Pradeep Rawat: नहीं रहे 'गजनी' फेम प्रदीप रावत, बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में निभाया था अश्वत्थामा का किरदार

‘महाभारत’ ने दिलाई घर-घर में पहचान प्रदीप रावत मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखते थे। वहीं उनका जन्म हुआ था। उनका लाइटिंग और कैमरों की दुनिया तक का सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर अनुभवी फिल्ममेकर बी.आर. चोपड़ा की नजर उनकी शानदार पर्सनैलिटी पर पड़ी। इसी वजह से उन्हें ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा का रोल मिला। इस रोल ने रावत को घर-घर में लोकप्रियता दिलाई। उनके करियर में एक अहम मोड़ साबित हुआ, जिससे सिनेमा में बड़े मौकों के दरवाजे खुले। इन फिल्मों में किया था काम प्रदीप रावत ने ‘अग्निपथ’, ‘बागी’, ‘कोयला’, ‘मेजर साहब’ और ‘सरफरोश’ जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया था। उन्होंने अधिकांश फिल्मों में सपोर्टिंग रोल निभाए। बावजूद इसके उन्होंने अपनी अच्छी पहचान बनाई। जब आमिर खान की ‘गजनी’ रिलीज हुई, तो बहुत कम लोगों को उम्मीद थी कि यह कमर्शियल रिकॉर्ड तोड़ेगी। यह फिल्म प्रदीप रावत के करियर के लिए भी एक माइलस्टोन बनी। आज भी, ‘गजनी’ का नाम आमिर खान के ट्रांसफॉर्मेशन के साथ-साथ प्रदीप रावत की जबर्दस्त और डरावनी परफॉर्मेंस के लिए भी जाना जाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 1 min · National Desk

UP: कंगना रणौत को बड़ी राहत, कोर्ट ने तलब कर बयान दर्ज कराने की याचिका की खारिज; 5 सितंबर को अगली सुनवाई

UP: कंगना रणौत को बड़ी राहत, कोर्ट ने तलब कर बयान दर्ज कराने की याचिका की खारिज; 5 सितंबर को अगली सुनवाई या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर केस में मंगलवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने कंगना रणौत को तलब कर बयान दर्ज कराने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अब 5 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। वादी के अधिवक्ताओं ने 6 जून को अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। इसमें कहा था कि थाना न्यू आगरा पुलिस ने वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, कंगना रणौत का बयान नहीं लिया गया। उनकी अधिवक्ता अनसूया चौधरी का बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो अधूरी है। प्रार्थनापत्र में अदालत से कंगना रणौत को तलब कर बयान दर्ज करने की याचना की गई थी। तर्क दिया था कि अधिवक्ता को पक्षकार की ओर से बयान देने का अधिकार नहीं होता। अदालत ने माना कि धारा 225 बीएनएसएस के प्रावधानों में अथवा अध्याय 16 बीएनएसएस धारा 223 से 226 के अंतर्गत उल्लेखित विपक्षी को तलब कर अदालत में बयान दर्ज कराने का प्रावधान नहीं है। विपक्षी की तरफ से पक्ष रखने के लिए उनके अधिवक्ता हाजिर हो चुके हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

मनमानी पर लगाम: नोएडा के सात निजी स्कूलों पर DM का बड़ा एक्शन, फीस बढ़ाने पर लगा एक-एक लाख रुपये का जुर्माना

पहले भी लग चुका 66 स्कूलों पर जुर्माना पहले भी 66 स्कूलों पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है,लेकिन किसी भी स्कूल की ओर से कोई जुर्माना जमा नहीं किया गया है। तत्कालीन डीआईओएस का कहना था कि स्कूलों की ओर से सूचना दी गई है कि उन्होंने कोविड काल में छात्रों की फीस माफ कर दी थी। इसके साथ ही कोई फीस में बढ़ोतरी नहीं की थी। वहीं तीन स्कूल द्वारा अतिरिक्त फीस लेने पर कारण बताने का निर्देश जारी कर अभिभावकों को अतिरिक्त फीस लौटाने का आदेश दिया। उसके बाद भी स्कूलों ने कोई फीस वापस नहीं की थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 1 min · National Desk

MEA: दो भारतीय अब भी लापता, यूक्रेन में जहाज पर हमले को लेकर विदेश मंत्रालय सख्त; PoJK चुनाव पर क्या कहा?

पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भारत ने क्या कहा? व्यापार समझौते और बांग्लादेश पर क्या जानकारी दी गई? म्यांमार सीमा और शेख हसीना के कार्यक्रम पर क्या बोला विदेश मंत्रालय? रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय दूतावास दोनों लापता नागरिकों के परिवारों के संपर्क में भी हैं और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खोज और बचाव अभियान यूक्रेन और रोमानिया के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय में चलाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि जब तक दोनों भारतीयों का पता नहीं चल जाता, तब तक सभी जरूरी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है।विदेश मंत्रालय ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को फिर कड़ा संदेश दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील करता है और विशेष रूप से पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे दूसरे चरण के स्थानीय चुनावों को भी दिखावा बताया। उनके अनुसार, वहां जनता विरोध कर रही है, जबकि पाकिस्तान दमन, गोलीबारी, ब्लैकआउट और डर का माहौल बनाकर चुनावों के जरिए वैधता दिखाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जून से अब तक कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं।विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काफी प्रगति हो चुकी है। कुछ मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है और दोनों देश इस दिशा में काम कर रह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

Politics: राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, बोले- दर्द में छात्र, उन्हें प्रधानमंत्री से माफी की जरूरत नहीं

देश में छात्रों के मुद्दे, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बहस तेज है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र दर्द में हैं, उन्हें माफी की नहीं बल्कि रोजगार, निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। क्या बोले राहुल गांधी, छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर? राहुल गांधी ने कहा कि छात्र रोजगार मांग रहे हैं, निष्पक्ष परीक्षाएं चाहते हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो सही तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री छात्रों को ‘माफ’ करने की बात करते हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं के भविष्य को माफ करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि ऐसा अधिकार उन्हें कहां से मिला। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा भारी पीड़ा में हैं। वे नौकरी की मांग कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। उनका कहना था कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार अलग दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आरएसएस की सोच पर राहुल गांधी ने क्या कहा? राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, खासकर आरएसएस की सोच के पीछे एक खतरनाक विचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोच भारत को उसकी विविधता के रूप में नहीं देखती। राहुल गांधी ने कहा कि भारत अनेक परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है और इसी विविधता का सम्मान होना चाहिए। संविधान में राज् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

Bankipur Election Result: 'जनता के बीच यह बदबू है...', अनंत सिंह ने बांकीपुर पर क्यों कही यह बात?

जनता को यह खेल पसंद नहीं अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद के हटने से जनता दुखी है। वह इनसब के लिए भाजपा को दोषी मानती है। यह खेल जनता को पसंद नहीं है। जनता में इस बात की बदबू है कि नीतीश कुमार के साथ भाजपा ने गलत किया। इस बात से जनता दुखी है। हालांकि, अनंत सिंह ने यह भी कहा कि इस बात में सच्चाई नहीं है। नीतीश कुमार ने अपने मन से मुख्यमंत्री पद का त्याग किया है। लेकिन, जनता यह सच नहीं समझ रही। अनंत सिंह ने राजद पर भी निशाना साधा है। कहा कि वह पार्टी ही नहीं है। एक आदमी उनके साथ चलने के लिए तैयार नहीं है। इस बार उनके वोट बैंक ने अपना मत बर्बाद नहीं किया। सारा वोट दूसरी ओर शिफ्ट हो गया। प्रशांत किशोर की जीत पर जनता दल यूनाईटेड के विधायक और बाहुबली अनंत सिंह ने कहा कि जनता मालिक है। उन्होंने जिन्हें वोट दिया, वहीं जीते। जनता जो चाहेगी वही होता है। वह जिसको चाहती है, उसे कुर्सी पर बैठा सकती है। जैसे जनता में हवा उड़ा दिया गया है कि भाजपा ने मनमानी कर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा दिया। हालांकि, ऐसी बात नहीं है मैंने इस बात का पता लगाया। अब इस बात को लेकर जनता में यह मैसेज गया कि हमलोगों ने 2025 के विधानसभा नीतीश कुमार को वोट दिया और भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा कर अपना मुख्यमंत्री बना दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक कांग्रेस में बगावत: 'पार्टी सब कुछ है, इस्तीफा तुरंत होगा मंजूर', नाराज विधायकों को सीएम ने दी चेतावनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी महत्वपूर्ण है। अगर वे इस्तीफा देते हैं, तो इसे कुछ ही मिनटों में स्वीकार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने असंतुष्ट विधायकों से धैर्य रखने और अपने अवसर की प्रतीक्षा करने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य द्वारा संचालित बोर्डों और निगमों में पद जल्द ही भरे जाएंगे। विधायकों द्वारा इस्तीफे की धमकी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा, ‘मुझे जो कहना था कह दिया है। राजनीति में इस्तीफे होते रहते हैं। कोई भी उन्हें इस्तीफा देने से नहीं रोक सकता। अगर उन्हें पार्टी और अपना भविष्य चाहिए, तो पार्टी महत्वपूर्ण है। अगर पार्टी है तो सब कुछ है। ‘धैर्य रखना जरूरी है’ यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा,’ धर्म सिंह और सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मुझे मंत्री नहीं बनाया गया था, इसलिए मैं भी इस्तीफा दे सकता था। क्या परमेश्वर (उपमुख्यमंत्री) और मैंने धैर्य नहीं रखा? वीरेंद्र पाटिल के मुख्यमंत्री रहते हुए बंगारप्पा, खरगे (एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे) और धर्म सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया था। क्या बंगारप्पा और सिंह बाद में मुख्यमंत्री नहीं बने? धैर्य रखना जरूरी है।’ सीएम ने सदस्यों और विधायकों से क्या कहा? उन्होंने कहा, ‘पार्टी के जिन सदस्यों और विधायकों को पहले बोर्ड और निगमों के सदस्य और प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें बताया गया था कि उनका कार्यकाल ढाई साल का होगा। इसमें पहले ही देरी हो चुकी है। मैं पहले अपने कार्यकर्ताओं से पदों से इस्तीफा देने और उन पदों को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

