Babri Masjid: 'रोक सको तो रोक लो, मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाऊंगा'; हुमायूं कबीर का CM योगी पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण पर दिया गया बयान विवाद का नया रूप ले रहा है। योगी ने कहा था कि बाबरी मस्जिद कयामत तक नहीं बनेगी, इस पर पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता और जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने तीखा पलटवार किया है। #WATCH | Murshidabad, West Bengal: On UP CM Yogi Adityanath’s statement, former TMC leader and Jan Unnayan Party chief Humayun Kabir says, “…Let Yogi Adityanath speak. It is Mamata Banerjee who is the CM of Bengal. Constitution of India provides me the right to build a mosque;… https://t.co/Uc31T5GglP pic.twitter.com/KdOB2mdcYr — ANI (@ANI) February 10, 2026 हुमायूं कबीर ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को जो कहना है कहने दीजिए। बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार है और भारतीय संविधान मुझे मस्जिद बनाने का पूरा अधिकार देता है। जैसे मंदिर और चर्च बनते हैं, वैसे ही एक मुसलमान होने के नाते मैं मस्जिद बनाऊंगा। यह लखनऊ या उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि बंगाल का मुर्शिदाबाद है। यहां मैं मस्जिद बनाकर रहूंगा, अगर कोई रोकना चाहता है, तो सामने आकर कोशिश करे।उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे गिराए जाने की बरसी पर उन्होंने मस्जिद की नींव रखी थी और 11 फरवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। मैंने किसी को आने से नहीं रोका है, लेकिन किसी को विशेष रूप से आमंत्रित भी नहीं किया। सुबह 10 बजे करीब 1000-1200 मौलवियों और मुफ्तियों को आमंत्रित किया गया है और वे उपस्थित होंगे। बता दें हुमायूं कबीर पहले टीएमसी में थे, लेकिन निलंबन के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई। उनका कहना है कि यह उनका व्यक्तिगत और संवैधानि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

क्या बैंकों में गुरुवार को लटक जाएगा ताला?: 12 फरवरी को हड़ताल, आम आदमी के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

अगर आप गुरुवार यानी 12 फरवरी 2026 को किसी जरूरी काम से बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बैंक ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि क्या उस दिन बैंक खुले रहेंगे या बंद? देश की प्रमुख बैंक यूनियनों ने 12 फरवरी को ‘देशव्यापी हड़ताल’ का आह्वान किया है। हालांकि, तकनीकी रूप से यह कोई सरकारी छुट्टी नहीं है, लेकिन इसका असर आपकी बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है। नए श्रम कानूनों का विरोध: यूनियनें नवंबर में अधिसूचित उन चार नए लेबर कोड्स का विरोध कर रही हैं, जो मौजूदा 29 श्रम कानूनों की जगह लेंगे। उनका आरोप है कि ये नियम ‘श्रमिक विरोधी’ हैं और ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण के लिए कड़ी शर्तें थोपते हैं। यूनियनें नवंबर में अधिसूचित उन चार नए लेबर कोड्स का विरोध कर रही हैं, जो मौजूदा 29 श्रम कानूनों की जगह लेंगे। उनका आरोप है कि ये नियम ‘श्रमिक विरोधी’ हैं और ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण के लिए कड़ी शर्तें थोपते हैं। वर्क-लाइफ बैलेंस: इसके अलावा, बैंक एसोसिएशन लंबे समय से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए कामकाज में बाधा आने की आशंका जाहिर कर दी है।आइए समझते हैं कि इस हड़ताल का आम आदमी पर क्या असर होगा और बैंककर्मी आखिर क्यों नाराज हैं।भले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 12 फरवरी को आधिकारिक अवकाश घोषित नहीं किया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और हो सकती है। सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को भेजे गए एक नोट में साफ किया है कि हड़ताल के कारण उनकी शाखाओं और कार् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

UP: योगी बोले- बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनेगी, अखिलेश यादव का पलटवार- उर्दू शब्द 'कयामत' का इस्तेमाल न करें

