ब्रिक्स समिट: मेहमानों की मेज पर सजेगी जयपुर की कारीगरी, बनाया खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर; कैसे हैं डिजाइन?

1 of 8 भारत में ममेहमानों का स्वागत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक Link Copied दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के 20 देशों से मेहमान पहुंच रहे हैं। उनके स्वागत के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। खाने से लेकर उसे परोसने तक, हर चीज में भारतीय संस्कृति और कारीगरी की झलक दिखेगी। इसी खास मेहमाननवाजी के लिए जयपुर के करीब 300 कारीगरों ने सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की है। इनके डिजाइन में पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक तकनीक का मेल देखने को मिलेगा। 2 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस ब्रिक्स समिट के दौरान जब दुनिया के प्रमुख देशों के प्रतिनिधि दिल्ली में एक साथ बैठेंगे, तो मेज पर परोसा जाने वाला भोजन ही खास नहीं होगा, बल्कि उसे परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाला टेबलवेयर भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस खास मेहमाननवाजी में जयपुर की पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल दिखाई देगा। 3 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस अरुण्स ग्रुप के सीईओ अरुण पाबुवाल और डायरेक्टर अंतरा पाबुवाल ने बताया कि ब्रिक्स समिट में विदेशी और विशेष मेहमानों के लिए खास सिल्वर-प्लेटेड टेबलवेयर और कटलरी तैयार की गई है। इसे तैयार करने में करीब 300 कारीगरों की टीम ने काम किया। इन उत्पादों में पारंपरिक हस्तकला के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 4 of 8 जयपुर की शाही कारीगरी - फोटो : आईएएनएस अरुण पाबुवाल ने आईएएनएस को बताया कि समिट में परोसे जाने वाले अलग-अलग व्यंजनों के लिए टेबलवेयर का डिजाइन भी अलग रखा गया है। यानी मेहमान के स्वागत में परोसे जाने वाले पेय से लेकर भोजन और अंत में स्वीट डिश तक, हर चरण के लिए विशेष डिजाइन तैयार किए गए हैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: रूस का एसयू-57 कितना ताकतवर, भारत को पांचवीं पीढ़ी के जेट का ऑफर क्यों, लड़ाकू विमान में खास क्या?

भारत को कौन-कौन सी तकनीक मिल सकती है? रूस की ओर से भारत को जिन क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की पेशकश बताई गई है, उनमें इंजन तकनीक, एईएसए रडार, ऑप्टिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टील्थ या कम दिखाई देने वाली तकनीक, सॉफ्टवेयर और आधुनिक हथियार प्रणाली शामिल हैं। रूसी प्रस्ताव में महत्वपूर्ण हिस्सों का उत्पादन भारत में करने और धीरे-धीरे स्थानीय उत्पादन बढ़ाने की बात भी शामिल है। भारत के लिए स्थानीय उत्पादन की बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान में सिर्फ विमान का ढांचा ही महत्वपूर्ण नहीं होता। उसके रडार, इंजन, सेंसर, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और हथियारों का आपस में तालमेल उसकी वास्तविक क्षमता तय करता है। क्या भारत के लिए दो सीट वाला एसयू-57 भी विकल्प है? हां। रूस ने भारत के साथ दो सीट वाले एसयू-57 संस्करण पर मिलकर काम करने की पेशकश भी की है। 2026 में रूस ने खुद एसयू-57डी के दो सीट वाले प्रोटोटाइप की उड़ान शुरू कर दी है। दो सीट वाले विमान का इस्तेमाल प्रशिक्षण के अलावा युद्ध संचालन में अतिरिक्त भूमिका के लिए किया जा सकता है। यूएसी के मुताबिक, इसे मानवयुक्त और बिना पायलट वाले विमानों के संयुक्त समूह के संचालन और नियंत्रण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में उत्पादन की बात क्यों महत्वपूर्ण है? अगर भारत और रूस के बीच एसयू-57ई के स्थानीय उत्पादन पर सहमति बनती है, तो यह सिर्फ तैयार विमान खरीदने से अलग व्यवस्था होगी। रूस ने भारत में इसके उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने और महत्वपूर्ण हिस्सों को स्थानीय स्तर पर बनाने की पेशकश की है। इससे भारतीय उद्योग को विमान निर्माण, रखरखाव और भविष्य के उन्नयन में ज्यादा भूमिका मिल सकती है। भारत के पा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

भारतीय रेल: आज और कल कई ट्रेनें रद्द, कई बदले मार्ग से चलेंगी; लंबी दूरी के अलावा लोकल गाड़ियां भी प्रभावित

