यूपी का 594 KM लंबा गंगा एक्सप्रेसवे: वाहन चलेंगे और उतर सकेंगे विमान, न नींद न थकान, बचेगा समय सफर होगा आसान

यूपी का 594 KM लंबा गंगा एक्सप्रेसवे: वाहन चलेंगे और उतर सकेंगे विमान, न नींद न थकान, बचेगा समय सफर होगा आसान इस एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवा, आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर और भोजनालय भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहनों के गुजरने पर कंपन पैदा करेंगी। इस एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवा, आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर और भोजनालय भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहनों के गुजरने पर कंपन पैदा करेंगी। गंगा एक्सप्रेसवे का रन ट्रायल पूरा कर लिया गया है। पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाले 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का सफर खूबियों से भरा होगा। जीरो रिस्क वाले इस लंबे सफर में वाहन चालकों को न नींद आएगी न थकान। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का हरदोई के सलेमपुर में लोकार्पण करेंगे। इससे चालकों को सचेत किया जा सकेगा। रंबल स्ट्रिप लंबे सफर में वाहन चालकों को थकान नहीं होने देगी। इससे थकान के कारण होने वाले हादसों के खतरे को कम किया जा सकेगा। मेरठ से प्रयागराज के बीच 15 टोल प्लाजा यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश के अनुसार मेरठ से प्रयागराज के बीच 15 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव: 'एक घंटे में सात दावे, सभी झूठे', ट्रंप की नाकाबंदी पर गालिबाफ का सख्त पलटवार

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एक ओर दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर बयानबाजी ने हालात को और अधिक गरमा दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक घंटे में सात दावे किए, जिनमें से सातों झूठे थे। हालांकि गालिबाफ ने यह साफ नहीं किया कि वे किन बयानों की बात कर रहे थे। ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर मजबूर हो सकता है। गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर लिखा कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही केवल तय रूट और ईरानी अनुमति के आधार पर ही होगी। उन्होंने साफ कहा कि नाकाबंदी जारी रही तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और इसे कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ रविवार से बातचीत आगे बढ़ेगी और इसका उद्देश्य स्थायी सीजफायर की दिशा में ठोस कदम उठाना होगा। उनके मुताबिक ईरान समुद्री रास्तों से हटाई गई माइन हटाने में अमेरिका की मदद कर रहा है। ये भी पढ़ें:- सीजफायर के साए में धमाका: लेबनान में इस्राइली हमला; मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री होर्मुज पर करेंगे मंथन इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंप देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: पीएम मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक आज, राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बड़े फैसलों की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सुबह 11:30 बजे होने वाली इस बैठक में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस ) देश की सुरक्षा से जुड़े हालात की समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री संसद में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) और कैबिनेट की बैठक को भी संबोधित करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी 1 अप्रैल को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता कर चुके हैं, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में आगे की पहलों पर चर्चा हुई थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत में पर्याप्त कोयला भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि बिजली और खाद्य सुरक्षा पर किसी तरह का संकट न आए।हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पाद, एलएनजी/एलपीजी और बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों की उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों, बिजली उत्पादन के लिए कोयला भंडार की स्थिति और किसानों की जरूरतों को पूरा करने से जुड़े उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

Women Reservation: संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद आगे की राह क्या? जानिए सबकुछ

परिसीमन अब जनगणना के बाद सरकार यदि कोई बदलाव नहीं करती है, तो परिसीमन अब 2026 की जनगणना के बाद होगा। 2002 में लागू संविधान के 84वें संशोधन अधिनियम-2001 ने 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा एवं विधानसभाओं में सीटों की कुल संख्या पर लगी रोक 2026 तक बढ़ाई थी। अब अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन का इंतजार करना होगा। यानी 2029 में महिला आरक्षण लागू नहीं हो सकेगा। 2026 के बाद, सीटों की संख्या बढ़ाने पर लगी रोक सांविधानिक रूप से हट जाएगी। सरकार जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर पाएगी। इसके लिए जो कानून बनेगा, उसे पारित करने के लिए सिर्फ सामान्य बहुमत जरूरी होगा। अब राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकेगा विधेयक संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है। उसका दोनों सदनों में अलग-अलग दो तिहाई बहुमत से पारित होना अनिवार्य है। लोकसभा में विधेयक गिर जाने पर वह वहीं खत्म हो जाता है। उसे फिर राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने की थी अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान से पहले सांसदों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की थी। उन्होंने कहा, समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने में उनका उचित स्थान मिले। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ऐसा कुछ भी न करें, जिससे पूरे भारत की महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे। करोड़ों महिलाएं हमें देख रही हैं। हमारे इरादों और फैसलों को। मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधनों के समर्थन का अनुरोध करता हूं। मैं सभी सांसदों से अपील करना चाहता हूं, कृपया अपनी अंतरात्मा से विचार करें, अपने परिवारों की महिलाओं को याद रखें। हमारी नारी शक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज खुला या नहीं?: ईरान की सरकारी मीडिया ने अराघची के फैसले पर उठाए सवाल, रास्ता खुलने के दावों पर संशय

