यूपी फतह के लिए भाजपा का गुजरात फॉर्मूला: नौ रिपीट रणनीति, 100 से अधिक विधायकों का पत्ता होगा साफ; ये है प्लान

यूपी फतह के लिए भाजपा का गुजरात फॉर्मूला: नौ रिपीट रणनीति, 100 से अधिक विधायकों का पत्ता होगा साफ; ये है प्लान आगामी चुनाव में पार्टी ने बीते चुनाव का 32 फीसदी की तुलना में 40 फीसदी से अधिक विधायकों का टिकट काटने का मन बनाया है। राज्य की चुनावी रणनीतिक टीम से जुड़े सदस्य ने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव की गलतियों से सबक लेते हुए सख्ती से गुजरात फार्मूला लागू करेगी। उत्तर प्रदेश में एंटी इंकम्बेंसी को मात देकर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भाजपा ने टिकट वितरण के मामले में सफल गुजरात फार्मूला अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी ने इस बार बीते चुनाव की तुलना में वर्तमान विधायकों को दोबारा मैदान में उतारने के मामले में और कंजूसी बरतने का संकेत दिया है। आंतरिक सर्वे में 124 विधायकों की रिपोर्ट ठीक नहीं है। इनमें से 40 फीसदी ऐसे विधायक हैं जो कम से कम दो बार चुनाव जीत चूके हैं। जिनकी रिपोर्ट खराब हैं, उन्हें टिकट मिलना बेहद मुश्किल है। बीते लोकसभा चुनाव में 49 मौजूदा सांसदों पर भरोसा करना पार्टी को भारी पड़ा था। पार्टी इनमें से महज 17 सीटें ही जीत पाई, जबकि बीते विधानसभा चुनाव में गठबंधन ने जिन 104 सीटिंग सीटों पर उम्मीदवार बदले, उनमें से 80 फीसदी सीटों पर जीत हासिल हुई। सौ विधायकों की रिपोर्ट संतोषजनक आंतरिक सर्वे में स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

स्पेक्ट्रम: स्टारलिंक विवाद के बीच समझिए क्या है स्पेक्ट्रम, टेलीकॉम कंपनियों को क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?

मोबाइल नेटवर्क, रेडियो, टेलीविजन और सैटेलाइट संचार में स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल होता है। हालांकि, हर सेवा के लिए एक ही फ्रीक्वेंसी उपयुक्त नहीं होती। सिग्नल की पहुंच, डाटा भेजने की क्षमता और तकनीकी जरूरतों के आधार पर अलग-अलग फ्रीक्वेसी बैंड उपयोग किए जाते हैं। भारत में सरकार संबंधित नियमकीय प्रक्रियाओं के जरिए कंपनियों को निर्धारित फ्रीक्वेंसी के इस्तेमाल की अनुमति देती है। यही वजह है कि स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के लिए भी स्पेक्ट्रम जरूरी है। इसके बिना उनके सैटेलाइट और यूजर टर्मिनल के बीच संचार स्थापित करना संभव नहीं होगा। टेलीकॉम सेक्टर में कितने तरह के स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल होता है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टेलीकॉम सेक्टर में स्पेक्ट्रम को उसकी फ्रीक्वेंसी के आधार पर अलग-अलग बैंड में बांटा जाता है। हर बैंड की अपनी खासियत होती है। कोई कम दूरी में तेज इंटरनेट देने के लिए उपयोगी है, तो कोई लंबी दूरी तक सिग्नल पहुंचाने में बेहतर होता है। मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट संचार में मुख्य रूप से लो, मिड और हाई-बैंड फ्रीक्वेंसी की चर्चा होती है। लो-बैंड स्पेक्ट्रम आमतौर पर 1 गीगाहर्ट्ज से कम फ्रीक्वेंसी वाले बैंड को लो-बैंड कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसके सिग्नल लंबी दूरी तक आसानी से पहुंच सकते हैं और इमारतों के भीतर भी अपेक्षाकृत बेहतर कवरेज देते हैं। इस कारण दूरदराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के लिए ये उपयोगी है। हालांकि, इसकी उपलब्ध बैंडविड्थ सीमित होने पर डाटा क्षमता भी कम हो सकती है। मिड-बैंड स्पेक्ट्रम करीब 1 से 6 गीगाहर्ट्ज के बीच की फ्रीक्वेंसी को सामान्य तौर पर मिड-बैंड कहा जाता है। यह कवरेज और इंटरनेट की गति के बीच संतु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

'भारतीय युवाओं के साथ खड़े हैं': बांग्लादेश के नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिया समर्थन; क्या बोले?

उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के आयोजकों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। साथ ही, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियों को बुनियादी स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। अपने बयान में उन्होंने भारतीय अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं के समर्थन में क्या कहा? नाहिद इस्लाम ने कहा, हम चुनावी जवाबदेही की मांग करने और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने वाले भारत के युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आयोजकों और पत्रकारों को हाल ही में हिरासत में लिया जाना, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियां सीधे तौर पर बुनियादी स्वतंत्रताओं के लिए खतरा हैं। चुनाव की निष्पक्षता और संस्थानों की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों के पारदर्शी जवाब दिए जाने चाहिए, न कि बैरिकेड लगाकर और सेंसरशिप के जरिए उन्हें दबाया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, यह संघर्ष केवल आपका नहीं है। ढाका से हम आपके साथ दोस्तों की तरह खड़े हैं। हम जवाबदेह सत्ता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मानवीय गरिमा की साझा मांग से जुड़े हैं। नाहिद ने आगे कहा, हम इस संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि हम खुद इससे गुजर चुके हैं। जुलाई 2024 में सरकारी नौकरियों में भर्ती के कोटे के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ हमारा आंदोलन 15 साल के सत्तावादी शासन के खिलाफ देशव्यापी विद्रोह में बदल गया’। ये भी पढ़ें: ‘सरकार ने जवाब में असली गोलियों का इस्तेमाल किया। बाद में संयुक्त राष्ट्र न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली प्रदर्शन: सीजेपी का सरकार पर हमला, नेताओं की गुमशुदगी पर उठाए गंभीर सवाल, तुरंत रिहाई की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं-अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी या कथित रूप से गायब किए जाने पर सरकार और प्रशासन से कड़ा जवाब मांगा है। पार्टी ने घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई आधिकारिक जानकारी या जवाबदेही न मिलने पर गहरी चिंता जताई है। It’s been 12 hours. No information. No accountability. We demand: •Immediate release of @abhijeet_dipke , @SauravDassss & @AshutoshRanka. •Immediate disclosure of their whereabouts. •Immediate access to their lawyers. You cannot make people disappear and call it democracy. October 10, 2026 सीजेपी ने कहा कि तीनों नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाए। नेताओं को कहां रखा गया है, उनके वर्तमान ठिकाने का तुरंत सार्वजनिक रूप से खुलासा किया जाए। साथ ही कहा कि उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए वकीलों को तुरंत उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।पार्टी ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा है कि 12 घंटे हो गए हैं। कोई जानकारी नहीं। कोई जवाबदेही नहीं। आगे सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पार्टी ने लिखा, आप लोगों को गायब नहीं कर सकते और इसे लोकतंत्र नहीं कह सकते। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 11, 2026 · 1 min · National Desk

दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन: हिरासत से रिहा होने के बाद क्या बोलीं ममता बनर्जी? केजरीवाल भी छूटे

ममता बनर्जी ने कहा कि अभी हम कुछ नहीं कहेंगे, क्योंकि कल इंडिया गठबंधन ने एकजुट होकर अपनी बात रखने का फैसला किया है। हम सब साथ हैं। मैं व्यवस्था का उल्लंघन नहीं कर सकती। इस मामले में मैं बहुत अनुशासित हूं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने कहा है कि उनके पास कोई सबूत नहीं है और जांच के लिए प्रमाण की जरूरत होगी। ममता ने बताया कि इस पर उन्होंने कहा कि ठीक है, वे सबूत उपलब्ध कराएंगे। उनके इस बयान में सबूत देने की बात किस मामले से जुड़ी है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को जाफरपुर पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया। उन्हें भी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बुलाया गया था। ममता बनर्जी की टिप्पणी से संकेत मिला कि विपक्षी गठबंधन इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से अपनी बात रखने की तैयारी में है। हालांकि, उनके बयान के मुताबिक, उन्होंने गठबंधन की तय रणनीति से पहले कोई विस्तृत प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 1 min · National Desk

