रूस-यूक्रेन जंग: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, कहा- मारे गए और लापता भारतीयों के परिवारों की मदद करे केंद्र

विदेश मंत्रालय में एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पीड़ित परिवारों से सीधे संपर्क में रहेगा। युद्ध में मारे गए भारतीयों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल का मिलान कराया जाएगा। नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के समक्ष मुआवजा क्लेम दाखिल कराने में विदेश मंत्रालय परिवारों की मदद करेगा। पीड़ित परिवारों को सभी जरूरी जानकारी और प्रक्रियाएं उनकी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराई जाएंगी। राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता देंगे। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि पीड़ित परिवार पहले ही भारी मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें समय पर सही जानकारी और हर संभव मदद मिले।यह मामला उन भारतीय युवाओं से जुड़ा है, जिन्हें ट्रैवल एजेंटों ने रूस में अच्छी नौकरी का लालच देकर भेजा था। परिवारों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद कई युवाओं को उनकी इच्छा के खिलाफ रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। इस दौरान कई भारतीयों की मौत हो गई, कुछ घायल हुए और कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इन्हीं परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सरकार से अपील की थी कि उनके परिजनों का पता लगाया जाए, मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाए जाएं और रूसी सरकार से उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे पीड़ित परिवारों की हर कानूनी प्रक्रिया में मदद करें। इसमें मुआवजा क्लेम दाखिल करना, जरूर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

Railways: देश में पहली बार लाइव हार्ट लेकर दौड़ी वंदे भारत, जानें ढाई घंटे में कैसे पूरा हुआ ये मिशन

यह हृदय यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद में प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) के लिए भेजा गया। रेलवे का कहना है कि यह ऑपरेशन समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया, जो गंभीर मरीजों तक अंगों को तेजी से पहुंचाने की दिशा में अहम उपलब्धि है। इसे सफल बनाने में भारतीय रेलवे, गुजरात पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और डॉक्टरों की टीम ने मिलकर काम किया। बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक हृदय को बिना किसी रुकावट पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। आरपीएफ और गुजरात पुलिस की मदद से हृदय तय समय के भीतर अस्पताल पहुंचा, जिससे प्रत्यारोपण प्रक्रिया समय पर शुरू हो सकी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद तक सुरक्षित और तय समय में पहुंचाना भारतीय रेलवे के लिए गर्व की बात है। ऐसे मिशनों में हर मिनट अहम होता है और रेलवे, आरपीएफ, गुजरात पुलिस तथा डॉक्टरों की टीम के बेहतर तालमेल से यह अभियान सफल हो सका। किसी की जान बचाने में योगदान देना भारतीय रेलवे के लिए सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का बड़ा दायित्व है। रेलवे के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज रफ्तार, समय पालन और भरोसेमंद सेवा ने इस जीवन रक्षक अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय रेलवे अब केवल यात्रियों और माल ढुलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

CJP Protest: 'पेलेट गन क्या होती है जनता को नहीं पता', पूर्व ACP ने संसद में दिए गए बयानों पर उठाए सवाल

दिल्ली पुलिस महासंघ ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें पूर्व एसीपी केपी कुकरेती ने संसद में बैठे नेताओं के पुलिस कार्रवाई संबंधी बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये नेता पुलिस अधिकारी या कानूनी विशेषज्ञ नहीं हैं। #WATCH | Delhi Police Mahasangh holds a press conference | Former ACP KP Kukreti says, “There are responsible leaders sitting on the floor of Parliament. They have never been police officers, nor have they undergone any police training, and they are not legal experts. I do not… pic.twitter.com/mqbWWUb5Q6 — ANI (@ANI) July 31, 2026 कुकरेती ने केंद्रीय गृह मंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराने वाले बयानों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने पेलेट गन के बारे में जनता में फैलाई जा रही गलतफहमी को भी दूर किया। कुकरेती ने स्पष्ट किया कि आम जनता को पेलेट गन की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना भ्रामक बताया।पूर्व एसीपी ने छात्रों के सांविधानिक और मौलिक अधिकारों का समर्थन किया। उन्होंने स्वीकार किया कि विरोध प्रदर्शन होते हैं और होने भी चाहिए। हालांकि, उन्होंने भीड़ नियंत्रण को एक अलग विषय बताया। कुकरेती ने कहा कि भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन जब भीड़ हिंसक और अनियंत्रित हो जाती है, तो स्थिति बदल जाती है।कुकरेती ने बताया कि जब कोई भीड़ हिंसक हो जाती है, तो उसका हर सदस्य जिम्मेदार होता है। उन्होंने कहा कि जब भीड़ उन्मादी होकर पत्थर, लाठी और अन्य वस्तुएं फेंकती है। बैरिकेड तोड़ती है और धारा 163 की चेतावनियों को नजरअंदाज करती है। ऐसे में पुलिस के पास बहुत कम विकल्प बचते है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