पश्चिम एशिया में 48 दिनों से सुलग रहे तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आई राहत की खबर अब खुद सवालों के घेरे में है। पहले ईरान की ओर से इसे पूरी तरह खोलने का एलान किया गया, जिससे वैश्विक बाजारों में उम्मीद जगी, लेकिन अब उसी दावे पर ईरान के भीतर से ही तीखा विरोध और संदेह सामने आ गया है। ईरान की दो प्रमुख समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गईं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। अमेरिका में भी महंगाई पिछले 4 साल में सबसे ज्यादा बढ़ी। पूरी बात को ऐसे समझिए कि ईरान की फार्स और मेहर जैसी प्रभावशाली समाचार एजेंसियों ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे हालात और उलझ गए हैं। शुक्रवार शाम में ईरान ने एलान किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया गया है और उन्हें आने-जाने की पूर्ण छूट दी गई है।इरान के एलान के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी माने जाने वाले फार्स न्यूज एजेंसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस फैसले पर हैरानी जताई। एजेंसी ने कहा कि इस मुद्दे पर देश की शीर्ष संस्था सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदऔर बातचीत करने वाली टीम की अजीब चुप्पी बनी हुई है। वहीं मेहर न्यूज एजेंसी ने भी कहा कि जलडमरूमध्य को खोलने का फैसला अभी पूरी तरह साफ नहीं है और इसके लिए देश के सर्वोच्च नेता की मंजूरी जरूरी है।बता दें कि ईरान में इस समय नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खबरों के अनुसार नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर भी अनिश्चितता है, क्योंकि युद्ध के दौरान उनके घायल होने की बात कही जा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

UP: योगी सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में किया इजाफा, अब मिलेगा 3288 तक अधिक वेतन; नोटिफिकेशन जारी

प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध और मजदूरी बढ़ाने की मांग के बाद न्यूनतम मजदूरी दरों में वृद्धि कर दी है। एक अप्रैल 2026 से नई दरें लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग मजदूरी दरें तय की गई हैं। 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया सरकार के फैसले में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद को श्रेणी-1 में रखा गया है, जबकि अन्य नगर निगम वाले जिले श्रेणी-2 और शेष जिले श्रेणी-3 में शामिल किए गए हैं। नई दरों के लागू होने से सबसे अधिक लाभ श्रेणी-1 के श्रमिकों को मिलेगा। नई दरों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है, यानी करीब 3,288 रुपये की वृद्धि होगी। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 रुपये से बढ़कर 15,059 रुपये और अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़कर 13,690 रुपये हो जाएगा। अन्य नगर निगम वाले जिलों में भी मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है, जहां कुशल श्रमिकों का वेतन 16,025 रुपये तक पहुंचेगा। जबकि बाकी जिलों में कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,591 रुपये और अकुशल को 12,356 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी न्यूनतम मजदूरी में कम से कम 1,300 रुपये से अधिक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है।दरअसल, गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों ने हरियाणा की तर्ज पर मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 13 अप्रैल को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

महिला आरक्षण: पहली बार संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं करा पाई मोदी सरकार; चाहिए थे 352 वोट, मिले 298

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले 12 वर्षों में यह पहली बार है जब मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया कोई संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका।इस विधेयक पर सदन में करीब 21 घंटे तक विस्तृत चर्चा चली, जिसमें कुल 130 सांसदों ने भाग लिया। इनमें 56 महिला सांसद भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने-अपने पक्ष रखे। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और स्पष्ट किया कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में एससी-एसटी (SC-ST) समुदाय की सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही, धर्म के आधार पर आरक्षण की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए शाह ने दक्षिणी और छोटे राज्यों को परिसीमन के बाद भी उनके उचित प्रतिनिधित्व का पूर्ण आश्वासन दिया है। वोटिंग से ठीक पहले गृह मंत्री के इस कड़े रुख ने इस विधेयक के ऐतिहासिक महत्व और राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि चुनावी व्यवस्था में बदलाव की कोशिश थी। उनके मुताबिक, यह संविधान की मूल भावना पर हमला था, जिसे विपक्ष ने मिलकर रोक दिया।संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