सीएम योगी का बयान बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, भाजपा सरकार रुकने वाली नहीं है। ये सरकार जितना बोलती उतना करती है। उतना ही बोलती है जितना करती है। जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे है वह दिन आने वाला नहीं है। बाबरी मस्जिद अब कभी भी नहीं बनने वाली है। हम अपनी विरासत को यूं ही मजबूत करेंगे। याद करिए 500 साल बाद अयोध्या में गौरवपूर्ण क्षण आया। कितनी सरकारें आई कितनी गईं। कितने राजा महाराजा हुए मगर अयोध्या में राम मंदिर क्यों नहीं बनवाया। राम सबके है। कुछ लोग ऐसे हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाकर संकट में राम को याद करते हैं। बाकी राम को विस्मित कर देते हैं इसलिए अब भगवान राम उनको भूल चुके हैं। सीएम योगी ने आगे कहा कि कयामत के लिए मत जियो। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। कानून मानोगे तो फायदे में रहोगे। नहीं तो आगे का रास्ता सीधा जहन्नुम जाता है। कानून तोड़ने वाले जहन्नुम जाएंगे। हर भारत वासी का एक ध्येय एक भारत श्रेष्ठ भारत हो। हमारा देश वैभवशाली हो। विकसित हो। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 1 min · National Desk

Naravane Memoir Row: 'प्री-ऑर्डर का मतलब प्रकाशित किताब नहीं', पेंगुइन ने दोबारा जारी की सफाई; विवाद बढ़ा

पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रकाशन पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ओर से एक और बयान जारी किया गया है। प्रकाशन ने मंगलवार को कहा कि किसी किताब या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने की घोषणा को पब्लिकेशन नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ प्रकाशन ने कहा है कि प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब और पब्लिश हुई किताब एक ही बात नहीं हैं। यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा नरवणे के 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देने के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि उनकी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अब उपलब्ध है।पेंगुइन ने अपने बयान में कहा ‘एक घोषित किताब, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब और प्रकाशित किताब तीन अलग-अलग चीजें हैं। केवल घोषणा का मतलब है कि किताब भविष्य में प्रकाशित की जाएगी। प्री-ऑर्डर केवल पाठकों और रिटेलरों को अग्रिम आदेश देने की सुविधा देता है, इसका मतलब यह नहीं कि किताब पहले से ही उपलब्ध है।‘साथ ही उन्होंने कहा कि प्रकाशन की निर्धारित तिथि केवल योजना का संकेत है, किताब बाजार में तभी उपलब्ध होती है जब इसे खरीदने के लिए रिटेल चैनलों पर रखा गया हो। पेंगुइन ने पहले कहा था कि किताब के प्रिंट या डिजिटल रूप में कोई संस्करण प्रकाशित, वितरित या बेचा नहीं गया है।लोकसभा में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने नरवणे के 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट को पढ़ा और कहा ‘यह ट्वीट खुद नरवणे ने किया था। मेरी बात यह है कि या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन। दोनों सच नहीं हो सकते। गांधी ने कहा कि किताब अमेजन पर उपलब्ध है और नरवणे ने ट्वीट करके लोगों से इसे खरीदने को कहा था।पेंगुइन ने स्पष्ट किया कि उनके पास नरवणे की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

T20 WC: टी20 विश्वकप में परिवार साथ नहीं ले जा सकेंगे भारतीय खिलाड़ी, बीसीसीआई ने नहीं मानी क्रिकेटरों की मांग

T20 WC: टी20 विश्वकप में परिवार साथ नहीं ले जा सकेंगे भारतीय खिलाड़ी, बीसीसीआई ने नहीं मानी क्रिकेटरों की मांग और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं टी20 विश्वकप 2026 में भारतीय टीम के बेहतर प्रदर्शन के लिए बीसीसीआई ने सख्त कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने अपनी सख्त नीतियों पर कायम रहते हुए टी20 वर्ल्ड कप अभियान के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों और पार्टनर्स को उनके साथ रहने से रोक दिया है।सूत्रों के मुताबिक, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने मांग की थी कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनके परिवारों को भी साथ रहने की अनुमति दी जाए। हालांकि, खबर है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस मांग को फिलहाल ठुकरा दिया है। बोर्ड की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी आना बाकी है। ग्रुप स्टेज में तीन मैच अपने घर में बता दें, टी20 वर्ल्ड कप में इंडियन टीम ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबले भारत में ही खेलने वाली है। बीसीसीआई के नियम के मुताबिक 45 दिनों से ज्यादा चलने वाली सीरीज या टूर्नामेंट के लिए परिवार के सदस्य खिलाड़ियों के साथ 14 दिनों तक रह सकते हैं, जबकि छोटे टूर के लिए यह लिमिट घटाकर सिर्फ सात दिन कर दी गई है। ‘परिवार खिलाड़ियों के साथ नहीं रहेंगे’ इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम मैनेजमेंट ने क्रिकेटरों के परिवारों को उनके साथ रहने की इजाजत देने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