शेयर बाजार में माइक्रोसॉफ्ट की सुनामी: एक दिन में ₹39 लाख करोड़ जोड़े, एनवीडिया को पछाड़ फिर बनी नंबर-1 कंपनी

रैंक कंपनी एक दिन में बढ़ी मार्केट वैल्यू तारीख 1 माइक्रोसॉफ्ट करीब 450 अरब डॉलर 30 जुलाई 2026 2 एनवीडिया करीब 440-441 अरब डॉलर 9 अप्रैल 2025 3 अल्फाबेट (गूगल) करीब 421 अरब डॉलर अप्रैल 2026 4 एनवीडिया करीब 329 अरब डॉलर 31 जुलाई 2024 5 एनवीडिया करीब 277 अरब डॉलर 22 फरवरी 2024 450 अरब डॉलर (करीब 39 लाख करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड मार्केट कैप बढ़ोतरी। शेयरों में करीब 9% की तेजी, माइक्रोसॉफ्ट फिर बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी। एनवीडिया को पीछे छोड़कर मार्केट कैप में नंबर-1 स्थान हासिल किया। एज्यूर क्लाउड की उम्मीद से बेहतर ग्रोथ रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह बनी। एआई पर भारी निवेश का असर अब कंपनी की कमाई और मुनाफे में साफ दिखने लगा है। तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में करीब नौ फीसदी की जोरदार तेजी आई। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड प्लेटफॉर्म एज्यूर का उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन और एआई कारोबार में मजबूत बढ़त रही।पिछले एक साल से निवेशकों के बीच यह चिंता थी कि माइक्रोसॉफ्ट समेत बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर रही हैं। कंपनी ने डाटा सेंटर, एआई चिप्स और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर निवेश किए थे। आशंका थी कि इससे मुनाफे पर दबाव पड़ेगा।हालांकि, ताजा तिमाही नतीजों ने इन चिंताओं को काफी हद तक खत्म कर दिया। माइक्रोसॉफ्ट ने दिखाया कि एआई पर किया गया निवेश अब तेजी से कमाई में बदल रहा है और क्लाउड कारोबार को नई रफ्तार दे रहा है।माइक्रोसॉफ्ट की इस रिकॉर्ड बढ़त में सबसे अहम भूमिका उसके क्लाउड प्लेटफॉर्म एज्यूर की रही। दुनियाभर की कंपनियां एआई सेवाओं और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से ख …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

खंडवा में सेल्फी बनी मुसीबत: पिकनिक स्पॉट पर बड़ा हादसा टला, 11 घंटे की मशक्कत के बाद बची चार युवकों की जान

खंडवा में बारिश के दौरान नदी किनारे सेल्फी लेना चार युवकों के लिए भारी पड़ गया। पिकनिक मनाने पहुंचे चार दोस्त अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से बीच में बने टापू पर फंस गए। गुरुवार शाम शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। तेज बहाव और अंधेरे के बीच प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने लगातार प्रयास किए। पानी का बहाव अधिक होने से बचाव कार्य में दिक्कतें आईं। इस दौरान ड्रोन के जरिए युवकों तक खाना, पानी और लाइफ जैकेट पहुंचाई गईं। करीब 11 घंटे की मशक्कत के बाद शुक्रवार तड़के चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सुक्ता और आबना नदी के संगम स्थित हांडीकुंडी पिकनिक स्पॉट पर शहर के मेडिकल व्यवसायी हुजेफा हामिद अली अपने साथियों असगर, मुस्तफा और मयंक के साथ घूमने गए थे। इसी दौरान क्षेत्र में हुई तेज बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और चारों युवक टापू पर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान युवकों को सुरक्षित निकालने के लिए गुरुवार शाम करीब छह बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि नदी में तेज बहाव के कारण शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम तैनात की और अतिरिक्त सहायता के लिए एनडीआरएफ (NDRF) को भी अलर्ट किया। रात में रेस्क्यू संभव नहीं होने पर प्रशासन ने युवकों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उनकी सुरक्षा के लिए ड्रोन के माध्यम से खाना, पीने का पानी और लाइफ जैकेट टापू तक पहुंचाई गईं, जिससे वे पूरी रात सुरक्षित रहे। एयरलिफ्ट की भी थी तैयारी प्रशासन ने वैकल्पिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

Yamunotri: हाईवे पर कई जगह भूस्खलन, स्यानाचट्टी में उफनाई यमुना, होटलों की पहली मंजिल तक पहुंचा पानी

यमुनोत्री घाटी में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। मलबा और बोल्डर आने से शुक्रवार तड़के से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हाईवे को दोबारा खोलने के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य में लगी निर्माण एजेंसी की मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

July 31, 2026 · 1 min · National Desk

Rule Changes: 1 अगस्त से बदलेंगे तत्काल टिकट और CKYC के नियम, यहां जानें क्या-क्या बदलेगा अगले माह