परिचालन संबंधी कार्यों के चलते कई ट्रेनें रद्द रहने से दिल्ली और आसपास के रेल यात्रियों को 12 और 13 सितंबर को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर रेलवे ने इन दो दिनों में कई ट्रेनों को रद्द करने, कुछ का मार्ग बदलने, कुछ को बीच रास्ते से चलाने या वहीं समाप्त करने तथा कई ट्रेनों को देरी से रवाना करने का फैसला किया है। इसका सबसे अधिक असर दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-पलवल और दिल्ली-शाहदरा रेलखंड पर चलने वाली ईएमयू-मेमू सेवाओं के अलावा लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, नई दिल्ली से चलने वाली कई राजधानी ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। इनमें नई दिल्ली-रांची, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़, नई दिल्ली-हावड़ा, नई दिल्ली-भुवनेश्वर और नई दिल्ली-सियालदह राजधानी के साथ संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों को नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद होकर चलाने की योजना है।12 सितंबर को गाजियाबाद-नई दिल्ली और नई दिल्ली-गाजियाबाद की कई ईएमयू रद्द रहेंगी। इनमें 64425, 64432, 64429, 64433, 64441, 64410, 64443, 64418, 64445 और 64412 प्रमुख हैं। नई दिल्ली-पलवल महिला ईएमयू 64492 भी रद्द रहेगी। पलवल-शकूरबस्ती की कुछ सेवाएं भी रद्द रहेंगी। गोमती, श्रमजीवी, सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू, वैशाली, मगध और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा। इन्हें नई दिल्ली-दिल्ली जंक्शन-दिल्ली शाहदरा-साहिबाबाद होकर चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनें साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन होकर भी चलेंगी।13 सितंबर को पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन ईएमयू, बल्लभगढ़-शकूरबस्ती ईएमयू, नई दिल्ली-पल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

सिल्क रूट अल्ट्रा: जहां सांस छोटी पड़ी, वहां हौसलों ने रच दिया इतिहास, 122 किमी की दौड़ में नवांग चैंपियन

लद्दाख की विरल हवा, कड़ाके की ठंड और 17,618 फीट की ऊंचाई के बीच 477 धावकों ने शुक्रवार को हौसले की नई कहानी लिखी। जिस ऊंचाई पर ऑक्सीजन बेहद कम हो जाती है, सांस लेना दूभर हो जाता है, वहां इन धावकों ने 122 किमी की दौड़ पूरी की। नुब्रा के क्यागर गांव से लेह तक की इस सिल्क रूट अल्ट्रा में लद्दाख के नवांग त्सेरिंग ने 12 घंटे 12 मिनट 18 सेकंड में जीत दर्ज की। जयपुर के सूरज मीणा 12 घंटे 35 मिनट में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने गैर-लद्दाखी धावक का 15 घंटे छह मिनट का रिकॉर्ड तोड़ दिया। महिला वर्ग में हिमाचल की तेनजिन डोलमा ने 14 घंटे 26 मिनट 29 सेकंड में दौड़ पूरी की। चर्चित धावक सुफिया सूफी दूसरे स्थान पर रहीं।समुद्र तल से हजारों फीट ऊपर बढ़ती ऊंचाई के साथ हवा में ऑक्सीजन की उपलब्धता घटती जाती है। ऐसे में शरीर को सामान्य परिस्थितियों की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ठंड और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच लंबी दूरी तय करना शारीरिक क्षमता से अधिक मानसिक मजबूती की परीक्षा बन जाती है।सिल्क रूट अल्ट्रा में लद्दाख के नवांग त्सेरिंग ने पहली ही भागीदारी में इतिहास रच दिया। 122 किलोमीटर की दूरी उन्होंने 12 घंटे 12 मिनट 18 सेकंड में पूरी की और खिताब अपने नाम कर लिया। इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के लिए उन्हें पांच लाख रुपये की प्रथम पुरस्कार राशि मिली।नवांग के पीछे राजस्थान के जयपुर के सूरज मीणा रहे। उन्होंने 12 घंटे 35 मिनट में दौड़ पूरी कर किसी गैर-लद्दाखी धावक का अब तक का सबसे तेज समय दर्ज किया। दो लद्दाख स्काउट्स के रिगजियान ग्युरमेथ तीसरे स्थान पर रहे। विजेताओं को लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सम्मानित किया।सूरज मीणा की कहानी भी पहाड़ों से उनके पु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