NEET-UG: ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर 6 अभ्यर्थी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, काउंसिलिंग से पहले सुनवाई की मांग

याचिका का जिक्र भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के समक्ष करते हुए काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई।वकील ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ से कहा कि मामला छह ऐसे छात्रों से जुड़ा है, जिन्होंने 600 और 650 से अधिक अंक हासिल किए हैं। उनका दावा है कि एनटीए की ओर से अपलोड की गई ओएमआर शीट में दर्ज उत्तर, परीक्षा के दौरान उनके द्वारा चिह्नित उत्तरों से अलग हैं।वकील ने अदालत को यह भी बताया कि छात्रों ने इस संबंध में एनटीए को ईमेल भेजे और उसके कार्यालय भी गए, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। नीट-यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद एनटीए ने 21 जून को परीक्षा दोबारा आयोजित कराई।नीट-यूजी 2026 परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उनकी उत्तर पुस्तिका (ओएमआर शीट) में उन्होंने जो उत्तर भरे थे, वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी से मेल नहीं खाते। इन छात्रों का कहना है कि कई प्रश्नों में उनके द्वारा भरे गए उत्तर बदल गए हैं या गलत तरीके से दर्ज दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनके अंक और रैंक प्रभावित हुई है।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि ओएमआर शीट में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच किए बिना प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो उन्हें अपूरणीय नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अब तक परीक्षा प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रणाली को सुरक्षित और पारदर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk

ई20 के विरोध में 'आप': पुलिस ने मार्च को रोका, 2 लाख से ज्यादा पिटीशन लेकर पीएम आवास जा रहे थे केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार दोपहर पीएम आवास तक अपने समर्थकों के साथ मार्च करने का एलान किा है। केजरीवाल और उनके साथी ई-20 पेट्रोल के विरोध में पार्टी मुख्यालय से दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ निकल चुके हैं और केजरीवाल पीएम को 2.33 लाख लोगों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका सौंपने निकले। हालांकि, दिल्ली पुलिस से मार्च की इजाजत नहीं मिली। जिसके चलते फिरोजशाह रोड पर पुलिस ने मार्च को रोक दिया। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता धरने पर बैठ गए। एक घंटे में पार्टी का धरना समाप्त हो गया। पुलिस ने एक गाड़ी में पिटीशन रखवाई और कहां कि प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायतें भेजी जाएंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 1 min · National Desk

Rajasthan: जोधपुर जेल में बंद आसाराम को 13 साल बाद बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल को दी मंजूरी

आसाराम की ओर से अधिवक्ता कालूराम भाटी और यशपाल सिंह राजपुरोहित ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पैरोल आवेदन को अस्वीकार करने की अनुशंसा की गई थी। पुलिस ने आशंका जताई थी कि पैरोल मिलने पर वह फरार हो सकता है। सरकार ने यह भी कहा कि उसके खिलाफ राजस्थान के बाहर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और गुजरात की एक अदालत भी उसे दोषी ठहरा चुकी है। सरकार ने अदालत के समक्ष यह तर्क भी रखा कि आसाराम उपचाराधीन है तथा मेडिकल अधिकारी ने पैरोल पर रिहाई के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इसके अलावा शिकायतकर्ता के परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आशंका जताई गई।ये भी पढ़ें-हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करने के बाद कहा कि आसाराम लगभग 13 वर्ष, एक माह और 24 दिन से जेल में है। इस दौरान उसे पहले अंतरिम जमानत भी मिली थी, लेकिन जमानत का दुरुपयोग करने, फरार होने, समाज या गवाहों को प्रभावित करने अथवा किसी को नुकसान पहुंचाने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई। ऐसे में केवल आशंकाओं के आधार पर पैरोल से वंचित नहीं किया जा सकता। खंडपीठ ने सरकार की ओर से जताई गई सभी आशंकाओं को निराधार मानते हुए आसाराम को 20 दिन की पहली पैरोल मंजूर कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा 25-25 हजार रुपये के दो सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा किया जाएगा। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसे नियमानुसार वापस जेल में उपस्थित होना होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 4, 2026 · 2 min · National Desk