कब होगा आईओए का चुनाव?: भारतीय ओलंपिक संघ के मतदान की तारीख सामने आई, क्या पीटी उषा फिर उतरेंगी मैदान में

आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने 2026 के चुनावों को संगठन में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। उषा ने कहा कि भारतीय ओलंपिक आंदोलन का उद्देश्य मजबूत, विश्वसनीय और खिलाड़ियों को केंद्र में रखने वाली संस्थाओं का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ओलंपिक चार्टर और देश के राष्ट्रीय खेल शासन ढांचे के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के रूप में अनुभवी पूर्व चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को स्वतंत्र, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उषा के अनुसार, आईओए चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए इसके संचालन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।आईओए ने एथलीट आयोग के वर्ष 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत मतदान, मतगणना और परिणामों की घोषणा 3 नवंबर को होगी। आयोग में कुल 10 निर्वाचित खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। नियमों के अनुसार, इसमें ओलंपिक श्रेणी के खिलाड़ियों और प्रमुख प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों का निर्धारित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल महासंघों के पात्र सदस्यों को अपने विधिवत गठित एथलीट आयोगों के माध्यम से दो खिलाड़ी प्रतिनिधियों के नामांकन करने होंगे। इसके लिए 11 अक्तूबर 2026 को दोपहर दो बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।आईओए ने विशिष्ट उपलब्धियों वाले खिलाड़ियों (एसओएम) की श्रेणी में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए आवेदन पत्र 18 सितंबर को जारी किए गए थे। पात्र खिलाड़ी अपने आवेदन और आवश्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

पीएम मोदी का तमिलनाडु दौरा: राज्य को 13 हजार करोड़ की परियोजना की देंगे सौगात, कहां-कहां जाएंगे प्रधानमंत्री?

प्रमुख परियोजना में चेन्नई मेट्रो के फेज दो का 4,900 करोड़ रुपए का पूनामल्ली-वडापलानी रूट शामिल है। 3.7 किलोमीटर लंबे डबल-डेकर स्ट्रक्चर और ड्राइवरलेस ऑपरेशन के लिए डिजाइन किए गए सिग्नलिंग सिस्टम वाले इस कॉरिडोर से पश्चिमी उपनगरों और शहर के केंद्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। पीएम मोदी सुबह 11.30 बजे पोरुर बाईपास से पूनामल्ली बाईपास तक और वापस मेट्रो की सवारी करेंगे। दोपहर 12.15 बजे वे जलकंडेश्वर मंदिर जाएंगे और उसके बाद आईआईटी मद्रास में ब्रेन सेंटर का दौरा करेंगे। करीब 3,700 करोड़ रुपए के हाईवे प्रोजेक्ट्स में एनएच-744 का 36 किलोमीटर लंबा, चार-लेन वाला वडुगापट्टी-थेरकुवेंगनल्लूर सेक्शन और एनएच-744ए पर 30 किलोमीटर लंबा मदुरै रिंग रोड शामिल है।वे एनएच-83 पर चार-लेन वाले तिरुवरुर बाईपास की आधारशिला भी रखेंगे। 750 करोड़ रुपए से ज्यादा के रेलवे कामों में कराईकल-पेरालम लाइन और कोयंबटूर व उसके आसपास तीन रेल फ्लाईओवर शामिल हैं। पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नमक्कल में फिर से विकसित किए गए स्टेशनों का भी उद्घाटन किया जाएगा। पोर्ट परियोजना में चेन्नई पोर्ट पर अपग्रेडेड स्टोरेज, वेयरहाउस, क्रूज यात्रियों के लिए सुविधाएं और सीफेयरर्स क्लब शामिल हैं। इसमें आठ परियोजना वी ओ चिदंबरनार पोर्ट के लिए हैं। ये पोर्ट की कार्गो क्षमता, साफ समुद्री ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देंगे।कामराजार पोर्ट पर, पीएम मोदी कोल बर्थ-ती का उद्घाटन करेंगे और ड्रेजिंग का काम शुरू करेंगे। वह मनाली रिफाइनरी में सीपीसीएल के 1,620 करोड़ रुपए के लुब्रिकेंट बेस स्टॉक परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी सालाना क्षमता 270,000 टन होगी। आईआईटी-मद्रास में, पीएम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