सत्य निकेतन हादसा: ठेकेदार ने माना- इमारत मालिक के बेटे के कहने पर हटाया पिलर-सीढ़ियां, आधे घंटे बाद ढहा पीजी

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में डेज पीजी हॉस्टल हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार ठेकेदार सनोज ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि इमारत के मालिक के बेटे महेश के कहने पर उसने पिलर, बेसमेंट से ऊपर जाने वाली सीढ़ियां और पार्टिशन की दीवार हटाई थी। पिलर और सीढ़ियां हटाने के करीब आधे घंटे बाद ही इमारत जमींदोज हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में भी पिलर हटाए जाने और इमारत ढहने के बीच संबंध सामने आया है।दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट को भरने का काम चल रहा था। बेसमेंट का एक हिस्सा लगभग भर दिया गया था। वहां बीच में पिलर के अलावा बेसमेंट से ऊपर आने वाली सीढ़ियां और पार्टिशन के लिए बनी दीवार मौजूद थी।आरोप है कि भवन मालिक और उसके बेटे महेश के कहने पर इन हिस्सों को हटाया गया। पुलिस के मुताबिक, सनोज के पास निर्माण कार्य का न तो कोई अनुभव था और न ही लाइसेंस। वह कामचलाऊ मिस्त्री के तौर पर काम करता था। उसे और उसके दो मजदूरों को एक दिन के काम के करीब 2800 रुपये मिलते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिना तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह के महत्वपूर्ण संरचनात्मक हिस्सों को हटाने का फैसला क्यों लिया गया।सत्य निकेतन इमारत ढहने के मामले में पीजी संचालक शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। त्यागी मकान मालिक हरिराम गुप्ता से पट्टे पर लेकर पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास चला रहा था। हादसे के बाद से वह भाग निकला था और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी थीं।सत्य निकेतन में रविवार को मरम्मत और विस्तार का काम चल रहा था, तभी इमारत ढह गई थी। मामले में इमारत मालिक के बेटे महेश, श्रमिक ठे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

हाईकोर्ट का अहम फैसला: मर्जी से मनाली गई थी लड़की, सीने पर था टैटू; अदालत ने घटाई दुष्कर्म के दोषी की सजा

‘स्पष्ट रूप से एक प्रेमपूर्ण रिश्ता था’ न्यायमूर्ति विमल कुमार यादव की अदालत ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनों के बीच स्पष्ट रूप से एक प्रेमपूर्ण रिश्ता था। हालांकि, घटना के वक्त लड़की की उम्र कम होने के कारण इस रिश्ते को कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता था। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने दोषी द्वारा जेल में पहले ही बिताई गई करीब दो साल चार महीने की सजा को न्याय के लिए पर्याप्त माना। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 1 min · National Desk

केंद्र-लद्दाख वार्ता: बेनतीजा रहा संवाद, 19 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह पदयात्रा; आंदोलन की चेतावनी

केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ वार्ता में प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 19 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह तक पदयात्रा निकालने की घोषणा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।दोनों संगठनों ने कहा कि सरकार की ओर से लद्दाख की विशेष परिस्थितियों के अनुरूप शासन व्यवस्था और अधिक अधिकारों वाली निर्वाचित विधानसभा की स्थापना की मांग पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने, प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और 24 सितंबर की हिंसा की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई। लेकिन किसी में भी उचित जवाब नहीं मिला। लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और लद्दाख प्रशासन के बीच समन्वय की कमी दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत जारी रहने के बावजूद कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं।कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेताओं ने परिसीमन, वित्तीय अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा उपायों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि उसके प्रस्तावित मसौदे पर अक्तूबर के पहले सप्ताह में चर्चा की जा सकती है। लेह एपेक्स बॉडी के सदस्य सोनम वांगचुक ने कहा कि 19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा पिछले वर्ष 24 सितंबर की हिंसा में मारे गए लोगों की स्मृति में आयोजित की जाएगी। उन्होंने लद्दाख की मांगों के समर्थन में आम जनता से पदयात्रा में सहयोग और भागीदारी की अपील की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

ब्रिक्स समिट LIVE: आज दोपहर दिल्ली आएंगे जिनपिंग; इंडोनेशिया, फिलीपींस और अफ्रीका से भारत पहुंचे कई और मेहमान

