Kanpur-Lucknow Expressway: लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात हुआ ये एक्सप्रेसवे, कल फिर 10 जगह धंसी सड़क

असोहा/अचलगंज क्षेत्र में रविवार को हुई बारिश के चलते कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फिर दस जगहों पर सड़क धंस गई। सभी स्थानों पर पानी निकासी के ठोस इंतजाम न किए जाने और एक जगह पर नाली टूट जाने के कारण सड़क धंसने से यातायात भी प्रभावित हुआ। कानपुर से लखनऊ के बीच 4200 करोड़ की लागत से बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है। रोजाना कहीं-न-कहीं सड़क धंस रही है। रविवार को भी बारिश के चलते असोहा क्षेत्र में कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की आठ और जगह पर सड़क धंस गई। कानपुर से लखनऊ की ओर वाली भारी वाहन लेन पर जलभराव दिखा। किलोमीटर 47.9 से लेकर 47.1 तक आठ सौ मीटर, किमी 46.6 से 46.3 तक तीन सौ मीटर तूरी के पास व किमी 45.5 पर पूरी सड़क पर बरसाती पानी भरा नजर आया।किमी 44.4 से 44.1 तक मेदपुर के पास, किमी 41.3 से 41 तक कुदिकापुर के पास और किमी 42.2 पर कई जगह दबी सड़क पर जलभराव रहा। वहीं किमी 44.6 और 40.6 पर जलनिकासी नाली टूट गई। इससे भी पानी भर गया। अचलगंज क्षेत्र में किमी 62 व 63 में भी सड़क धंसी मिली।कानपुर-लखनऊ लेन पर किलोमीटर 39.7 कांथा और किमी 30.6 बेगमखेड़ा के पास रविवार को मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया गया। हालांकि बीच में बारिश के चलते काम बाधित हुआ। बारिश थमने के बाद मरम्मत कार्य शुरू हुआ। इस दौरान हल्के वाहन की दोनों लेन बंद कर दी गईं। यहां पर डायवर्जन लगाकर दोनों लेन का यातायात भारी वाहन लेन से निकाला गया।कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शनिवार को सात मिनट में भी 500 लीटर पानी नहीं निकल पाया। लखनऊ से पहुंचे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ सदस्य (तकनीकी) आलोक दीपांकर ने जब ड्रेनेज सिस्टम को परखना चाहा, तो यह सच साम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Jharkhand Protests: विधानसभा घेराव से पहले पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग

झारखंड में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आज विधानसभा घेराव की योजना है। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी बीच रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच गेस्ट हाउस में कई दौर की वार्ता भी हुई। बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनने के बावजूद कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। वार्ता बेनतीजा रही और छात्रों ने आज का विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रखने का एलान किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। छात्रों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 12 स्थानों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई है। इन बैरिकेडिंग में नुकीले स्टील के तार लगाए गए हैं, जिन्हें पार करना मुश्किल है। ऐसे में इन्हें पार करने की कोशिश करने पर प्रदर्शनकारियों के घायल होने की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने छात्रों से अपील की है कि वे विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

UP: कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को छूट रहे पसीने, इन जिलों में 500 तक हो गई संख्या

कांवड़ रूट पर तेंदुओं से सुरक्षा देने में वन कर्मियों को पसीने छूट रहे हैं। बिजनौर और उससे सटे क्षेत्रों में इनकी संख्या करीब 500 हो चुकी है। बंध्याकरण जैसे स्थाई समाधान की दिशा में काम नहीं हो रहा है। इससे वन विभाग के फील्ड स्टाफ के सामने भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। पकड़े गए तेंदुओं को कहां छोड़ें, इसको लेकर भी समस्याएं आ रही हैं। बिजनौर और उससे लगे क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों में मानव-तेंदुआ संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। जनवरी 2023 से अब तक तेंदुओं के हमलों में 33 से लोगों की जान जा चुकी है और 58 लोग घायल हुए हैं। वन कर्मी बताते हैं कि उन्हें हाल ही में निर्देश मिले हैं कि कांवड़ रूट पर लगातार निगरानी की जाए, जिससे तेंदुओं के हमले की कोई भी घटना सामने नहीं आए।वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करते हैं कि मौजूदा समय में वन कर्मियों की जितनी संख्या है, उसके हिसाब से इतने बड़े क्षेत्र में चौबीसो घंटे निगरानी रखना आसान काम नहीं है। हर साल तेंदुओं की संख्या में 50-60 की वृद्धि हो रही है। तंदुओं का बंध्याकरण (नसबंदी) कारगर उपाय हो सकता है। महाराष्ट्र में इनकी नसबंदी की अनुमति भी संबंधित अथॉरिटी से मिल चुकी है, लेकिन यूपी में यह फाइल कहीं धूल फांक रही है। नतीजतन, दिनोंदिन समस्या बढ़ती जा रही है।स्थानीय वन अधिकारी बताते हैं कि तेंदुओं को न पकड़ो तो स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। अगर पकड़ लो तो फिर यह निर्णय लेने में दिक्कत आती है कि इन्हें कहां छोड़ना है। पहले ललितपुर, चित्रकूट या यूपी-उत्तराखंड सीमा के जंगलों में इन्हें छोड़ देते थे या फिर चिड़ियाघरों में भेज दिया जाता था। अब चिड़ियाघरों में भी तेंदुओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Lok Sabha: NCDC का दायरा बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश करेगी सरकार, सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा?

केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य एनसीडीसी के काम का दायरा बढ़ाना है। अभी एनसीडीसी मुख्य रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से योजनाओं की योजना बनाने, उन्हें बढ़ावा देने और वित्तीय मदद देने का काम करता है। नए विधेयक के बाद एनसीडीसी सहकारी क्षेत्र के विकास से जुड़े ऐसे संस्थानों को भी सीधे कर्ज और अनुदान दे सकेगा, जो खुद सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। सरकार का कहना है कि इससे सहकारी क्षेत्र तक वित्तीय मदद पहुंचाने का रास्ता आसान होगा। नए कानून से सहकारी समितियों को क्या फायदा होगा? प्रस्तावित संशोधन के तहत सहकारी समितियां आगे भी एनसीडीसी की प्राथमिक लाभार्थी बनी रहेंगी। हालांकि, उन्हें मजबूत करने वाले दूसरे संस्थानों को भी एनसीडीसी से सीधे वित्तीय सहायता मिल सकेगी। इसमें बुनियादी ढांचा, तकनीक, प्रसंस्करण, मार्केटिंग और दूसरी जरूरी सेवाएं देने वाली संस्थाएं शामिल हो सकती हैं। सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सहकारी क्षेत्र का काम काफी बढ़ा और अलग-अलग क्षेत्रों में फैला है। कई सरकारी एजेंसियां, वैधानिक संस्थाएं और विशेषज्ञ संस्थान अब सहकारी क्षेत्र के विकास में भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सीधे मदद देने की जरूरत महसूस की गई है। NCDC को कर्ज और अनुदान देने के कौन से नए अधिकार मिलेंगे? विधेयक एनसीडीसी को सहकारी समितियों या सहकारी क्षेत्र के विकास में काम करने वाली किसी भी संस्था को सीधे कर्ज और अनुदान देने का अधिकार देने का प्रस्ताव करता है। यह पैसा केवल सहकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा एनसीडीसी को केंद्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: पायलट नशे में या नहीं, एयरलाइन-DGCA कब-कैसे करती हैं पहचान; क्या है नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान?

Explainer: पायलट नशे में या नहीं, एयरलाइन-DGCA कब-कैसे करती हैं पहचान; क्या है नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान? इस घटना को लेकर एअर इंडिया की तरफ से आधिकारिक तौर पर बयान जारी नहीं किया गया। हालांकि, एयरलाइन के प्रवक्ता के हवाले से पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने की न तो पुष्टि की गई है और न ही इसे खारिज किया गया है। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि तय नियमों के तहत फ्लाइट की लैंडिंग के बाद पायलटों का पोस्ट-फ्लाइट स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। हालांकि, टेस्ट के नतीजे अभी तक एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। ऐसे में एअर इंडिया फिलहाल किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। बीते हफ्ते एअर इंडिया की थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में भीषण टर्बुलेंस की वजह से कई यात्री घायल हो गए थे। इस घटना की तब डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी थी। कुछ रिपोर्ट्स में फ्लाइट के पायलट के डोप टेस्ट को लेकर भी कई दावे किए गए। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया कि पायलट की टेस्ट रिपोर्ट की पुष्टि होना जरूरी है, क्योंकि पहली रिपोर्ट में इसकी आगे की जांच के संकेत मिले हैं। यह टेस्ट दिल्ली में फ्लाइट की लैंडिंग के बाद किया गया था। आइये जानते हैं… पहले जानें- कब-कैसे हुई एअर इंडिया विमान की घटना, हुआ क्या? कब और किस विमान के साथ हुई घटना? यह घटना 4 अगस्त (मंगलवार) की सु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

श्रीकृष्ण जन्मभूमि: 6 दिसंबर को कारसेवा की घोषणा, चित्रगुप्त पीठ में जुटे मुंबई, हरिद्वार समेत देशभर के संत

