Noida Violence: दिल्ली के विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और सियासी दल ने मजदूरों को भड़काया, जांच में खुलासा

नोएडा में हुए बवाल को भड़काने के पीछे दिल्ली के एक विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और एक सियासी दल के लोगों का हाथ था। जांच के दायरे में आए सियासी दल का जुड़ाव कुछ नक्सली संगठनों से भी है। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच में इसके पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ इसमें शामिल लोगों को तेजी से चिन्हित कर रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा। मानेसर में भी भड़काई हिंसा सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में बवाल शुरू होने के बाद दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्रों का एक गुट वहां पहुंचा, जिसने मजदूरों के गुस्से को भड़काया। इस गुट ने ही गाड़ियों में आग लगाई और पुलिस को निशाना बनाया। इसके अलावा एक राजनीतिक दल के समर्थक भी उनके साथ नोएडा गए थे, जिन्होंने मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाया था।पुलिस की सख्ती बढ़ने पर उन्होंने वापस दिल्ली का रुख किया लेकिन कुछ मेट्रो स्टेशन से उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कबूला कि उनका मकसद मजदूरों के प्रदर्शन को हिंसक रूप देना था। जांच में यह भी सामने आया कि इसी गुट ने हरियाणा के मानेसर में बीती 9 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काने का प्रयास किया था ताकि औद्योगिक क्षेत्र में दंगा भड़क जाए। एसटीएफ इस मामले में तमाम ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप को खंगाल रही है, जिनके जरिये मजदूरों को भड़काया गया था। इस गुट से जुड़े लोगों का नोएडा या मानेसर में प्रदर्शन करने वालों से कोई वास्ता नहीं था। एसटीएफ नोएडा और मानेसर की घटना में शामिल लोगों का मिलान जांच के दायरे में आए व्हाट्सएप ग्रुप से कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव: 'एक घंटे में सात दावे, सभी झूठे', ट्रंप की नाकाबंदी पर गालिबाफ का सख्त पलटवार

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एक ओर दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर बयानबाजी ने हालात को और अधिक गरमा दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक घंटे में सात दावे किए, जिनमें से सातों झूठे थे। हालांकि गालिबाफ ने यह साफ नहीं किया कि वे किन बयानों की बात कर रहे थे। ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर मजबूर हो सकता है। गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (एक्स) पर लिखा कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही केवल तय रूट और ईरानी अनुमति के आधार पर ही होगी। उन्होंने साफ कहा कि नाकाबंदी जारी रही तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। उनके अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और इसे कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ रविवार से बातचीत आगे बढ़ेगी और इसका उद्देश्य स्थायी सीजफायर की दिशा में ठोस कदम उठाना होगा। उनके मुताबिक ईरान समुद्री रास्तों से हटाई गई माइन हटाने में अमेरिका की मदद कर रहा है। ये भी पढ़ें:- सीजफायर के साए में धमाका: लेबनान में इस्राइली हमला; मार्को रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री होर्मुज पर करेंगे मंथन इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंप देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

RPSC ने घोषित किया RAS-2024 का परिणाम: बाड़मेर के दिनेश ने किया टॉप, मेरिट लिस्ट में चार लड़कियां भी शामिल

आरएएस 2024 भर्ती प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के तीन चरण शामिल थे। प्रारंभिक परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा दी, जिसके पश्चात सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। साक्षात्कार प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 से शुरू होकर कई चरणों में पूरी हुई। अंतिम चरण के इंटरव्यू के साथ ही पूरी चयन प्रक्रिया संपन्न हुई।इस भर्ती के तहत 428 पद राज्य सेवाओं के लिए और 668 पद अधीनस्थ सेवाओं के लिए निर्धारित थे। आयोग ने मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया है। चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि आरएएस परीक्षा को राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। कई उम्मीदवारों ने अपनी सफलता पर खुशी जाहिर की और अपने परिवार तथा शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। वहीं, जो अभ्यर्थी इस बार सफल नहीं हो सके, वे अगले प्रयास की तैयारी में जुट गए हैं।आयोग ने साफ किया है कि चयनित अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के तहत दस्तावेज़ सत्यापन और नियुक्ति से संबंधित निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर आयोग की वेबसाइट पर अपडेट को लेकर नजर बनाए रखें। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में फिर शुरू होगी जंग?: 14 दिन के युद्धविराम पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- शायद आगे नहीं बढ़ाऊंगा

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष विराम को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा सीजफायर को आगे बढ़ाया भी जा सकता है और नहीं भी, यह पूरी तरह हालात पर निर्भर करेगा। एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर तय समय तक कोई समझौता नहीं होता है, तो सीजफायर को आगे बढ़ाने की संभावना कम हो सकती है। उनका यह बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका को और मजबूत करता है।ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी, लेकिन युद्ध विराम की स्थिति पर अंतिम फैसला बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात बिगड़ने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। ट्रंप ने कहा ‘शायद मैं इसे आगे न बढ़ाऊं, लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी। अगर समझौता नहीं हुआ तो हमें फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है।‘गौरतलब है कि मौजूदा सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है और इसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की एक नई कोशिश भी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मुलाकात कर सकते हैं। इस बातचीत का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए एक नया रास्ता निकालना है।इससे पहले 11 से 12 अप्रैल के बीच इस्लामाबाद में हुई वार्ता को ऐतिहासिक तो माना गया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका था। इस बातचीत की मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी और यह 1979 की ईरानी क्रांति के बाद पहली सीधी उच्च स्तरीय वार्ता थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: पीएम मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक आज, राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बड़े फैसलों की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सुबह 11:30 बजे होने वाली इस बैठक में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस ) देश की सुरक्षा से जुड़े हालात की समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री संसद में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) और कैबिनेट की बैठक को भी संबोधित करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी 1 अप्रैल को सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता कर चुके हैं, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में आगे की पहलों पर चर्चा हुई थी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत में पर्याप्त कोयला भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि बिजली और खाद्य सुरक्षा पर किसी तरह का संकट न आए।हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पाद, एलएनजी/एलपीजी और बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों की उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा बैठक में उर्वरक की उपलब्धता, खरीफ और रबी सीजन की तैयारियों, बिजली उत्पादन के लिए कोयला भंडार की स्थिति और किसानों की जरूरतों को पूरा करने से जुड़े उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

भारत के लिए खुशखबरी: एक महीने और खरीद सकेंगे रूसी तेल; ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई छूट, जानें कैसे होगा फायदा

वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर लगी छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पहले इस छूट को आगे न बढ़ाने के संकेत दिए गए थे। अब इस कदम को ट्रंप प्रशासन का बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। The U.S. Department of the Treasury’s Office of Foreign Assets Control (OFAC) has extended a waiver from sanctions to allow countries to buy Crude Oil and Petroleum Products of Russian Federation Origin Loaded on vessels until 16th May 2026. pic.twitter.com/bWs0gqfr7R — ANI (@ANI) April 18, 2026 अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने देर रात नया लाइसेंस जारी कर बताया कि अब देशों को 16 मई तक समुद्री मार्ग से रूसी तेल को खरीदने की अनुमति होगी। इससे पहले यह छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, इस लाइसेंस में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से संबंधित किसी भी लेन-देन को शामिल नहीं किया गया है।इस फैसले का मकसद वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करना है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इससे पहले अमेरिका ने 5 मार्च से भारत सहित कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए अस्थायी राहत दी थी। बाद में यह छूट अन्य देशों तक भी बढ़ाई गई थी, जिसकी अवधि 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी।इस फैसले से भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने में आसानी होगी। भारत पहले ही रूस से बड़े पैमाने पर तेल आयात कर रहा है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भरोसा दिलाया है कि रूस भारत को कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई और बढ़ाएगा। उन्होंने भारत को एक विश्वसनीय साझेदार बताया।एक यूरोप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: ट्रंप ने बताया कब होर्मुज से हटेगी नाकाबंदी; चारधाम यात्रा पर आज रवाना होगा यात्रियों का पहला जत्था

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और पश्चिम एशिया के हालात पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत लगातार चल रही है और यह प्रक्रिया आने वाले सप्ताहांत में भी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि इस वार्ता में कई अच्छी चीजें हो रही हैं, और इसमें लेबनान से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। चारधाम यात्रा के लिए ट्रांजिट कैंप में तीर्थयात्रियों का पंजीकरण शुरू हो गया है। पंजीकरण काम का सुबह छह बजे से शुरू हुआ और शाम तक चला। वहीं चारधाम यात्रा प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से 18 अप्रैल शनिवार को सीएम के दौरे को लेकर व्यवस्थाओं को लेकर बैठक की गई। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 1 min · National Desk

Women Reservation: संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद आगे की राह क्या? जानिए सबकुछ

परिसीमन अब जनगणना के बाद सरकार यदि कोई बदलाव नहीं करती है, तो परिसीमन अब 2026 की जनगणना के बाद होगा। 2002 में लागू संविधान के 84वें संशोधन अधिनियम-2001 ने 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा एवं विधानसभाओं में सीटों की कुल संख्या पर लगी रोक 2026 तक बढ़ाई थी। अब अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन का इंतजार करना होगा। यानी 2029 में महिला आरक्षण लागू नहीं हो सकेगा। 2026 के बाद, सीटों की संख्या बढ़ाने पर लगी रोक सांविधानिक रूप से हट जाएगी। सरकार जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर पाएगी। इसके लिए जो कानून बनेगा, उसे पारित करने के लिए सिर्फ सामान्य बहुमत जरूरी होगा। अब राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकेगा विधेयक संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है। उसका दोनों सदनों में अलग-अलग दो तिहाई बहुमत से पारित होना अनिवार्य है। लोकसभा में विधेयक गिर जाने पर वह वहीं खत्म हो जाता है। उसे फिर राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने की थी अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान से पहले सांसदों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की थी। उन्होंने कहा, समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने में उनका उचित स्थान मिले। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ऐसा कुछ भी न करें, जिससे पूरे भारत की महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे। करोड़ों महिलाएं हमें देख रही हैं। हमारे इरादों और फैसलों को। मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधनों के समर्थन का अनुरोध करता हूं। मैं सभी सांसदों से अपील करना चाहता हूं, कृपया अपनी अंतरात्मा से विचार करें, अपने परिवारों की महिलाओं को याद रखें। हमारी नारी शक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

'अब परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा ईरान': तेहरान पर ट्रंप का बड़ा दावा, बताया होर्मुज पर कब खत्म होगी नाकाबंदी?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और पश्चिम एशिया के हालात पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत लगातार चल रही है और यह प्रक्रिया आने वाले सप्ताहांत में भी जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि इस वार्ता में कई अच्छी चीजें हो रही हैं, और इसमें लेबनान से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। उनके अनुसार, अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई मतभेद हैं भी, तो उन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा क्योंकि कोई बड़ा अंतर नहीं दिख रहा है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि जैसे ही अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरी तरह साइन होगा, तब सभी तरह की रोक और तनाव खत्म हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित है। अपने बयान में ट्रंप ने आगे यह भी बताया कि होर्मुज पर लगाया गया अमेरिकी नाकाबंदी कब खत्म होगी?ट्रंप ने कहा कि यह दुनिया के लिए बेहतरीन और ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह खुला है और व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से आवाजाही शुरू हो गई है। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना और सैन्य ताकत का उपयोग करते हुए इस क्षेत्र में नौसैनिक दबाव बनाया था। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी सैन्य व्यवस्था उनके पहले कार्यकाल के दौरान तैयार की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ईरान के मामले में अपनी पूरी ताकत और प्रभाव बनाए रखेगा और जब दोनों देशों के बीच समझौता पूरी तरह से तय और हस्ताक्षरित हो जाएगा तब होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंदी को खत्म कर दिया जाएगा। ट्रंप के अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज खुला या नहीं?: ईरान की सरकारी मीडिया ने अराघची के फैसले पर उठाए सवाल, रास्ता खुलने के दावों पर संशय

पश्चिम एशिया में 48 दिनों से सुलग रहे तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आई राहत की खबर अब खुद सवालों के घेरे में है। पहले ईरान की ओर से इसे पूरी तरह खोलने का एलान किया गया, जिससे वैश्विक बाजारों में उम्मीद जगी, लेकिन अब उसी दावे पर ईरान के भीतर से ही तीखा विरोध और संदेह सामने आ गया है। ईरान की दो प्रमुख समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ गईं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। अमेरिका में भी महंगाई पिछले 4 साल में सबसे ज्यादा बढ़ी। पूरी बात को ऐसे समझिए कि ईरान की फार्स और मेहर जैसी प्रभावशाली समाचार एजेंसियों ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयान पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे हालात और उलझ गए हैं। शुक्रवार शाम में ईरान ने एलान किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया गया है और उन्हें आने-जाने की पूर्ण छूट दी गई है।इरान के एलान के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी माने जाने वाले फार्स न्यूज एजेंसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस फैसले पर हैरानी जताई। एजेंसी ने कहा कि इस मुद्दे पर देश की शीर्ष संस्था सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदऔर बातचीत करने वाली टीम की अजीब चुप्पी बनी हुई है। वहीं मेहर न्यूज एजेंसी ने भी कहा कि जलडमरूमध्य को खोलने का फैसला अभी पूरी तरह साफ नहीं है और इसके लिए देश के सर्वोच्च नेता की मंजूरी जरूरी है।बता दें कि ईरान में इस समय नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खबरों के अनुसार नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर भी अनिश्चितता है, क्योंकि युद्ध के दौरान उनके घायल होने की बात कही जा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 18, 2026 · 2 min · National Desk