नाम भी मामलों में शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, मामलों में सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकना, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाना, मारपीट और महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं। मामले में अब तक दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं। डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर के नाम भी हैं। कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपों में सरकारी काम में बाधा और मारपीट शामिल है।मामला कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत से जुड़े एक बिलबोर्ड का है। इमारत की ऊपरी मंजिल पर सड़क की ओर लोहे के ढांचे पर टीएमसी के साइन वाला बिलबोर्ड लगा था। पुलिस के जबरन अंदर जाने के बाद कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों ने इस ढांचे को हटा दिया। इसी दौरान पार्टी कार्यालय में झड़प की स्थिति बनी और मामला पुलिस तक पहुंच गया।डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक ‘गैरकानूनी’ नोटिस लेकर पार्टी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु: डीवीएसी ने पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू के ठिकानों पर मारे छापे, स्टालिन ने किस पर साधा निशाना?

डीवीएसी की ओर से जारी बयान में कहा गया, “तलाशी के दौरान निविदाओं में की गई अनियमितताओं से संबंधित 241 आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए। मामले की जांच जारी है।” बयान के अनुसार, नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग में विभिन्न निविदाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।शाम को पत्रकारों से बातचीत में नेहरू ने कहा कि डीवीएसी अधिकारियों को कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई के कार्यालय से एक सामान्य फाइल और व्यक्तिगत हिसाब-किताब से जुड़े एक कागज की प्रतियां ली गईं। पूर्व मंत्री ने कहा, “मैं और मेरी टीम ने सुबह आठ बजे से सात घंटे तक चली तलाशी के दौरान अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया। यह तलाशी निविदाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर की गई।“उन्होंने स्वीकार किया कि उनके और उनके भाई समेत 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। नेहरू ने एक सवाल के जवाब में दावा किया कि विधानसभा में सरकार से सवाल करने में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें डराने या दबाव में लाने के लिए छापेमारी “राजनीति से प्रेरित” थी।उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और वह अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। नेहरू फिलहाल तिरुचिरापल्ली पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके के उपनेता हैं। वह मध्य तमिलनाडु के प्रमुख डीएमके नेताओं में शामिल हैं।डीएमके के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने कहा कि नेहरू से जुड़े ठिकानों पर तलाशी साक्ष्यों और शिकायतों के आधार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 6, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव: ईरान के तीन तेल टैंकरों को अमेरिकी सेना ने किया तबाह, क्या है कार्रवाई की वजह?

ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से समुद्री यातायात को सीमित करने की कोशिश की है। इसके जवाब में अमेरिका ने नौवहन की सुरक्षा और ईरानी खतरों से निपटने के उद्देश्य से अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। दोनों देशों के बीच टकराव में समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति बड़े मुद्दे बनकर सामने आए हैं। ईरानी तेल और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाकर अमेरिका तेहरान पर दबाव बढ़ाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा यह कार्रवाई भी है। ईरान ने दो अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी युद्धपोत इन मिसाइलों से बचने में सफल रहे। इस हमले में किसी अमेरिकी सैन्यकर्मी के घायल होने की जानकारी नहीं है। अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकरों पर हमला किया। यह कार्रवाई वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव में एक और बड़ी वृद्धि के तौर पर देखी जा रही है।क्षेत्र में पहले से ही वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ी है। तेल टैंकरों पर हमले से समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के तेल कारोबार का एक बड़ा हिस्सा आम तौर पर इसी रास्ते से होकर गुजरता है।ईरानी तेल और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाना तेहरान पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश का हिस्सा है। हालांकि, तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमले से क्षेत्र में समुद्री आवाजाही और जटिल हो सकती है।तेल टैंकरों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव से ऊर्जा की आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। यह स्थिति अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 5, 2026 · 2 min · National Desk