T20 WC: 'पुरानी ताकतों को हजम नहीं हो रहा', गावस्कर ने नासिर हुसैन को क्यों लताड़ा? सूर्यवंशी का दिया उदाहरण

T20 WC: ‘पुरानी ताकतों को हजम नहीं हो रहा’, गावस्कर ने नासिर हुसैन को क्यों लताड़ा? सूर्यवंशी का दिया उदाहरण और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं जब पाकिस्तान का यह ड्रामा शुरू हुआ था, तो कुछ क्रिकेट पंडितों ने पाकिस्तान और बांग्लादेश को अपना समर्थन दिखाया था और भारत पर सवाल उठाए थे। इनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन भी शामिल हैं। अब भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उन्हें करार जवाब देते हुए लताड़ा है। गावस्कर का कहना है कि पुरानी ताकतों को भारत का दम देखना पच नहीं रहा। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए नासिर हुसैन की जमकर खिंचाई की। आइए पूरा मामला जानते हैं… टी20 विश्वकप से पहले भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर शुरू हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा आखिरकार सोमवार को समाप्त हो गया। पाकिस्तानी सरकार ने पीसीबी और पाकिस्तान टीम से भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच में खेलने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले एक फरवरी को पाकिस्तानी सरकार ने बांग्लादेश के समर्थन में ड्रामा करते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कारण करने का एलान किया था। नौ दिन के ड्रामे के बाद और आईसीसी के चाबुक के बाद पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़े। क्या बोले थे नासिर हुसैन? दरअसल, भारत-पाकिस्तान मैच पर खड़े हुए बवाल के बीच नासिर हुसैन ने स्काई स्पोर्ट्स पॉडकास्ट में सवाल उठाया था कि क्या आईसीसी सभी ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

Rahul on Naravane Book: जनरल नरवणे की किताब पर रार के बीच बोले राहुल- 'मुझे पूर्व सेनाध्यक्ष पर पूरा भरोसा है'

राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के पुराने ट्वीट को मीडिया को दिखाते हुए कहा कि जनरल नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी किताब का लिंक साझा किया था। उन्होंने कहा, ‘अब या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर किताब का प्रकाशक पेंग्विन बुक्स झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंग्विन का कहना है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेजन पर उपलब्ध है। जनरल नवरणे ने भी साल 2023 में ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लोगों से अपनी किताब खरीदने की अपील की थी। मुझे पेंग्विन पर नहीं बल्कि पूर्व सेना प्रमुख पर विश्वास है।’ राहुल गांधी ने कहा कि ‘मेरा मानना है कि नरवणे ने जो किताब में बातें लिखी हैं, उनसे सरकार और भारत के प्रधानमंत्री असहज हो गए हैं।’ #WATCH | On Delhi Police files FIR to investigate alleged circulation of former Army chief General MM Naravane’s (Retd) unpublished book, LoP Lok Sabha Rahul Gandhi says," Here is a tweet from Mr Naravane which says -“Just follow the link to my book”. The point I am making is -… pic.twitter.com/zeHbtzJpjJ — ANI (@ANI) February 10, 2026 #WATCH | Delhi | On Delhi Police files FIR to investigate alleged circulation of former Army chief General MM Naravane’s (Retd) unpublished book, BJP MP Nishikant Dubey says," Penguin has released a statement saying that the book has not been printed or released and they will… pic.twitter.com/deIM6pgVw3 — ANI (@ANI) February 10, 2026 दरअसल पेंग्विन इंडिया ने एक बयान जारी कर साफ किया है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का प्रकाशन र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

Rajasthan Budget 2026: 1.50 लाख नौकरी, किसान सम्मान निधि, एक्सप्रेस-वे; जानें बजट में हो सकते हैं कौन से एलान

भजनलाल सरकार बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में आय-व्यय अनुमान पेश करेंगी। इस बजट से राजस्थान को अगले साल क्या मिलने वाला है, इस पर सभी की नजरें है। मौटे तौर पर बजट का फोकस किन सेक्टर्स पर होगा और कौन सी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं पढ़िए इस रिपोर्ट में… इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार की ओर से नई योजनाओं, भर्तियों और बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं की जा सकती हैं।भजनलाल सरकार नौकरियों को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में एक लाख नई नौकरियों का ऐलान किया गया था। इस बजट में करीब 1.50 लाख नई भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर केवल परीक्षा आधारित चयन लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने का भी एलान हो सकता है। सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है, वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की संभावना है।राजस्थान में इंफ्रा सेक्टर के लिए बजट में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इसमें बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड व नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ में ऐलान किया जा सकता है। जयपुर में मेट्रो फेज टू के लिए तय रूट में एयरपोर्ट टर्मिनल्स को शामिल करन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk

‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं..’, आत्मसमर्पण करने से पहले राजपाल का भावुक बयान; बोले- यहां कोई दोस्त नहीं

बॉलीवुड फिल्मों में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव पर इन दिनों मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ वक्त पहले एक चेक बाउंस मामले को लेकर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया है। सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने क्या कहा? क्यों वह बहुत भावुक नजर आए, जानिए? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजपाल यादव सरेंडर करने से पहले काफी दुखी, भावुक थे। न्यूज एक्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई रास्ता नहीं दिखता। यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा।’ इस तरह राजपाल यादव ने अपनी परेशानी मीडिया के सामने साझा की है।2 फरवरी को राजपाल यादव को यह निर्देश दिया गया था कि वह सरेंडर करें। अभिनेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि एक्टर ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और भुगतान करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगा था। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर करने के लिए समय बढ़ाने की राजपाल यादव की अर्जी खारिज कर दी। फिर बीते गुरुवार को अभिनेता ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 1 min · National Desk

फुटबॉल के देश में बैट-बॉल की वापसी: कैसे इटली में जन्मा, दबा और फिर जिंदा हुआ क्रिकेट? 230 साल पुरानी है कहानी

फुटबॉल के देश में बैट-बॉल की वापसी: कैसे इटली में जन्मा, दबा और फिर जिंदा हुआ क्रिकेट? 230 साल पुरानी है कहानी और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं यहीं से खेल की बुनियाद पड़ी। जो शुरुआत महज ब्रिटिश नाविकों के टाइमपास के रूप में हुई थी, वही धीरे-धीरे देश में इस खेल के बीज बो गई। समय के साथ क्रिकेट ने इटली की जमीन पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और अब हालात ऐसे हैं कि टीम वैश्विक मंच पर कदम रख चुकी है। इटली की टीम सोमवार को भले ही स्कॉटलैंड से हार गई हो, लेकिन उसने दम दिखाया। बल्लेबाजों और गेंदबाजों को देखकर लगा कि इनमें काबीलियत है। इटली आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भले ही पहली बार नजर आ रहा हो, लेकिन इस देश में क्रिकेट कोई नया खेल नहीं है। फुटबॉल भले ही आज इटली का जुनून हो, पर क्रिकेट की जड़ें यहां दो सौ साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। इटली में क्रिकेट नया नहीं है। आईसीसी के मुताबिक, इटली में क्रिकेट का पहला दर्ज मुकाबला 1793 में खेला गया था। उस समय ब्रिटिश नौसेना के नायक होराशियो नेल्सन ने नेपल्स के बंदरगाह पर अपने नाविकों के लिए मैच आयोजित कराया था। मकसद था कि जहाज किनारे खड़े रहने के दौरान नाविक व्यस्त रहें और किसी परेशानी में न पड़ें। बड़े इतालवी फुटबॉल क्लब की जड़ें भी क्रिकेट से जुड़ीं दिलचस्प बात यह है कि इटली के कुछ सबसे बड़े फुटबॉल क्लबों की जड़ें भी क्रिकेट से ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 10, 2026 · 2 min · National Desk