Hydrogen Train: पांच रुपये से शुरू किराया, फिर भी खाली दौड़ रही हाइड्रोजन ट्रेन; जानिए क्या है वजह

भारतीय रेलवे यात्रियों के सफर को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई सुविधाएं जोड़ रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के बाद अब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी शुरू हो गई है। इस नई तकनीक वाली ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। जींद से सोनीपत के बीच संचालित की जा रही इस ट्रेन का किराया भी बहुत कम रखा है। इसके बावजूद ट्रेन में यात्रियों की संख्या अभी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कम किराए के बाद भी लोग इस ट्रेन से सफर क्यों नहीं कर रहे हैं। दरअसल, जींद-सोनीपत रूट पर पहले से ही कई ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों के पास यात्रा के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। इसी के चलते शुरुआत में हाइड्रोजन ट्रेन में भीड़ कम दिखाई दे रही है। जींद-सोनीपत रेल रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा पहले से ही तीन पैसेंजर और एक एक्सप्रेस ट्रेन संचालित हो रही हैं। इस मार्ग पर पहली पैसेंजर ट्रेन सुबह 6:15 बजे जींद जंक्शन से रवाना होती है। इसके बाद सुबह 7:40 बजे हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत के लिए चलती है। पहले दिन जींद जंक्शन से हाइड्रोजन ट्रेन में करीब 20 यात्रियों ने सफर किया। वहीं, दूसरे दिन भी यात्रियों की संख्या लगभग इतनी ही रही।हालांकि रेलवे को उम्मीद है कि जैसे जैसे लोगों को इस नई ट्रेन के बारे में जानकारी मिलेगी, वैसे वैसे यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।हाइड्रोजन ट्रेन डीजल की जगह फ्यूल सेल तकनीक से चलती है। इसमें हाइड्रोजन और हवा की मदद से बिजली तैयार की जाती है, जिससे ट्रेन का संचालन होता है। इस प्रक्रिया में धुआं नहीं निकलता, बल्कि केवल पानी की भाप निकलती है। यही वजह है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर ट्रस्ट : कौन हैं डॉ. कृष्ण मोहन जो संभालेंगे महासचिव का पद, चढ़ावा चोरी की सबसे पहले दी थी तहरीर

राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। बता दें कि राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी।कृष्ण मोहन का संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से है। उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे। कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 1 min · National Desk

जंतर-मंतर पर आंदोलन के बीच इंसानियत की मिसाल: कोई बांट रहा बिरयानी, कोई पानी; दिख रही एकजुटता की मिसाल

1 of 5 जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए लगी सामुदायिक रसोई - फोटो : वीडियो ग्रैब खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में भोजन एकजुटता का प्रतीक बन गया है। विभिन्न क्षेत्रों के स्वयंसेवक सैकड़ों छात्रों को भोजन और पानी उपलब्ध करा रहे हैं। यह विरोध नीट पेपर ‘लीक’ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर है। 2 of 5 बर्गर पिज्जा बांटते लोग - फोटो : वीडियो ग्रैब मेनू में पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्किट जंतर मंतर एक सामुदायिक रसोई में बदल गया है। कार्यालय जाने वाले, बुजुर्ग नागरिक, बच्चे और सामुदायिक समूह कंधे से कंधा मिलाकर भोजन परोस रहे हैं। मेनू में पिज्जा, बिरयानी, चिप्स, बिस्किट, फलों का रस और शीतल पेय शामिल हैं। स्थानीय विक्रेता गोलगप्पे और दही भल्ले मुफ्त में दे रहे हैं। कई भोजन पैकेट में हाथ के पंखे भी रखे हैं। यह उमस भरे मौसम में प्रदर्शनकारियों को ठंडक पहुंचाने के लिए है। निहंग सिखों सहित सिख समुदाय ने मंगलवार को लंगर का आयोजन किया। यह लंगर बुधवार तक जारी रहा, जिसमें सभी को ताजा भोजन परोसा गया। बच्चे पानी की बोतलें बांटते दिखे, जबकि बुजुर्ग स्वयंसेवक फल दे रहे थे। 3 of 5 बिस्किट और समोसे बांटते लोग - फोटो : अमर उजाला स्वयंसेवकों का योगदान रवि मौर्य, दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के कर्मचारी, अवकाश लेकर स्वयंसेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश और विदेश स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk

Marco Rubio: मार्को रुबियो ने ईरान को बताया क्षेत्र का सबसे बड़ा संकट, आसियान देशों के सामने क्या चेतावनी दी?

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को लेकर ईरान पर बड़ा आरोप लगाया है। फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रुबियो ने कहा कि अगर किसी देश को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर अवैध नाकाबंदी करने की छूट मिलती है तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरनाक मिसाल बन जाएगी। उन्होंने ईरान को पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने वाला देश बताते हुए कहा कि इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो सकता है। रुबियो ने ईरान पर कौन से आरोप लगाए? रुबियो ने कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी नीति और कार्रवाई को लेकर आसियान देशों को स्थिति स्पष्ट कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापारिक मार्गों पर पैदा हुए खतरों के लिए तेहरान जिम्मेदार है। उनके मुताबिक, ईरान की गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने समय रहते इस तरह की घटनाओं को नहीं रोका तो भविष्य में अन्य संवेदनशील समुद्री मार्गों पर भी इसी तरह की स्थिति पैदा हो सकती है। मार्को रुबियो ने कहा कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता की जड़ ईरान है। उन्होंने ईरान को क्षेत्र का “मुसीबत पैदा करने वाला देश” बताया। रुबियो ने कहा कि ईरान जिन संगठनों का समर्थन करता है, उनमें हूती, हिजबुल्लाह और अन्य सहयोगी समूह शामिल हैं। उनके अनुसार, यही समूह क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री यातायात के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब के साथ मिलकर बाब-अल-मंदेब जलडमरूम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC Main Exam Postponed: झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा स्थगित, नई तारीख पर क्या अपडेट? देखें नोटिस

JPSC Main Exam Postponed: झारखंड लोक सेवा आयोग ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। आयोग की ओर से पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा 25, 26 और 27 जुलाई 2026 को रांची के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी थी। हालांकि अब यह परीक्षा निर्धारित तिथियों पर नहीं होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तिथियों की घोषणा बाद में आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 1 min · National Desk

Rahul Gandhi Press Conference: 10 साल में 152 पेपर लीक, एक को भी सजा नहीं; राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संबोधन से पहले राहुल गांधी ने एक वीडियो चलाया। उसमें पुलिस छात्रों पर लाठी चार्ज कर रही थी। इसके बाद उन्होंने सरकार को घेरना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे उन्होंने कोई अपराध किया हो। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्र लगातार तनाव झेल रहे हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण कुछ छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। उनके अनुसार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है। राहुल गांधी की तीन प्रमुख मांगें क्या? धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए… राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्व निभाने में विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। इसलिए उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्व निभाने में विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। इसलिए उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने वालों की जवाबदेही तय हो… राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश देने वाले और उसे लागू करने वाले सभी लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। किसी भी दोषी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk

Protest: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से अब सख्ती से निपटेगी सरकार, एयरलिफ्ट की गई CRPF और RAF की 24 कंपनियां

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ और आरएएफ की अतिरिक्त 24 कंपनियों को तैनात किया गया है। ये कंपनियां दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था की स्थिति को संभालेंगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब विरोध प्रदर्शन करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। कानून व्यवस्था के चलते नई दिल्ली में बुधवार को 16 मेट्रो स्टेशन भी अस्थायी तौर से बंद कर दिए गए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 1 min · National Desk

क्वाड बैठक: भारत ने दोहराई स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्धता, जयशंकर ने क्या-क्या कहा?

बैठक में जयशंकर के अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए। इससे पहले क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक मई के आखिर में नई दिल्ली में हुई थी, जिसमें मार्को रूबियो भारत आए थे।विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, “मनीला में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होकर खुशी हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की। नई दिल्ली में हुई हालिया बैठक के नतीजों पर आगे की बातचीत की।” उन्होंने आगे कहा, “हम स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्ध हैं और इस क्षेत्र में आसियान की केंद्रीय भूमिका को मान्यता देते हैं।“क्वाड देशों के विदेश मंत्री फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) को क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली समूहों में माना जाता है। भारत के साथ-साथ अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देश इसके संवाद साझेदार हैं।संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही आसियान की एकता और उसकी केंद्रीय भूमिका के प्रति “अटूट समर्थन” जताया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने का यह संकल्प ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता का मुद्दा चर्चा में है।संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया, “हम इस क्षेत्र की सफलता और आसियान तथा उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk

Singham: 'असली सिंघम तो जंतर-मंतर पर बैठा है'; फिल्म ‘सिंघम’ के 15 साल पूरे, पोस्ट करने पर ट्रोल हुए अजय देवगन

छात्र आंदोलन में प्रकाश राज ने लिया हिस्सा दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से शुरू किए गए छात्र आंदोलन को प्रकाश राज ने समर्थन दिया है। प्रकाश राज ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन में बीते दिनों हिस्सा लिया था। प्रकाश राज ने भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं का हौसला बढ़ाया। ऐसे में जब अजय देवगन ने फिल्म की एनिवर्सरी पर एक क्लिप साझा किया तो उन्हें ट्रोल करते हुए कहा जा रहा है कि असली सिंघम जयकांत शिकरे (प्रकाश राज) है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 1 min · National Desk

Bhojshala Row: भोजशाला से कितनी दूर है नमाज की नई जगह? सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से क्या पूछा? चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह मध्य प्रदेश सरकार से यह जानकारी लें कि क्या विवादित परिसर के पास नमाज के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जा सकती है। मुस्लिम पक्ष ने क्या आपत्ति जताई? मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजेफा अहमदी ने कहा कि अदालत ने राज्य सरकार को भोजशाला के पास नमाज के लिए खुली जगह देने का निर्देश दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जो जमीन तय की है, वह करीब दो किलोमीटर दूर है। अहमदी ने कहा, अदालत का आदेश था कि जमीन भोजशाला के पास हो। शुक्रवार की नमाज के लिए जो जमीन दी गई है, वह दो किलोमीटर दूर है। हम पहले ही शुक्रवार की नमाज नहीं पढ़ सके हैं। ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश सरकार ने क्या जवाब दिया? मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नमाज के लिए तय की गई दूसरी जगह विवादित परिसर से करीब 900 मीटर दूर है। हालांकि, उन्होंने पीठ को भरोसा दिलाया कि वह खुद इस मामले को देखेंगे और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएंगे। मेहता ने कहा, मैं खुद इस मामले को देखूंगा और जरूरत पड़ी तो इसे ठीक करूंगा। सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए? जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत के पहले दिए गए आदेश का ‘शब्दशः और पूरी भावना के साथ’ पालन होना चाहिए। पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई और सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि वह नमाज के लिए विवादित परिसर के पास जगह उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य सरकार से निर्देश लेकर आएं। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 22, 2026 · 2 min · National Desk