48 दिन बाद खुला होर्मुज: व्यापारिक जहाजों को आने-जाने की मिली छूट, ईरान ने किया एलान; ट्रंप ने कहा- शुक्रिया

पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और 48 दिनों से जारी अनिश्चितता के बाद आखिरकार होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। ईरान ने घोषणा की है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से अब व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से खुली रहेगी और उन्हें आने-जाने की पूर्ण छूट दी गई है। यह कदम लेबनान में सीजफायर लागू होने के बाद उठाया गया है। In line with the ceasefire in Lebanon, the passage for all commercial vessels through Strait of Hormuz is declared completely open for the remaining period of ceasefire, on the coordinated route as already announced by Ports and Maritime Organisation of the Islamic Rep. of Iran. — Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 17, 2026 ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए कहा कि लेबनान में सीजफायर समझौते के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह खोल दिया गया है। विदेश मंत्री के अनुसार, यह निर्णय सीजफायर अवधि के शेष समय के लिए लागू रहेगा और पहले से घोषित समन्वित मार्ग के तहत सभी व्यापारिक जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। यह मार्ग ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा निर्धारित किया गया है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘ईरान ने अभी घोषणा की है कि ईरान का जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और पूरी तरह से गुजरने के लिए तैयार है। धन्यवाद!‘होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 17, 2026 · 2 min · National Desk

UP: योगी सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में किया इजाफा, अब मिलेगा 3288 तक अधिक वेतन; नोटिफिकेशन जारी

प्रदेश सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध और मजदूरी बढ़ाने की मांग के बाद न्यूनतम मजदूरी दरों में वृद्धि कर दी है। एक अप्रैल 2026 से नई दरें लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग मजदूरी दरें तय की गई हैं। 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया सरकार के फैसले में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद को श्रेणी-1 में रखा गया है, जबकि अन्य नगर निगम वाले जिले श्रेणी-2 और शेष जिले श्रेणी-3 में शामिल किए गए हैं। नई दरों के लागू होने से सबसे अधिक लाभ श्रेणी-1 के श्रमिकों को मिलेगा। नई दरों के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दिया गया है, यानी करीब 3,288 रुपये की वृद्धि होगी। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,445 रुपये से बढ़कर 15,059 रुपये और अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़कर 13,690 रुपये हो जाएगा। अन्य नगर निगम वाले जिलों में भी मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है, जहां कुशल श्रमिकों का वेतन 16,025 रुपये तक पहुंचेगा। जबकि बाकी जिलों में कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,591 रुपये और अकुशल को 12,356 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी न्यूनतम मजदूरी में कम से कम 1,300 रुपये से अधिक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है।दरअसल, गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों ने हरियाणा की तर्ज पर मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने 13 अप्रैल को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 17, 2026 · 2 min · National Desk

महिला आरक्षण: पहली बार संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं करा पाई मोदी सरकार; चाहिए थे 352 वोट, मिले 298

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले 12 वर्षों में यह पहली बार है जब मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया कोई संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका।इस विधेयक पर सदन में करीब 21 घंटे तक विस्तृत चर्चा चली, जिसमें कुल 130 सांसदों ने भाग लिया। इनमें 56 महिला सांसद भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने-अपने पक्ष रखे। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और स्पष्ट किया कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में एससी-एसटी (SC-ST) समुदाय की सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही, धर्म के आधार पर आरक्षण की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए शाह ने दक्षिणी और छोटे राज्यों को परिसीमन के बाद भी उनके उचित प्रतिनिधित्व का पूर्ण आश्वासन दिया है। वोटिंग से ठीक पहले गृह मंत्री के इस कड़े रुख ने इस विधेयक के ऐतिहासिक महत्व और राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं था, बल्कि चुनावी व्यवस्था में बदलाव की कोशिश थी। उनके मुताबिक, यह संविधान की मूल भावना पर हमला था, जिसे विपक्ष ने मिलकर रोक दिया।संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद ल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 17, 2026 · 2 min · National Desk