'दुबई चला जाऊंगा': बेटे की हार के बाद हुमायूं कबीर का बड़ा एलान; बोले- दिसंबर 2028 तक मस्जिद बनाने का लक्ष्य

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हुमायूं कबीर का बयान चर्चा में है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण पूरा करने के बाद वह दुबई चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह वहां 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहेंगे। हुमायूं कबीर का यह बयान रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे की हार के बाद आया है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूरा करने के बाद वह दुबई में रहने की योजना बना रहे हैं।मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार शंकरराव सरकार ने आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद को 75,816 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस नतीजे को इलाके की राजनीति में भाजपा की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव में अपने बेटे की हार के बाद हुमायूं कबीर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुर्शिदाबाद जिले के पुलिस अधिकारियों ने पिछले दो महीनों में भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि यह जनता का वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल करके भाजपा को जिताया गया है।हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के मॉडल पर मस्जिद बनाने की घोषणा की थी। इस मस्जिद की आधारशिला 6 दिसंबर 2025 को रेजीनगर में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि वह 6 दिसंबर 2028 तक मस्जिद का निर्माण पूरा करना चाहते हैं। इसके बाद वह दुबई जाकर 10 साल के गोल्डन वीजा पर रहने की योजना बना रहे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 10, 2026 · 2 min · National Desk

उपचुनाव: असम, बंगाल और पुदुचेरी में जीत पर पीएम मोदी ने जताया मतदाताओं का आभार, भाजपा-एनडीए के लिए क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में भाजपा-एनडीए उम्मीदवारों की जीत के बाद मतदाताओं का आभार जताया है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी सराहना की। मोदी ने कहा कि ये नतीजे भाजपा-एनडीए के सुशासन के एजेंडे के प्रति लोगों के जुड़ाव को दिखाते हैं। उन्होंने पुदुचेरी में जीत के लिए एनडीए की सहयोगी पार्टी एआईएनआरसी को भी बधाई दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी जीत को लेकर राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार के बावजूद भाजपा को जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के उपचुनावों के साथ राजस्थान और त्रिपुरा के हालिया निकाय चुनावों में एनडीए की जीत का भी जिक्र किया। अमित शाह ने दावा किया कि इन चुनावी नतीजों से पता चलता है कि जनता ने इंडी गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जनाधार खो चुके विपक्षी दल हर हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जनता उनके रवैये को पहचान चुकी है। शाह के मुताबिक, लोगों ने एक बार फिर प्रचंड जनादेश देकर भाजपा पर अपना अटूट विश्वास जताया है। उन्होंने इन नतीजों को भाजपा के प्रति जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया। अमित शाह ने इस जीत के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. माणिक साहा और पुडुचेरी के म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk

एमपी में ओबीसी आरक्षण: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वर्ष 2019 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले संशोधन कानून को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया है। अब प्रदेश में ओबीसी आरक्षण फिर 14 प्रतिशत रहेगा। अदालत ने सरकारी भर्तियों में रोके गए 13 प्रतिशत पदों को अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों से भरने के निर्देश दिए हैं।मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी), कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) और अन्य भर्ती एजेंसियों को तीन महीने में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ओबीसी पक्ष ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण 29 सितंबर 2022 से कई सरकारी भर्तियों में 87:13 प्रतिशत का फार्मूला अपनाया जा रहा था। इसके तहत 87 प्रतिशत पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी, जबकि बाकी 13 प्रतिशत पदों को अंतिम निर्णय तक रोककर रखा गया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन पदों पर अनारक्षित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का रास्ता खुल गया है।ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का मामला कई वर्षों तक कानूनी विवाद में रहा। इस दौरान सरकारी भर्तियों में आरक्षण लागू करने और लंबित पदों पर नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं अपनाई गईं। इस पूरे विवाद की प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं।तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने अध्यादेश के जरिए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की पहल की।संशोधन कानून लागू हुआ। इसके बाद कानून की संवैधानिक वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।विवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 9, 2026 · 2 min · National Desk