इन नए नियमों में रसोई गैस की कीमतों से लेकर, रेलवे की तत्काल टिकट खिड़की, क्रेडिट कार्ड के सर्विस चार्ज, आईटीआर पेनल्टी और पहचान सत्यापन की पूरी व्यवस्था शामिल है। सही जानकारी न होने पर आपको वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। आइए बेहद आसान और सरल भाषा में समझते हैं कि 1 अगस्त से देश में कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। हर नए महीने की पहली तारीख अपने साथ कई नए बदलाव लेकर आती है, जिनका सीधा असर देश के आम नागरिकों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 से भी देश में कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं, जो सीधे आपकी जेब, यात्रा, टैक्स और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े हुए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 1 min · National Desk

Srinagar: पीओके में बवाल के बीच एलओसी के करीब बढ़ा पाकिस्तानी सेना का जमावड़ा, सेना प्रमुख मुनीर भी पहुंचे

गुलाम कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे इलाकों में पाकिस्तान सेना की गतिविधियां बढ़ गई हैं। वीरवार को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और गुरेज (बांदीपोरा) क्षेत्र से सटे एथमुकाम डिग्री कॉलेज में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एलओसी के करीब स्थित यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। नीलम (किशनगंगा) नदी के किनारे स्थित एथमुकाम डिग्री कॉलेज मुजफ्फराबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर है। भारतीय सीमा के नजदीक इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को सामान्य नहीं माना जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने कल सुबह करीब 9:30 बजे मुजफ्फराबाद का दौरा कर वहां के हालात का जायजा लिया।पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में कल शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर पाकिस्तानी सेना व स्थानीय पुलिस ने बर्बरता की। लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान 50 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जेकेएचआरओ के अनुसार तय कार्यक्रम के अनुसार कोटली में महिलाएं सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर दिया। इससे चीख-पुकार मच गई। महिलाओं को निशाना बनाकर फायरिंग भी की गई।जम्मू कश्मीर ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वेटरी (जेकेएचआरओ) ने आंदोलन में सेना की ओर से मारे गए लोगों की सूची जारी करते हुए बताया कि अब तक 91 लोगों की हत्या कर दी गई है। इनमें सिर्फ 43 की पुष्टि हुई है। चार मामलों का सत्यापन अभी चल रहा है। घरों से करीब 200 महिलाओं को सेना व पुलिस ने उठा लिया है।यूनाइटेड गिलगित-बाल्टिस् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk

UP: अफजाल-मुख्तार अंसारी के घर फाटक से 300 मीटर दूर सभा कर सीएम ने भरी हुंकार, 2027 के चुनाव पर फोकस

वर्ष 2012 में कौमी एकता दल से मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी 66,922 मत पाकर विजयी हुए थे, जबकि दूसरे स्थान पर सपा के राजेश राय को 59,589 मत मिले थे। 2017 के चुनाव में दिवंगत कृष्णा नंद राय की धर्म पत्नी अलका राय 1,22,156 मत पाकर विधायक बनीं, जबकि दूसरे स्थान पर बसपा से चुनाव लड़े सिबगतुल्लाह अंसारी को 89,429 मत मिले। 2022 के चुनाव में फिर मुकाबला भाजपा की प्रत्याशी अलका राय और सपा प्रत्याशी सुहैब अंसारी से हुई, इसमें सुहैब ने 1,11,443 मत पाकर जीत दर्ज की। और अलका राय को 92684 मत मिले और भाजपा को जनपद की सभी सात सीटों पर पराजय मिली। उस चुनाव में सपा और सुभासपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर इस बार एनडीए के सदस्य हैं और भाजपा के साथ है, जिससे भाजपा सभी सीटों पर चुनाव जीतने के लिए रणनीति बना रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 1 min · National Desk

Pakistan Coal Mine Blast: पाकिस्तान की कोयला खदान में बड़ा हादसा, धमाके में 18 मजदूरों की मौत; 42 अब भी फंसे

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य मजदूर अब भी जमीन के नीचे फंसे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक उनकी स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। धमाका कैसे हुआ? सरकारी खदान निरीक्षक गनी बलोच के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट मीथेन गैस के अत्यधिक जमा होने के कारण हुआ। हादसे के कुछ घंटों बाद पहले सात मजदूरों के शव निकाले गए, जबकि बाद में चार और शव बरामद किए गए। गनी बलोच ने बताया कि राहत अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी फंसे मजदूरों का पता नहीं चल जाता। हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। सरकार ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि मीथेन गैस विस्फोट के बाद ऑक्सीजन का स्तर लगभग शून्य हो जाता है, जिससे किसी के जीवित मिलने की संभावना लगातार कम होती जाती है। इसी वजह से बचाव दल भी बेहद सावधानी के साथ अंदर आगे बढ़ रहे हैं। बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने कहा कि राहत दल बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं और प्रांतीय सरकार बचाव कार्य में हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घोषणा की कि प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को पांच लाख पाकिस्तानी रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। नोशेरवानी ने कहा कि विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खदानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी। क्या लापरवाही हादसे की वजह बनी? कोयला खदान मजदूर यून …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 31, 2026 · 2 min · National Desk