लेह में सात की मौत: पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा, नीचे से गुजर रही थीं गाड़ियां; तस्वीरों में देखें मंजर

1 of 7 7 लोगों की मौत, कई वाहन दबे - फोटो : अमर उजाला लद्दाख के कारगिल जिले में जोजिला-गुमरी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर प्रकृति का कहर टूटा। जीरो पॉइंट और मिनीमर्ग के बीच भारी हिमस्खलन ने कई जिंदगियों को चपेट में ले लिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। बर्फ के विशाल मलबे के नीचे 7 से 8 वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : अमर उजाला पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र लेह-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाहन जोजिला दर्रे से गुजर रहे थे। इसी दाैरान पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ और बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से सड़क पर आ गिरा। पलक झपकते ही वाहन बर्फ के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लद्दाख पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें बचाव एवं राहत कार्य के लिए मशीनों के साथ पहुंच गईं। 3 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI हटाई जा रही बर्फ खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देर रात तक सेना और बीआरओ के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटे थे। घायलों को तत्काल निकालने के लिए बसीज इमाम खामनेई मेमोरियल ट्रस्ट (आईकेएमटी) के सदस्य और 108 एम्बुलेंस तैनात हैं। 4 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI सात के मारे जाने की पुष्टि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भूस्खलन में दबने से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: राज्यों को सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के निर्देश, टीम इंडिया की भावना पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने पर देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग व आपूर्ति श्रृखंलाओं को मजूबत करना है।उन्होंने राज्यों से आपूर्ति श्रंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बदलते हालात में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों में खास ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि नौवहन, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से जुड़ी नई चुनौतियों का समाधान किया जा सके। प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं व अफवाहों से सतर्क रहने का भी आग्रह किया और सही व विश्वसनीय जानकारी फैलाने पर जोर दिया।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

Iran War: ईरान का दावा- परमाणु ठिकानों को बनाया गया निशाना; इस्राइल बोला- सैन्य कार्रवाई को और तेज करेंगे

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक के शाहिद खोंदाब में स्थित एक बड़े पानी के संयंत्र और यज्द प्रांत के अर्दकान येलोकैक प्लांट पर हमला हुआ। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस्राइल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को और तेज और व्यापक करने की चेतावनी दी थी। इस्राइल की सेना ने कहा कि उसने तेहरान के अंदर बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार निर्माण से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसके साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और स्टोरेज साइट्स को भी निशाना बनाया।ईरान संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल चुका है। सऊदी अरब ने बताया कि उसने राजधानी रियाद की ओर बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। कुवैत के बंदरगाहों को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है। इस बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हमले हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत अच्छी तरह चल रही है। हालांकि, ईरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है। अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खोलने की शर्त शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। तेल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।इस बीच कई देशों के राजनयिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

Iran War: ईरान का दावा- परमाणु ठिकानों को बनाया गया निशाना; इस्राइल बोला- सैन्य कार्रवाई को और तेज करेंगे

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक के शाहिद खोंदाब में स्थित एक बड़े पानी के संयंत्र और यज्द प्रांत के अर्दकान येलोकैक प्लांट पर हमला हुआ। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस्राइल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को और तेज और व्यापक करने की चेतावनी दी थी। इस्राइल की सेना ने कहा कि उसने तेहरान के अंदर बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार निर्माण से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसके साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और स्टोरेज साइट्स को भी निशाना बनाया।ईरान संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल चुका है। सऊदी अरब ने बताया कि उसने राजधानी रियाद की ओर बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। कुवैत के बंदरगाहों को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है। इस बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हमले हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत अच्छी तरह चल रही है। हालांकि, ईरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है। अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खोलने की शर्त शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। तेल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।इस बीच कई देशों के राजनयिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

लेह में सात की मौत: पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा, नीचे से गुजर रही थीं गाड़ियां; तस्वीरों में देखें मंजर

1 of 7 7 लोगों की मौत, कई वाहन दबे - फोटो : अमर उजाला Link Copied लद्दाख के कारगिल जिले में जोजिला-गुमरी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर प्रकृति का कहर टूटा। जीरो पॉइंट और मिनीमर्ग के बीच भारी हिमस्खलन ने कई जिंदगियों को चपेट में ले लिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। बर्फ के विशाल मलबे के नीचे 7 से 8 वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : अमर उजाला पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र लेह-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाहन जोजिला दर्रे से गुजर रहे थे। इसी दाैरान पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ और बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से सड़क पर आ गिरा। पलक झपकते ही वाहन बर्फ के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लद्दाख पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें बचाव एवं राहत कार्य के लिए मशीनों के साथ पहुंच गईं। 3 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI हटाई जा रही बर्फ खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देर रात तक सेना और बीआरओ के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटे थे। घायलों को तत्काल निकालने के लिए बसीज इमाम खामनेई मेमोरियल ट्रस्ट (आईकेएमटी) के सदस्य और 108 एम्बुलेंस तैनात हैं। 4 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI सात के मारे जाने की पुष्टि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: राज्यों को सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के निर्देश, टीम इंडिया की भावना पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने पर देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग व आपूर्ति श्रृखंलाओं को मजूबत करना है।उन्होंने राज्यों से आपूर्ति श्रंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बदलते हालात में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों में खास ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि नौवहन, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से जुड़ी नई चुनौतियों का समाधान किया जा सके। प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं व अफवाहों से सतर्क रहने का भी आग्रह किया और सही व विश्वसनीय जानकारी फैलाने पर जोर दिया।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी

भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 27 Mar 2026 05:52 PM IST सार रक्षा अधिग्रहण परिषद ने लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत के सैन्य हार्डवेयर की खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें सेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के लिए आधुनिक उपकरण शामिल हैं। इस खरीद में एयर डिफेंस सिस्टम, धनुष तोप, एस-400 मिसाइल प्रणाली, मध्यम परिवहन विमान, दूर से नियंत्रित हमलावर विमान और सुखोई-30 के इंजन कलपुर्जों की ओवरहाल शामिल है। पढ़ें रिपोर्ट- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक, तैयारियों की हुई समीक्षा

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, पंजाब के भगवंत मान, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू सहित कई मुख्यमंत्री शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में मौजूद थे।एक सूत्र ने बताया, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की। बैठक का फोकस ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत तालमेल सुनिश्चित करना था। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेगा।सरकार ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक भी की थी, जिसमें स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई। 23 मार्च को लोकसभा में बयान देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई वैश् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

लद्दाख में कुदरत का कहर: हिमस्खलन की चपेट में आने से सात लोगों की मौत, कई वाहन दबे

लद्दाख सेक्टर के जोजिला दर्रे के जीरो प्वाइंट इलाके में हिमस्खलन हुआ। जिसमें कुछ वाहन बर्फ के नीचे फंस गए। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो गई है। पांच अन्य व्यक्ति घायल हो गए हैं, शुक्रवार को जोजिला दर्रे पर एक यात्री वाहन हिमस्खलन की चपेट में आ गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्री वाहन पर भारी बर्फ का ढेर गिर गया। इस भारी बर्फबारी के कारण वाहन में सवार छह लोगों की मौके पर ही जान चली गई। वहीं, पांच अन्य यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल तेजी से मौके पर पहुंचा। उन्होंने तुरंत घायलों को निकालने और शवों को मलबे से बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया। सभी घायल व्यक्तियों को तत्काल इलाज के लिए पास की चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है।अधिकारियों ने पुष्टि की कि बचाव और निकासी अभियान अभी भी सक्रिय रूप से जारी है। यह अभियान कठिन पहाड़ी इलाके में चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन भी बचाव कार्यों में सहयोग कर रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 1 min · National Desk

जेवर से कब मिलेगा उड़ने का मौका?: सफर, सुविधा से लागत तक; नोएडा एयरपोर्ट को लेकर मन में आ रहे हर सवाल का जवाब

कब से चल रहा है काम? जेवर में स्थित नोएडा एयरपोर्ट की परिकल्पना 25 साल से पहले की गई थी। वर्ष 2001 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह की ओर से जेवर में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल और एविएशन हब (टीआईएएच) रूप में एयरपोर्ट प्रस्तावित किया गया था। तत्कालीन केंद्र की अटल बिहारी सरकार ने अप्रैल 2003 में एयरपोर्ट की स्थापना के लिए तकनीकी-व्यवहार्यता रिपोर्ट को स्वीकार किया था। हालांकि अगले 16 वर्ष तक कई बार हवाई अड्डा कभी राजस्थान के भिवाड़ी और कभी हरियाणा और कभी यूपी में फिरोजाबाद के लिए भी तत्कालीन सरकारों ने ले जाने का प्रयास किया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो जेवर में दोबारा से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की कवायद शुरू हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मई 2018 में उत्तर प्रदेश शासन को निर्माण के लिए सैद्धांतिक सहमति दी। इसके बाद 29 नवंबर 2019 को स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को टेंडर मिला। इसके बाद 25 नंवबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाईअड्डे का शिलान्यास किया। शिलान्यास के दौरान मोदी ने कहा था कि नोएडा एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी बेहतरीन मॉडल बनेगा। रेलवे से लेकर मेट्रो तक हर तरह के मोड से कनेक्ट होगा। नोएडा पूरे उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे बनेगा। आज जिस तेजी से एविएशन क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है उनके लिए भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बहुत बड़ी भूमिका होगी। यह एयरपोर्ट विमानों के रखरखाव, देखभाल व मेंटेनेंस का केंद्र बनेगा, जो देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी और देश के युवाओं को रोजगार देगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk