फ्लाईदुबई विमान चाकूबाजी: नेतन्याहू बोले- बड़ी त्रासदी टली; यात्रियों और चालक दल को बताया 'हीरो'; और क्या कहा?

#WATCH | Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu: “This morning, there was a serious security incident on a flight from Dubai to Israel. Almost all the passengers on the flight were Israelis. During the flight, as they approached the country, one of the pilots stabbed the second… pic.twitter.com/hbR7xCNSjO — ANI (@ANI) September 30, 2026 नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने विमान में सवार एक इस्राइल यात्री से बात की। यात्री ने उन्हें बताया कि विमान अचानक घूमने लगा और नीचे की ओर जाने लगा था। प्रधानमंत्री के अनुसार, यात्री ने बताया कि वह चालक दल के एक सदस्य के साथ किसी तरह कॉकपिट में दाखिल होने में सफल रहा। दोनों ने उस पायलट को काबू में किया, जो विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने बताया कि विमान में मौजूद चालक दल के एक अन्य सदस्य ने भी कॉकपिट में प्रवेश किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। उन्होंने कहा, “मैं इन नायकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने असाधारण सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने एक बड़ी त्रासदी को होने से रोक दिया।“नेतन्याहू के अनुसार, विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतर गया। उन्होंने कहा कि विमान में सवार सभी यात्री खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे पायलट पर हमला करने वाले को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है और सऊदी अरब के अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। इस्राइली पीएम ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए इस्राइल संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।इस्राइली पीएम ने कहा कि उन्होंने सुरक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 1, 2026 · 2 min · National Desk

इराक से अमेरिकी सेना की वापसी पूरी: खत्म हुआ 12 साल का अभियान; ट्रंप ने क्या कहा, नई चुनौती क्या है?

अमेरिकी सेना के आखिरी सैनिक उत्तरी इराक के एक हवाई अड्डे से रवाना हुए। यह वापसी बगदाद और वाशिंगटन के बीच हुए समझौते के तहत हुई। ट्रंप ने 30 सितंबर की तय समय सीमा तक हुई वापसी को ‘व्यवस्थित’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दलदल में अमेरिका को शामिल करने के फैसले बहुत खराब थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह सब इतिहास का हिस्सा बन जाएगा।उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की वापसी अमेरिका और इराक की जीत है। उन्होंने इसे इस्लामिक स्टेट पर जीत का संकेत भी बताया।अमेरिकी सेना की वापसी पर दो साल पहले सहमति बनी थी। यह फैसला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस युद्ध का असर कई बार इराक तक भी पहुंचा है। ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों ने अमेरिकी सैनिकों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने इन गुटों के ठिकानों पर हमले किए हैं।ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब इस साल की शुरुआत में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के उनके फैसले की तुलना इराक युद्ध से की जा रही है। ईरान के साथ युद्ध अब सातवें महीने के करीब पहुंच गया है। इसकी तुलना इराक युद्ध से इसलिए की जा रही है, क्योंकि इस अभियान का मकसद भी स्पष्ट नहीं बताया गया था।हाल के वर्षों में वाशिंगटन ने पश्चिम एशिया से अपना फोकस एशिया की ओर करने की कोशिश की है। लेकिन यह बदलाव लगातार एक जैसा नहीं रहा। अमेरिकी रक्षा विभाग कभी पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करता रहा। फिर वह नए संघर्षों में उलझता रहा। इनमें ईरान के साथ चल रहा युद्ध भी शामिल है।इराक ने अमेरिकी अभियान के खत्म होने को देश की बढ़ती ताकत और संप्रभुता का संकेत बताया। ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी सेना की वापसी का स्वागत किया है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 1, 2026 · 2 min · National Desk

नीला ड्रम हत्याकांड: जज के सवाल पर मुस्कान ही बोली, पहले खामोश रहे दोनों आरोपी, फैसला सुन रोते हुए बैरक लौटे

1 of 10 मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला दिन बुधवार, 30 सितंबर… सुबह के करीब दस बजे मेरठ कचहरी में चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। मीडिया का जमावड़ा था तो आम लोगों की भी निगाहें जिला अदालत के फैसले पर टिकी थीं। वजह थी वह हत्याकांड जिसने मेरठ से लेकर देशभर तक लोगों को झकझोर दिया था। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे लोग नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जानते हैं। आज इसी मामले में फैसला होना था। दोपहर ढाई बजे तक फैसले की उम्मीद थी, लेकिन इंतजार शाम तक खिंच गया। दोपहर करीब दो बजे वकील, मृतक सौरभ की मां, बड़े भाई और अन्य परिजन कोर्ट पहुंचे। आखिरकार शाम करीब साढ़े चार बजे जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे लोग नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जानते हैं। आज इसी मामले में फैसला होना था। दोपहर ढाई बजे तक फैसले की उम्मीद थी, लेकिन इंतजार शाम तक खिंच गया। दोपहर करीब दो बजे वकील, मृतक सौरभ की मां, बड़े भाई और अन्य परिजन कोर्ट पहुंचे।आखिरकार शाम करीब साढ़े चार बजे जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। 2 of 10 सौरभ हत्याकांड, नीला ड्रम केस, मेरठ कोर्ट - फोटो : अमर उजाला सुबह से कचहरी में जुटती रही भीड़, फैसले पर टिकी रही हर नजर बुधवार सुबह करीब दस बजे से ही मेरठ कचहरी में हलचल बढ़ने लगी थी। मीडिया कर्मी अदालत परिसर में पहुंचने लगे थे। आम लोग भी इस चर्चित मामले के फैसले को जानने के लिए कचहरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

खत्म हुआ मानसून: 2001 के बाद चौथा सबसे कमजोर, कम बारिश और रिकॉर्ड गर्मी से बढ़ी चिंता; आईएमडी ने क्या कहा?

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम बुधवार को खत्म हो गया। इस साल देश में सामान्य से 12.6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जून से सितंबर के बीच देश में कुल 759.4 मिलीमीटर बारिश हुई। वर्ष 2001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बारिश है। इस बार मानसून के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की स्थिति में काफी अंतर देखने को मिला। पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर चारों महीनों में लगातार सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।आईएमडी के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, मानसून की शुरुआत कमजोर रही। जून और जुलाई के शुरुआती हिस्से में बारिश सामान्य से काफी कम रही। 15 जुलाई को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी बढ़कर 51.1 फीसदी तक पहुंच गई थी। जुलाई के अंतिम हिस्से और अगस्त की शुरुआत में बारिश में कुछ सुधार हुआ। इससे कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन यह सुधार लंबे समय तक नहीं रहा।अगस्त के मध्य से बारिश फिर सामान्य से कम हो गई। 9 सितंबर को समाप्त सप्ताह में बारिश की कमी 36.3 फीसदी तक पहुंच गई थी। मानसून के अंतिम चरण में बारिश की कमी कुछ कम हुई, लेकिन शुरुआती महीनों में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी।क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश हुई। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश 24 फीसदी कम रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्य भारत में स्थिति लगभग सामान्य रही और यहां बारिश में 2 फीसदी की कमी रही।राज्य और क्षेत्रवार देखें तो अरुणाचल प्रदेश में बारिश 44 फीसदी कम रही। असम और मेघालय में 39 फीसदी, बिहार में 32 फीसदी, पंजाब में 41 फीसदी, म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

सूखे के संकट के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: लोन वसूली के लिए बैंकों को निर्देश, मंत्री ने क्या कहा?

मीटिंग में बताया गया कि अभी राज्य में 560 टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है। इस दौरान पैनल के सदस्यों ने अगले मॉनसून तक 10 महीनों के लिए पीने के पानी की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सही प्लानिंग का सुझाव दिया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने बारिश कम होने के कारण राज्य के 358 तालुकों में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया है और राहत उपायों की घोषणा की है। इसमें फसल लोन का रीस्ट्रक्चरिंग, जमीन के राजस्व में छूट और बिजली बिल पर सब्सिडी भी शामिल हैं।सूखे की स्थिति घोषित करने और राहत कार्य शुरू करने के लिए सरकार ने सूखा प्रबंधन मैनुअल 2016 (2020 में अपडेटेड) और सूखा प्रबंधन कोड के तहत ‘ट्रिगर-1’ को एक्टिवेट कर दिया है। ‘ट्रिगर-1’ राज्य में सूखा फ्रेमवर्क का पहला चरण होता है। यह तब एक्टिवेट होता है जब बारिश में 25 प्रतिशत से ज्यादा की कमी हो और साथ ही 21 दिनों तक सूखा मौसम रहे। मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल के अनुसार, डिविजनल कमिश्नरों से राज्य के 265 तालुकों में पानी की कमी की स्थिति की सूचना मिली है। सूखे की यह स्थिति ‘ट्रिगर-1’ के मानदंड में आता है, जबकि 43 तालुके ‘ट्रिगर-2’ के तहत योग्य पाए गए हैं। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि 43 तालुकों और अन्य प्रभावित इलाकों के लिए जरूरी सरकारी आदेश बिना किसी प्रक्रियात्मक देरी के जारी किया जाना चाहिए। ‘ट्रिगर-2’ सूखा मूल्यांकन का दूसरा चरण है, इसमें कृषि संबंधी संकेतकों का इस्तेमाल करके सूखे की गंभीरता और वास्तविक असर का आकलन किया जाता है। इसमें मुख्य संकेतकों में फसल बोने वाले क्षेत्र का दायरा और फसल की कुल स्थिति/नुकसान, भूजल स्तर की स्थिति और बड़े जलाशयों में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

सियासत: राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना, बोले- पीएम मोदी चुनाव चुराने के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध बुधवार को और तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उन्हें चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार देश के अकेले ऐसे नागरिक हैं, जिन्हें आजीवन व्यापक कानूनी छूट मिली हुई है। यह आरोप ऐसे समय लगाया गया है, जब इंडिया गठबंधन के दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को आजीवन व्यापक कानूनी सुरक्षा क्यों मिली हुई है। इसके जवाब में उन्होंने खुद आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी उनका इस्तेमाल चुनाव ‘चुराने’ के लिए करते हैं। यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है। इसी मुद्दे पर इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है तथा मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मामलों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।इंडिया गठबंधन की बैठक में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल उठाए। खरगे ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्तिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

'पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं लगा सकते': दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला, समय के साथ तय होंगे मानक

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखे जलाने वाले मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक भावनाओं, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। जस्टिस एम. एम. सुंद्रेश ने कहा कि चौबीसों घंटे पटाखे जलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने संकेत दिया कि कोर्ट पटाखे जलाने के लिए तय समय और इस्तेमाल किए जा सकने वाले पटाखों के प्रकार पर विचार करेगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सीपीसीबी को बेरियम की जांच और डेसिबल लेवल तय करने, संयुक्त फायर टेस्ट के लिए समय भी दिया। अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 1 min · National Desk

अमर उजाला शब्द सम्मान-2026: प्रस्ताव भेजने की तारीख बढ़ी, अब 10 अक्तूबर तक भेजें प्रविष्टियां

कौन भेज सकते हैं प्रस्ताव? शब्द सम्मान-2026 के लिए कोई भी भारतीय नागरिक, लेखक, प्रकाशक या पाठक निर्धारित प्रपत्र में प्रस्ताव या अनुशंसा भेज सकता है। किस वर्ष के प्रकाशन मान्य होंगे? प्रपत्र कहां भेज सकते हैं प्रस्ताव? प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र के साथ संयोजक, अमर उजाला शब्द सम्मान, अमर उजाला फाउंडेशन, सी-21/22, सेक्टर-59, नोएडा-201301 के पते पर 10 अक्तूबर, 2026 तक पहुंच जाने चाहिए। कवर पर स्पष्ट अंकित करें कि प्रस्ताव किस श्रेणी के लिए है। शब्द सम्मान-2026 के लिए कोई भी भारतीय नागरिक, लेखक, प्रकाशक या पाठक निर्धारित प्रपत्र में प्रस्ताव या अनुशंसा भेज सकता है।प्रपत्र shabdsamman.amarujala.com से डाउनलोड किए जा सकते हैं। इस वर्ष विचारार्थ कृतियों की प्रकाशन अवधि वर्ष 2025 निर्धारित की गई है।प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र के साथ संयोजक, अमर उजाला शब्द सम्मान, अमर उजाला फाउंडेशन, सी-21/22, सेक्टर-59, नोएडा-201301 के पते पर 10 अक्तूबर, 2026 तक पहुंच जाने चाहिए। कवर पर स्पष्ट अंकित करें कि प्रस्ताव किस श्रेणी के लिए है। सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मानों के सफर का 8वां पड़ाव? किसी रचनाकार के समग्र अवदान और अनवरत रचनाधर्मिता के लिए दिए जाने वाले शिखर सम्मान आकाशदीप के तहत हिंदी भाषा और एक अन्य भारतीय भाषा के सर्जक को पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि भेंट की जाएगी। वर्ष की श्रेष्ठ कृतियों के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि के साथ पांच अन्य सम्मान… (थाप) लेखक की पहली कृति के लिए, (छाप) कविता, कथा व गैर-कथा श्रेणियों में तीन सम्मान और (भाषा बंधु) हिंदी एवं भारतीय भाषाओं में पारस्परिक अनुवाद के लिए। अब तक किन विभूतियों को मिला है सम्मान इस वर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका से तीसरे देशों में भेजे जा सकेंगे प्रवासी: ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत; क्या है नीति?

शीर्ष कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दलीलें सुनेगा। सवाल यह है कि क्या प्रवासियों को ऐसे देशों में भेजने से पहले अपनी आपत्ति रखने का उचित मौका मिलना चाहिए, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से निचली अदालत का फैसला फिलहाल रुक गया है। संघीय सरकार के वकीलों ने कहा कि निचली अदालत के फैसले के कारण एक निर्वासन उड़ान रद्द करनी पड़ी थी। इस उड़ान में करीब 70 लोगों को तीन देशों में भेजा जाना था। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ऐसी निर्वासन उड़ानों को अस्थायी रूप से जारी रखने की अनुमति दे चुका है। ये उड़ानें ट्रंप प्रशासन की प्रमुख नीतियों में शामिल हैं। यह मामला पिछले साल भी सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था। ट्रंप प्रशासन ने कई ऐसे समझौतों के तहत लोगों को तीसरे देशों में भेजा है। इनमें से कई समझौते गोपनीय रखे गए हैं। प्रशासन अब तक करीब 25 हजार लोगों को दो दर्जन से ज्यादा देशों में भेज चुका है। इनमें लाइबेरिया और गुयाना भी शामिल हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर लोगों को मैक्सिको भेजा गया है। ट्रंप प्रशासन कहता है कि जिन लोगों के खिलाफ निर्वासन का अंतिम आदेश है, उन्हें तीसरे देशों में भेजा जाता है। ऐसा तब किया जाता है, जब उन्हें उनके अपने देश वापस भेजना संभव नहीं होता। यह भी स्थिति हो सकती है कि उनका अपना देश उन्हें वापस लेने से इनकार कर दे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले में दोषसिद्धि हो चुकी है। ये भी पढ़ें: संघीय सरकार के वकीलों के अनुसार, तीसरे देशों की सरकारें यह भरोसा दिलाती हैं कि वहां भेजे गए लोगों को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। उन्हें यातना भी नहीं दी जाएगी। लेकिन कुछ प्रवासियों के साथ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk

सऊदी में तीन भारतीयों की रिहाई: चर्च ने पीएम मोदी और सरकार का जताया आभार; पत्र में क्या-क्या लिखा?

किन लोगों को रिहा किया गया? केरल स्थित इस चर्च के प्रमुख थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय के ‘ईमानदार और लगातार प्रयासों’ की सराहना की। इन प्रयासों के बाद डैन्नायमोन, लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचन को रिहा किया गया। एक विज्ञप्ति के अनुसार, थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने 9 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री और पीएमओ को धन्यवाद दिया। उन्होंने तीनों लोगों की रिहाई के लिए किए गए ‘ईमानदार और लगातार प्रयासों’ के लिए आभार जताया। ये भी पढ़ें: चर्च के प्रमुख ने क्या कहा? चर्च के प्रमुख ने कहा कि चर्च प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ‘तुरंत की गई कार्रवाई और संवेदनशीलता’ की गहराई से सराहना करता है। उन्होंने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के बीच हुए तालमेल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि तीनों की रिहाई से हिरासत में रखे गए लोगों, उनके परिवारों और पूरे समुदाय को बहुत बड़ी राहत और खुशी मिली है। पत्र में उन सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने तीनों लोगों की रिहाई में मदद की। पत्र में भारत सरकार की ओर से किए गए कूटनीतिक प्रयासों की भी तारीफ की गई। पत्र के अनुसार, तीनों हिरासत में रखे गए लोगों की रिहाई से उनके परिवारों और चर्च को काफी राहत मिली है। पत्र में और क्या कहा गया? चर्च के प्रमुख ने दखल और सहयोग के लिए भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए प्रार्थना की। उन्होंने देश और उसके लोगों की सेवा जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। पत्र में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 30, 2026 · 2 min · National Desk