श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए रविवार को राधाकुंड क्षेत्र के गांव जुल्हेंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में साधु-संतों ने शंखनाद कर कारसेवा के लिए 6 दिसंबर की तारीख की घोषणा की। वहीं संतों ने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया। इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद का फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से चार माह के अंदर निस्तारण करने, पूजा स्थल अधिनियम 1991 को समाप्त करने, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग अर्पित करने की अनुमति देने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के पुरातत्व सर्वेक्षण पर लगी रोक हटाने की मांग शामिल है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 1 min · National Desk

होर्मुज खुला तो परमाणु समझौते से पीछे हटेगा US?: ईरान संघर्ष से निकलने को बेताब ट्रंप, तैयार है एग्जिट प्लान

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से अमेरिका के कूटनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि ईरान जल्द समझौते के बजाय लंबे समय तक टकराव के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जरिए इस संकरे समुद्री मार्ग से होने वाले यातायात को प्रभावित करने की क्षमता दिखाई है। इससे वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।हाल के हफ्तों में ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। हालांकि, ये दावे सिर्फ दावे ही साबित हुए हैं। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर दिया था। उसका कहना था कि अमेरिकी युद्धपोतों और सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाने की भी कोशिश की।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की होर्मुज में पाबंदियों और टोल लगाने की किसी भी कोशिश को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 10, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज खुला तो परमाणु समझौते से पीछे हटेगा US?: ईरान संघर्ष से निकलने को बेताब ट्रंप, तैयार है एग्जिट प्लान

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से अमेरिका के कूटनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि ईरान जल्द समझौते के बजाय लंबे समय तक टकराव के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जरिए इस संकरे समुद्री मार्ग से होने वाले यातायात को प्रभावित करने की क्षमता दिखाई है। इससे वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।हाल के हफ्तों में ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। हालांकि, ये दावे सिर्फ दावे ही साबित हुए हैं। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर दिया था। उसका कहना था कि अमेरिकी युद्धपोतों और सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाने की भी कोशिश की।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की होर्मुज में पाबंदियों और टोल लगाने की किसी भी कोशिश को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

CJP: केजरीवाल पर भाजपा हमलावर, कहा- सीजेपी प्रदर्शन था AAP की सियासी साजिश, PM को निशाना बनाने की थी योजना

“जो लोग आए थे वो सिर्फ इस्तीफा मांगने नहीं आए थे, वो मोदी जी को ठोकने आए थे।” Arvind Kejriwal admits that the protest at Jantar Mantar, ostensibly held in the name of students, was a sponsored political project aimed at targeting the Prime Minister and had nothing to do with… pic.twitter.com/qnv59CamAq — Amit Malviya (@amitmalviya) August 9, 2026 भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर दावा किया कि प्रदर्शन का शिक्षा सुधार या नीट पेपर लीक मामले से कोई लेना-देना नहीं था। मालवीय ने वह वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें अरविंद केजरीवाल हिंदी में कहते सुनाई दे रहे हैं, “इस बार जितने लोग आए थे सड़कों पर, वो किस लिए आए थे? वो केवल मुझे नहीं लगता कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने आए थे। मतलब अगर मैं अशिष्ट भाषा में बोलूं, तो मोदी जी को ठोकने आए थे।“अमित मालवीय द्वारा शेयर किए गए वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। भाजपा के आरोपों पर आप या केजरीवाल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा के कई नेताओं ने भी पीएम मोदी पर केजरीवाल की कथित टिप्पणी की निंदा की। इनमें पार्टी की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल हैं।भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “केजरीवाल ने आखिरकार अपने प्रिय प्रोजेक्ट- कॉकरोच जनता पार्टी को उजागर कर दिया है। एजेंडा कभी जवाबदेही या शिक्षा सुधार नहीं था। पहले दिन से इसका एक ही मकसद था: प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाना।“वहीं, मालवीय ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है कि छात्रों के नाम पर जंतर-मंतर पर किया गया प्रदर्शन प्रधानमं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs SL: साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान की टीम इंडिया में एंट्री, श्रीलंका सीरीज से पहले बड़ा बदलाव

IND vs SL: साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान की टीम इंडिया में एंट्री, श्रीलंका सीरीज से पहले बड़ा बदलाव श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले टीम इंडिया को तगड़ा झटका लगा है। साई सुदर्शन चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं।उनकी जगह सरफराज खान को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह चयन समिति ने सरफराज खान को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया है। कहां हैं साई सुदर्शन? साई सुदर्शन फिलहाल बंगलूरू स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में हैं और दाहिने पैर के अंगूठे में आई स्ट्रेस रिएक्शन की चोट से उबर रहे हैं। बीसीसीआई के मुताबिक, उनकी रिकवरी अच्छी तरह आगे बढ़ रही है और उन्होंने फिटनेस हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सरफराज खान की टीम में वापसी साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। सरफराज जल्द ही कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे। इसके बाद ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 9, 2026 · 2 min · National Desk