01:11 AM, 12-Sep-2026 ब्रिक्स समिट LIVE: आज दोपहर दिल्ली आएंगे जिनपिंग; इंडोनेशिया, फिलीपींस और अफ्रीका से भारत पहुंचे कई और मेहमान ब्रिक्स शिखर बैठक 2026 के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज भारत पहुंचेंगे। ब्रिक्स से इतर चीन के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। पीएम मोदी के साथ मुलाकात के संबंध में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने कहा, चीन और भारत राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहे हैं। कजान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा वर्ष होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि चीन, भारत के साथ मिलकर दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के मुताबिक काम करेगा। जिनपिंग के भारत आगमन से पहले चीन का रुख सकारात्मक पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात से पहले राजदूत फेइहोंग ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संभालने, संचार को बढ़ावा देने, सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि चीन मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाएगा। अच्छे पड़ोसी की तरह संबंधों का आनंद लेने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने वाले साझेदार बने रहेंगे। भारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन 2026 से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा ब्रिक्स देशों में साल 2024 में पांच और देश- मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जुड़े। 2025 में इंडोनेशिया को भी इस समूह से जोड़ा गया। ऐसे में 11 देशों के इस समूह के प्रतिनिधि भारत की राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेंगे। कुछ देशों को मेहमान की तरह भी आमंत्रित किया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 12, 2026 · 2 min · National Desk

स्थानीय मुद्राएं, वैश्विक व्यापार और अमेरिकी प्रतिबंध: पीएम मोदी, पुतिन और पेजेश्कियान का ट्रंप को क्या संदेश?

क्या है स्थानीय मुद्राओं और वैश्विक व्यापार पर बना नया मोर्चा? सुरक्षित समुद्री मार्गों और नाविकों की हिफाजत पर पीएम मोदी ने क्या कहा? क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था में पुराने नेताओं की जगह नए इंजन ले रहे हैं? पुतिन ने पुराने आर्थिक नेताओं की ताकत और बदलते दौर पर क्या दलील दी? ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए क्या रास्ता सुझाया? क्या न्यू डेवलपमेंट बैंक को स्थानीय मुद्रा फंडिंग का मुख्य इंजन बनना होगा? क्या ट्रंप की 10% टैरिफ की धमकी के सामने झुकने को तैयार है ब्रिक्स? ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच पर तीनों नेताओं का संबोधन वैश्विक व्यापार और वित्तीय ढांचे को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है। फोरम में साफ किया गया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक व्यवस्था अब पुराने ढर्रे पर नहीं चल सकती। ट्रंप मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और उनकी ओर से डॉलर की बादशाहत को बचाने के लिए दी जा रही चेतावनियों के बीच ब्रिक्स देशों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे आपसी कारोबार में अपनी स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्राओं को प्राथमिकता देने के लिए तैयार हैं। यह मंच केवल व्यापारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दुनिया को यह दिखा दिया कि आर्थिक प्रतिबंधों और मुद्रा दबावों के खिलाफ उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब एक साथ खड़ी हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यापार को निर्बाध बनाए रखने के लिए सुरक्षित समुद्री लेन और खुली आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत जहाजरानी की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का कट्टर समर्थक है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा, “वैश्विक व्यापार की प्रगति तभी संभव है जब समुद्री ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 11, 2026 · 2 min · National Desk

ब्रिक्स: पीएम मोदी ने थामा ईरानी राष्ट्रपति का हाथ, पुतिन-रामाफोसा दिखे साथ; तस्वीर में नजर आई गर्मजोशी

Delhi | PM Narendra Modi with Iran’s President Masoud Pezeshkian and Russia’s President Vladimir Putin, among other BRICS leaders, at the BRICS Business Forum in Delhi pic.twitter.com/CcCPVgdNGl — ANI (@ANI) September 11, 2026 यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब दुनिया बड़े भू-राजनीतिक उलटफेरों के दौर से गुजर रही है। ईरान उस संघर्ष के केंद्र में है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। वहीं, यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर पश्चिमी देशों ने व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं।भारत ने दोनों देशों के साथ अपने संपर्क बनाए रखे हैं। साथ ही अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी भी जारी रखी है। ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ द्विपक्षीय बैठक में भी भारत का यही रुख दिखाई दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने की अपील की।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आम नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता बाधित नहीं होनी चाहिए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलग बैठक में भी प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तरह का रुख अपनाया। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की भारत की अपील दोहराई।नई दिल्ली लगातार यह रुख रखता रहा है कि वह निष्क्रिय रूप से तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। साथ ही भारत ने खुद को प्रतिद्वंद्वी भू-राजनीतिक खेमों में शामिल होने से बचाया है और अलग-अलग पक्षों वाले देशों के साथ संवाद जारी रखा है।ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की भूमिका प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 11, 2026 · 2 min · National Desk